उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बाराबंकी स्थित ऐतिहासिक लोधेश्वर महादेव मंदिर में पूरे विधि-विधान के साथ दर्शन और पूजा-अर्चना की। अपनी इस अहम यात्रा के दौरान उन्होंने एक विशाल जनसभा को भी संबोधित किया, जहां से उन्होंने राज्य के विकास और धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार को लेकर एक बड़ा ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वाराणसी के प्रतिष्ठित काशी विश्वनाथ मंदिर की तर्ज पर अब लोधेश्वर महादेव मंदिर का भी एक भव्य और विशाल कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस बड़े विकास कार्य की घोषणा के साथ ही उन्होंने मंच से विपक्षी दलों, विशेष रूप से समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला भी बोला।
विरासत की उपेक्षा और कब्रिस्तान की राजनीति का आरोप
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोधेश्वर महादेव मंदिर एक अत्यंत महत्वपूर्ण आस्था का केंद्र है, जहां आस-पास के कई जिलों से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने इस बात पर गहरी नाराजगी जताई कि इतनी बड़ी आस्था का केंद्र होने के बावजूद, यह मंदिर कई दशकों से पूरी तरह जीर्ण-शीर्ण हालत में पड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि 1947 से पहले विदेशी शासन के दौरान इस दुर्दशा को तो समझा जा सकता था, लेकिन देश की आजादी के इतने सालों बाद भी मंदिर की इस भयानक उपेक्षा को समझना बिल्कुल परे है। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में सिर्फ कब्रिस्तान के विकास और उसकी बाउंड्री वॉल बनाने के लिए काम किया, जबकि लोधेश्वर महादेव मंदिर के लिए उनके पास कोई योजना या फंड नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार ने भारत की सनातन विरासत के प्रतीक इस नए कॉरिडोर के लिए बाकायदा बजट आवंटित कर दिया है। उन्होंने भरोसा जताया कि जब यह कॉरिडोर बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएगा, तो काशी और अयोध्या की तरह ही यहां भी श्रद्धालु पूरे आनंद के साथ अपना आशीर्वाद देंगे।
कानून व्यवस्था पर कड़ा संदेश और ब्रह्मोस मिसाइल का जिक्र
प्रदेश की कानून व्यवस्था और सुरक्षा परिदृश्य पर चर्चा करते हुए सीएम योगी ने पिछली सरकारों के शासन मॉडल पर जोरदार तंज कसा। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों के दौरान पूरे राज्य में कट्टा और बम का खौफनाक राज चलता था, लेकिन आज का उत्तर प्रदेश बदल चुका है और अब यहां सीधे ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के राज की याद दिलाते हुए कहा कि उस दौर में एक बेहद प्रचलित कहावत थी कि 'देख सपाई, बेटी घबराई'। लेकिन आज हालात इतने बदल चुके हैं कि प्रदेश की बेटियां पूरी तरह से सुरक्षित महसूस कर रही हैं और व्यापारी भी बिना किसी डर या रंगदारी के अपना व्यापार बेखौफ चला रहे हैं। उन्होंने अपराधियों और उपद्रवियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आज के समय में कोई भी प्रदेश का माहौल बिगाड़ने या उपद्रव करने की कोशिश करेगा, तो उसके लिए केवल दो ही जगहें तय की गई हैं, या तो वह सीधा जेल जाएगा या फिर जहन्नुम। इसके अलावा, उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर धर्मनिरपेक्षता के नाम पर कांवड़ यात्रा और रामनवमी जैसे बेहद पवित्र हिंदू समारोहों पर रोक लगाने का भी गंभीर आरोप लगाया।
बड़े प्रोजेक्ट्स में भ्रष्टाचार और पैसों की बर्बादी का दावा
जनसभा में मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार और पिछली समाजवादी पार्टी की सरकार के वित्तीय प्रबंधन की विस्तार से तुलना की। उन्होंने भ्रष्टाचार के कई आंकड़े गिनाते हुए बताया कि पिछली सरकारों के राज में आम जनता के पैसे का किस तरह से भारी दुरुपयोग किया जाता था। उन्होंने राजधानी लखनऊ की जेपीएनआइसी (JPNIC) बिल्डिंग का ताजा उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि इस बिल्डिंग को सपा सरकार के कार्यकाल में मात्र 200 करोड़ रुपये में बनाकर तैयार किया जाना था, लेकिन जनता की गाढ़ी कमाई के 800 करोड़ रुपये खर्च कर दिए जाने के बाद भी यह इमारत आज तक पूरी तरह अधूरी पड़ी हुई है। इसके साथ ही उन्होंने बहुचर्चित पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान इस प्रोजेक्ट के लिए 15,200 करोड़ रुपये का भारी-भरकम टेंडर निकाला गया था, लेकिन जब उनकी सरकार सत्ता में आई, तो उन्होंने इसी प्रोजेक्ट को केवल 11,800 करोड़ रुपये में शानदार तरीके से पूरा करवा दिया। गोमती रिवर फ्रंट के मामले को उठाते हुए उन्होंने कहा कि वहां भी 1,700 करोड़ रुपये पानी की तरह बहा दिए गए, फिर भी वह काम अधूरा का अधूरा ही रह गया। उन्होंने जनता को याद दिलाया कि यह पैसा किसी सैफई परिवार की निजी संपत्ति नहीं है, बल्कि यह राज्य की जनता का पैसा है।
विकास का नया रास्ता और जनता से विशेष अपील
अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में मुख्यमंत्री ने बताया कि जो जनता का पैसा पहले बर्बाद होता था, अब उस पैसे का मुंह हमने पूरी तरह से लोधेश्वर महादेव कॉरिडोर के निर्माण की तरफ घुमा दिया है। उन्होंने विकास कार्यों की जानकारी देते हुए ऐलान किया कि इस भव्य कॉरिडोर के निर्माण के साथ-साथ मंदिर तक पहुंचने वाले रास्ते को भी शानदार बनाया जाएगा और इसके लिए एक फोर लेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। अपने भाषण का समापन करते हुए योगी आदित्यनाथ ने वहां मौजूद जनता को सपा और कांग्रेस से बेहद सतर्क रहने की स्पष्ट सलाह दी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति इन दलों से सटेगा, उसके लिए भविष्य का खतरा उतना ही ज्यादा बढ़ जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए हमेशा अच्छे लोगों को ही चुनें। अंत में उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कमल के फूल को अब स्वयं लोधेश्वर महादेव का भी सीधा आशीर्वाद प्राप्त हो गया है।




















