अयोध्या: राम मंदिर ट्रस्ट में हालिया विवादों और दान चोरी के मामलों के बाद प्रशासनिक हलचल काफी तेज हो गई है। हाल ही में चंपत राय द्वारा लिखे गए खुले पत्र और SIT (विशेष जांच दल) को सौंपे गए लिखित बयानों के बाद से ट्रस्ट के भीतर बैठकों का दौर जारी है। आज सुबह 7:15 बजे गोविंद देव गिरि ने तीर्थ क्षेत्र भवन पहुंचकर चंपत राय से मुलाकात की, जो काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे एक दिन पहले ही कृष्ण मोहन और बजरंग लाल बागड़ा ने भी चंपत राय के साथ चर्चा की थी।
गोविंद देव गिरि और चंपत राय की बैठक के मायने
ट्रस्ट के पदाधिकारियों के बीच हो रही यह मुलाकात इसलिए भी चर्चा का विषय है क्योंकि पिछले दिनों चंपत राय के इस्तीफे की अफवाहें जोरों पर थीं। चंपत राय और कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि महाराज के बीच यह विशेष संवाद ऐसे समय में हो रहा है जब संघ और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने पूरे मामले की कमान अपने हाथों में ले ली है। हालांकि, ट्रस्ट भवन में मौजूद गोपाल राव इस बैठक का हिस्सा नहीं हैं। विपक्ष लगातार राम मंदिर ट्रस्ट पर सवाल उठा रहा है, जिसके चलते SIT द्वारा निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर दबाव बढ़ता जा रहा है।
चढ़ावा चोरी प्रकरण में जांच का दायरा बढ़ा
दान में मिलने वाले चढ़ावे की चोरी के विवाद में पुलिस कार्रवाई में तेजी आई है। अयोध्या प्रशासन ने कोर्ट से मामले में आरोपी तीन व्यक्तियों—लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करूणेश पांडेय—को एक दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस अब इन आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि चोरी के घटनाक्रम और अन्य संभावित संलिप्तताओं का पता लगाया जा सके। श्रद्धालु भी अपने बहुमूल्य चढ़ावे और दान की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, जिसके समाधान के लिए ट्रस्ट जल्द ही कोई ठोस कदम उठाने की रणनीति बना रहा है।











