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भाजपा प्रवक्ता पद छोड़ने पर अड़े शहजाद पूनावाला, पार्टी नेतृत्व से इस्तीफा स्वीकार करने का पुनः आग्रह कियाराजनीति
17 अग॰ 2026, 5:59 pm (25 दिन पहले)· 1

भाजपा प्रवक्ता पद छोड़ने पर अड़े शहजाद पूनावाला, पार्टी नेतृत्व से इस्तीफा स्वीकार करने का पुनः आग्रह किया

पूर्व में इस्तीफा देने की पेशकश कर चुके शहजाद पूनावाला ने भारतीय जनता पार्टी से उनका त्यागपत्र जल्द से जल्द मंजूर करने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे निजी और वित्तीय कारणों से कॉरपोरेट जगत का रुख कर रहे हैं, लेकिन पार्टी की विचारधारा का समर्थन आगे भी जारी रखेंगे।

भारतीय जनता पार्टी में राष्ट्रीय प्रवक्ता का दायित्व संभाल चुके शहजाद पूनावाला ने संगठन से अपना इस्तीफा तुरंत स्वीकार करने का एक बार फिर औपचारिक आग्रह किया है। जुलाई के अंतिम सप्ताह में पार्टी के तमाम पदों और प्राथमिक सदस्यता से हटने की पेशकश करने वाले पूनावाला ने साफ किया है कि वे संगठन की व्यवस्था से अलग हो रहे हैं, लेकिन पार्टी के विचारों और नेतृत्व के प्रति उनकी निष्ठा में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 17 अगस्त को लिखे गए अपने पत्र की प्रति साझा करते हुए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से राहत देने का अनुरोध दोहराया है। उनके इस फैसले से राजनीतिक हलकों में हलचल देखी जा रही है।

निर्णय पर पुनर्विचार के बाद इस्तीफे पर अडिग

शहजाद पूनावाला ने अपनी बात रखते हुए बताया कि उन्होंने 30 जुलाई को सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी के सभी दायित्वों और प्राथमिक सदस्यता से बिना शर्त हटने की इच्छा जताई थी। उस दौरान पार्टी नेतृत्व ने उनके त्यागपत्र को तत्काल प्रभाव से स्वीकार करने के बजाय उन्हें अपने कदम पर पुनः विचार करने की सलाह दी थी। हालांकि, लंबे समय तक गहन सोच-विचार करने और बीते दिनों के विभिन्न घटनाक्रमों का हवाला देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपने पिछले निर्णय पर ही बने रहने के लिए विवश हैं। पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन को संबोधित अपने पत्र में उन्होंने निवेदन किया कि उनके इस्तीफे को अब औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी जाए ताकि वे राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद और सक्रिय सदस्यता से मुक्त हो सकें।

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निजी क्षेत्र में करियर और वित्तीय जरूरतें

अपने इस बड़े फैसले के कारणों पर प्रकाश डालते हुए पूनावाला ने किसी भी प्रकार के वैचारिक मतभेद या पार्टी से नाराजगी की अटकलों को खारिज किया है। उन्होंने खुलकर बताया कि वित्तीय और व्यक्तिगत प्राथमिकताओं की वजह से उन्होंने कॉरपोरेट या प्राइवेट सेक्टर में कदम रखने का मन बनाया है। पूनावाला के अनुसार, यह फैसला उनकी निजी परिस्थितियों और भावी जरूरतों पर आधारित है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भले ही वे औपचारिक तौर पर पार्टी के दैनिक कामकाज या सांगठनिक ढांचे का हिस्सा न रहें, लेकिन जहां भी संभव होगा, वे केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के विजन का समर्थन जारी रखेंगे।

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का व्यक्त किया आभार

अपने सार्वजनिक संदेश और पत्र में पूनावाला ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के प्रति गहरी कृतज्ञता जताई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी प्रमुख नितिन नबीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संगठन महासचिव बीएल संतोष का नाम लेते हुए उनका धन्यवाद किया। पूनावाला ने कहा कि पिछले पांच सालों के दौरान पार्टी ने उन्हें जिस तरह का मंच और जिम्मेदारियां दीं, उसके लिए वे दिल से आभारी हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि उनके मन में कोई शिकवा या कड़वाहट नहीं है, बल्कि केवल आभार, स्नेह और उच्चतम सम्मान का भाव है।

विचारधारा और पसमांदा पृष्ठभूमि पर अपनी बात

इस्तीफे के साथ ही पूनावाला ने अपनी राजनीतिक और सामाजिक यात्रा के विशिष्ट पहलुओं को भी रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे केवल सांगठनिक व्यवस्था छोड़ रहे हैं, किसी व्यक्ति या विचारधारा को नहीं। अपने संदेश में उन्होंने जिक्र किया कि एक गैर-राजनीतिक परिवार से आने वाले और पसमांदा मुस्लिम पृष्ठभूमि वाले युवा के लिए ऐसा अवसर और सम्मान केवल इसी मंच पर संभव हो सका। उन्होंने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत और मेक इंडिया ग्रेट अगेन के राष्ट्रीय मिशन के प्रति उनका समर्पण और उत्साह हमेशा बना रहेगा।

सवाल-जवाब

शहजाद पूनावाला ने इस्तीफा स्वीकार करने का आग्रह क्यों किया है?
शहजाद पूनावाला ने व्यक्तिगत और वित्तीय कारणों का हवाला देते हुए निजी क्षेत्र में काम करने के लिए अपना इस्तीफा मंजूर करने की अपील की है।
पूनावाला ने सबसे पहले इस्तीफा कब दिया था?
उन्होंने 30 जुलाई को पहली बार पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से बिना शर्त इस्तीफा देने की पेशकश की थी।
क्या शहजाद पूनावाला भाजपा की विचारधारा छोड़ रहे हैं?
नहीं, उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे केवल व्यवस्था छोड़ रहे हैं, किसी व्यक्ति या विचारधारा को नहीं।
इस्तीफे के पत्र में पूनावाला ने किन प्रमुख नेताओं का आभार व्यक्त किया?
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संगठन महासचिव बीएल संतोष का धन्यवाद किया।
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