पटना में बांकीपुर विधानसभा चुनाव का प्रचार अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है, जिसके चलते सभी राजनीतिक दल मैदान में अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। चुनाव प्रचार के लंबे समय तक नदारद रहने के बाद तेजस्वी यादव भी अब अंतिम दिनों में चुनावी मैदान में सक्रिय नजर आ रहे हैं और अपनी पार्टी की प्रत्याशी रेखा गुप्ता के समर्थन में लगातार रोड शो कर रहे हैं। इस सियासी गहमागहमी के बीच राजद समर्थकों का यह साफ तौर पर मानना है कि पिछली बार की तरह इस बार भी मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल के बीच ही है, जबकि जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर इस रे스 में प्रभावी स्थिति में नहीं हैं। स्थानीय स्तर पर कई लोगों ने यह आरोप लगाया है कि प्रशांत किशोर सिर्फ मतदाताओं के बीच भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि यादव, मुस्लिम और अन्य समुदायों के मतदाता इस बार पूरी तरह एकजुट होकर राजद उम्मीदवार रेखा गुप्ता के पक्ष में मतदान करने का मन बना चुके हैं। हालांकि, इस बार राजद वैश्य मतदाताओं को गोलबंद कर अपनी तरफ मोड़ने के लिए विशेष रणनीति के साथ जोर लगा रही है।
प्रशांत किशोर केवल भ्रम फैलाने का करते हैं काम
विकास यादव का कहना है कि प्रशांत किशोर पिछला चुनाव भी लड़ चुके हैं और तब जनता ने लगभग सभी सीटों पर उनकी जमानत जब्त कराकर उन्हें सिरे से नकार दिया था। बांकीपुर में भी उन्हें मात्र करीब 7 हजार वोट ही हासिल हुए थे। उनके मुताबिक, अब आम जनता उनकी चुनावी कार्यशैली और राजनीतिक तौर-तरीकों को भली-भांति समझ चुकी है। प्रशांत किशोर सिर्फ मतदाताओं को भ्रमित करने का एजेंडा चलाते हैं और ऐसा माहौल बनाने की कोशिश करते हैं कि मुकाबला मुख्य रूप से भाजपा और जनसुराज के बीच है तथा राजद इस रेस में तीसरे पायदान पर है। हालांकि, जमीनी हकीकत दावों से बिल्कुल उलट है। विकास यादव का यह भी दावा है कि इस बार यादव, बनिया और मुस्लिम समेत तमाम समाज के लोग आपसी एकजुटता दिखाते हुए रेखा गुप्ता के पक्ष में अपना वोट डालेंगे और असली टक्कर भाजपा तथा राजद के बीच ही देखने को मिलेगी।
भाजपा और राजद के बीच है सीधी जंग
कौशल किशोर यादव के अनुसार, बांकीपुर विधानसभा सीट पर इस बार रेखा गुप्ता प्रचंड मतों से जीत दर्ज करने जा रही हैं। उनका यह तर्क है कि इस बार वोटों का किसी भी तरह का बिखराव नहीं होगा और मतदाता एकजुट होकर लालटेन छाप पर अपनी मुहर लगाएंगे। रेखा गुप्ता की टक्कर प्रशांत किशोर से नहीं बल्कि सीधे तौर पर भाजपा उम्मीदवार से है। उनके अनुसार, प्रशांत किशोर इस चुनाव में केवल वोट काटने की भूमिका तक सीमित रहेंगे। पिछली बार रेखा गुप्ता दूसरे स्थान पर थीं, लेकिन इस बार भाजपा के साथ उनकी कांटे की टक्कर होगी। उनका यह भी दावा है कि प्रशांत किशोर अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा का वोट काटेंगे, जिसका पूरा राजनीतिक फायदा अंततः राजद को मिलेगा।
जमीनी स्तर पर कोई प्रभाव नहीं
गौतम शाह का कहना है कि प्रशांत किशोर केवल राजनीतिक माहौल बनाने की जुगत में हैं, लेकिन धरातल पर उनका कोई खास जनप्रभाव नजर नहीं आता। उन्हें इस चुनाव में किसी निर्दलीय प्रत्याशी से भी कम वोट मिलने की संभावना है। उनके अनुसार, इस बार बांकीपुर के लोग पूरी तरह एकजुट होकर केवल राजद के पक्ष में मतदान करने का पक्का मन बना चुके हैं। यही वजह है कि चुनावी मैदान में असली मुकाबला भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा और राजद प्रत्याशी रेखा गुप्ता के बीच ही सिमट कर रह गया है।
प्रशांत किशोर का नाम सुनते ही भड़के स्थानीय मतदाता
बांकीपुर के स्थानीय निवासी सुनील कुमार वर्मा प्रशांत किशोर का जिक्र आते ही काफी गुस्से में आ गए। उन्होंने तल्ख अंदाज में कहा कि इस व्यक्ति का नाम तक मत लीजिए, इस बार इनकी जमानत बच जाए यही बहुत बड़ी बात होगी और बांकीपुर की जनता ऐसे लोगों को चुनाव के जरिए करारा जवाब देगी। उन्होंने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि ये कोई पारंपरिक नेता नहीं बल्कि एक बिजनेसमैन हैं, जो अपनी रैलियों में गरीबों को पीछे धकेल देते हैं और केवल पैसे वाले लोगों को ही अहमियत देते हैं। यदि वे इस बार चुनाव लड़ रहे हैं तो उन्हें ऐसी करारी हार का सामना करना पड़ेगा कि वे दोबारा चुनाव लड़ने से पहले सौ बार सोचेंगे। उनका मानना है कि एक जनप्रतिनिधि ऐसा होना चाहिए जो जनता के हर सुख-दुख में उनके साथ खड़ा रहे और जरूरत पड़ने पर उनके हक के लिए लाठी खाने को भी तैयार रहे, जबकि प्रशांत किशोर में ऐसी कोई खूबी नहीं है। उन्होंने अंत में दोहराया कि मौजूदा माहौल को देखते हुए रेखा गुप्ता बेहद मजबूत स्थिति में हैं और मुख्य मुकाबला भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा तथा राजद की रेखा गुप्ता के बीच ही है।
लालू और तेजस्वी के समर्थन में एकजुट हो रहे लोग
विश्वनाथ प्रसाद गुप्ता का कहना है कि लालू प्रसाद यादव ने हमेशा समाज के गरीब तबके को एक मजबूत आवाज दी है, जबकि तेजस्वी यादव आज के युवाओं के सर्वमान्य नेता हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रशांत किशोर जिस तरह की कृत्रिम हवा बनाने की कोशिश कर रहे हैं, उसका चुनाव परिणामों पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। चुनाव खत्म होने के बाद प्रशांत किशोर यहां दोबारा नजर भी नहीं आएंगे। उन्होंने दृढ़ता के साथ कहा कि यादव और मुस्लिम सहित कई अन्य समुदायों के लोग एकजुट होकर रेखा गुप्ता के पक्ष में मतदान करने का पूरा मन बना चुके हैं और वे मैदान में भाजपा को कड़ी चुनौती देंगे।



















