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चार बार सत्ता संभालने वाले चंद्रभानु गुप्त और मायावती से लेकर योगी आदित्यनाथ तक, जानिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों का रिकॉर्डराजनीति
9 सित॰ 2026, 4:30 pm (2 घंटे पहले)· 2

चार बार सत्ता संभालने वाले चंद्रभानु गुप्त और मायावती से लेकर योगी आदित्यनाथ तक, जानिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों का रिकॉर्ड

उत्तर प्रदेश की राजनीति में सबसे ज्यादा चार बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड चंद्रभानु गुप्त और मायावती के नाम संयुक्त रूप से दर्ज है, जबकि मुलायम सिंह यादव, नारायण दत्त तिवारी और योगी आदित्यनाथ का स्थान आधिकारिक विधानसभा रिकॉर्ड में बेहद खास है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति का इतिहास बेहद समृद्ध और उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। देश के सबसे बड़े राज्य में मुख्यमंत्री की कुर्सी का राजनीतिक महत्व हमेशा सर्वोच्च रहा है। सत्ता के इस गलियारे में कई बड़े नेताओं ने अपनी राजनीतिक यात्रा की सबसे महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं। राज्य के संसदीय इतिहास में कुछ नेताओं ने लंबे समय तक स्थिर सरकार चलाई, तो कई नेताओं का कार्यकाल कुछ ही महीनों में समाप्त हो गया। जब उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक बार मुख्यमंत्री बनने के रिकॉर्ड की बात आती है, तो आधिकारिक विधानसभा अभिलेख एक दिलचस्प आंकड़ा प्रस्तुत करते हैं। राज्य में किसी एक नेता के नाम सबसे अधिक बार मुख्यमंत्री बनने का एकल रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि दो वरिष्ठ नेताओं ने चार-चार बार इस पद की जिम्मेदारी संभालकर यह शीर्ष स्थान साझा किया है।

शीर्ष स्थान पर साझा रिकॉर्ड: चंद्रभानु गुप्त की चार पारियां

उत्तर प्रदेश के शुरुआती राजनीतिक दौर में कांग्रेस के प्रमुख नेता चंद्रभानु गुप्त का नाम बेहद प्रभावशाली रहा। विधानसभा के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चंद्रभानु गुप्त ने चार अलग-अलग कार्यकालों में राज्य के मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली। उनका पहला कार्यकाल 7 दिसंबर 1960 को शुरू हुआ था, जो 14 मार्च 1962 तक चला। इसके बाद उन्होंने 14 मार्च 1962 से 1 अक्टूबर 1963 तक दूसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। राजनीति के बदलते समीकरणों के बीच चंद्रभानु गुप्त 14 मार्च 1967 को तीसरी बार मुख्यमंत्री बने, लेकिन यह कार्यकाल काफी छोटा रहा और 2 अप्रैल 1967 को समाप्त हो गया। इसके बाद लगभग दो वर्ष बाद 26 फरवरी 1969 को उन्होंने चौथी बार राज्य की कमान संभाली और 17 फरवरी 1970 तक इस पद पर रहे। इन चार अलग-अलग समय अवधि के कारण चंद्रभानु गुप्त का नाम यूपी में सर्वाधिक बार मुख्यमंत्री बनने वाले नेताओं में प्रमुखता से दर्ज है।

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मायावती का ऐतिहासिक रिकॉर्ड और पूर्ण बहुमत का कार्यकाल

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया इतिहास रचा और चंद्रभानु गुप्त के चार बार मुख्यमंत्री बनने के रिकॉर्ड की बराबरी की। मायावती पहली बार 3 जून 1995 को उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनी थीं, जो राज्य के राजनीतिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण क्षण था। इसके बाद उन्होंने 21 मार्च 1997 को दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। मायावती का तीसरा कार्यकाल 3 मई 2002 से शुरू हुआ। इसके बाद वर्ष 2007 के विधानसभा चुनावों में बहुजन समाज पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला और 13 मई 2007 को मायावती ने चौथी बार मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। उनका यह चौथा कार्यकाल 15 मार्च 2012 तक सफलतापूर्वक चला। मायावती के नाम उत्तर प्रदेश की पहली दलित महिला मुख्यमंत्री बनने का गौरव दर्ज है। इसके साथ ही वर्ष 2007 से 2012 तक उन्होंने पांच साल का अपना पूर्ण कार्यकाल भी सफलतापूर्वक पूरा किया।

तीन बार मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने वाले दिग्गज नेता

उत्तर प्रदेश की राजनीति में तीन-तीन बार मुख्यमंत्री पद संभालने वाले दो प्रमुख नेताओं के नाम दर्ज हैं, जिनमें मुलायम सिंह यादव और नारायण दत्त तिवारी शामिल हैं। समाजवादियों के बड़े चेहरा माने जाने वाले मुलायम सिंह यादव ने पहली बार 5 दिसंबर 1989 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और 24 जून 1991 तक इस पद पर रहे। इसके बाद उन्होंने 4 दिसंबर 1993 को दूसरी बार राज्य की कमान संभाली और 3 जून 1995 तक सरकार चलाई। मुलायम सिंह यादव 29 अगस्त 2003 को तीसरी बार मुख्यमंत्री बने और उनका यह कार्यकाल 13 मई 2007 तक चला।

इसी क्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नारायण दत्त तिवारी ने भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में तीन अलग-अलग पारियां खेलीं। नारायण दत्त तिवारी का पहला कार्यकाल जनवरी 1976 से अप्रैल 1977 तक रहा। इसके बाद उन्होंने अगस्त 1984 से सितंबर 1985 तक दूसरी बार और फिर जून 1988 से दिसंबर 1989 तक तीसरी बार राज्य का नेतृत्व किया। नारायण दत्त तिवारी के नाम एक और विशिष्ट उपलब्धि दर्ज है, क्योंकि उन्होंने उत्तर प्रदेश के साथ-साथ बाद में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद का दायित्व भी संभाला।

योगी आदित्यनाथ का स्थान और लगातार लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड

वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संदर्भ में विधानसभा की आधिकारिक सूची दर्शाती है कि उन्होंने 19 मार्च 2017 को पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद उन्होंने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। आधिकारिक विधानसभा रिकॉर्ड में उनका कार्यकाल 19 मार्च 2017 से निरंतर दर्ज है। शपथ ग्रहण और अलग-अलग मौकों की संख्या के आधार पर योगी आदित्यनाथ अभी चंद्रभानु गुप्त और मायावती (चार बार) तथा मुलायम सिंह यादव और नारायण दत्त तिवारी (तीन बार) से पीछे हैं। हालांकि, योगी आदित्यनाथ के नाम उत्तर प्रदेश में लगातार सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर रहने का एक अलग और मजबूत रिकॉर्ड दर्ज हो चुका है।

विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड का सार

उत्तर प्रदेश के संसदीय इतिहास का विश्लेषण करने पर स्पष्ट होता है कि राज्य में सबसे ज्यादा बार मुख्यमंत्री बनने का कीर्तिमान दो नेताओं, चंद्रभानु गुप्त और मायावती के नाम संयुक्त रूप से दर्ज है, जिन्होंने चार-चार बार राज्य का नेतृत्व किया। इसके ठीक पीछे तीन-तीन बार मुख्यमंत्री रहने वाले मुलायम सिंह यादव और नारायण दत्त तिवारी का स्थान है। वहीं दो बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले योगी आदित्यनाथ भले ही बार-बार पद संभालने की संख्या में पीछे दिखते हों, लेकिन लगातार लंबे समय तक शासन चलाने के मामले में उनका नाम राज्य के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड बना चुका है।

सवाल-जवाब

उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड किसके नाम है?
यह रिकॉर्ड किसी एक नेता के नाम नहीं है; चंद्रभानु गुप्त और मायावती दोनों चार-चार अलग-अलग मौकों पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं।
मायावती पहली बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री कब बनी थीं?
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती पहली बार 3 जून 1995 को उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनी थीं।
मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कितनी बार बने?
मुलायम सिंह यादव आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार कुल तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर रहे।
नारायण दत्त तिवारी के नाम कौन सा अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है?
नारायण दत्त तिवारी उत्तर प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे और बाद में उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद का भी दायित्व संभाला।
योगी आदित्यनाथ के नाम उत्तर प्रदेश में क्या रिकॉर्ड है?
योगी आदित्यनाथ दो बार मुख्यमंत्री बने हैं और उनके नाम उत्तर प्रदेश में सबसे लंबे लगातार कार्यकाल का रिकॉर्ड है।
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