सावन का पवित्र महीना और सोमवार का दिन भगवान शिव की उपासना के लिए बेहद खास माना जाता है। इसी गहरी आस्था और समर्पण का अनूठा उदाहरण जोधपुर में देखने को मिला, जहां महिलाओं की ओर से एक भव्य डाक कांवड़ यात्रा निकाली गई। यह धार्मिक आयोजन सावन मास के दूसरे सोमवार को शहर के प्रतापनगर इलाके से शुरू हुआ, जिसे प्रतापनगर की महिला मंडली ने बड़े उत्साह के साथ आयोजित किया।
गौरो के तालाब से शुरू हुआ आस्था का सफर
इस धार्मिक यात्रा की शुरुआत गौरो के तालाब मंदिर से हुई। यहां महिलाओं ने सबसे पहले विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और कलश में जल भरा। इसके बाद सैकड़ों महिलाओं ने अपने कंधों पर कांवड़ उठाकर शिवभक्ति की एक अद्भुत मिसाल पेश की। गौरो के तालाब से सिर पर कलश रखकर और भगवान शिव के जयकारों के साथ जैसे ही यह यात्रा आगे बढ़ी, पूरा इलाका शिवमय हो गया।
ढोल-नगाड़ों के साथ गूंजे हर-हर महादेव के नारे
यात्रा के दौरान माहौल पूरी तरह से भक्ति से सराबोर था। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक गाजे-बाजे के साथ इस यात्रा की अगुवाई की गई। करीब दो घंटे तक चली इस धार्मिक यात्रा में महिलाओं का उत्साह देखते ही बनता था। रास्ते भर सभी ने मिलकर हर-हर महादेव के जयकारे लगाए, जिससे आसपास का पूरा वातावरण पूरी तरह से शिव की भक्ति में लीन नजर आया।
अचलनाथ महादेव मंदिर में हुआ समापन और जलाभिषेक
यह डाक कांवड़ यात्रा जोधपुर के ऐतिहासिक और प्राचीन अचलनाथ महादेव मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। यहां पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत तरीके से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया गया। पूजा-पाठ के बाद सभी भक्तों ने मिलकर शिव आरती की और महादेव से अपने परिवार तथा शहर के लिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
फूलों की वर्षा और स्थानीय लोगों का सहयोग
इस आयोजन में भारी संख्या में महिला श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। इसके अलावा स्थानीय निवासियों और आम लोगों ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग किया और रास्ते में जगह-जगह कांवड़ यात्रा पर फूलों की वर्षा करके इसका स्वागत किया। इस पूरे आयोजन के दौरान पूरा शहर शिव की भक्ति में डूबा हुआ दिखाई दिया।



















