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डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा चुनावी वादा, मिडटर्म चुनाव जीतने पर हर अमेरिकी नागरिक को मिलेंगे पांच हजार डॉलरराजनीति
10 सित॰ 2026, 12:23 pm (2 दिन पहले)· 2

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा चुनावी वादा, मिडटर्म चुनाव जीतने पर हर अमेरिकी नागरिक को मिलेंगे पांच हजार डॉलर

डोनाल्ड ट्रंप ने रिपब्लिकन पार्टी की जीत पर हर अमेरिकी वयस्क को पांच हजार डॉलर का भुगतान करने का ऐलान किया है। पार्टी के एक सम्मेलन के दौरान उन्होंने यह बात कही।

अमेरिकी राजनीतिक गलियारों में उस समय हलचल तेज हो गई जब डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़े आर्थिक प्रोत्साहन का ऐलान किया। टेक्सास में आयोजित रिपब्लिकन मिडटर्म कन्वेंशन में बोलते हुए उन्होंने दावा किया कि यदि उनकी पार्टी आगामी मध्यावधि चुनावों में संसद के दोनों सदनों पर अपना नियंत्रण बनाए रखती है, तो देश के प्रत्येक वयस्क नागरिक को पांच हजार डॉलर की राशि दी जाएगी।

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनका यह वादा रिपब्लिकन पार्टी को चुनाव जिताने के लिए अकेला ही काफी साबित होना चाहिए। उनके इस भाषण को नवंबर में होने वाले मतदान से पहले पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक को बूथ तक खींचने की एक बड़ी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

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रिपब्लिकन नेशनल कमेटी के सामने इस समय सबसे बड़ी चिंता मतदाताओं की कम उपस्थिति को लेकर बनी हुई है। इस आशंका पर काम करते हुए कि इस बार मतपत्र पर डोनाल्ड ट्रंप का नाम न होने के कारण पार्टी समर्थक मतदान केंद्रों से दूर रह सकते हैं, इस तरह के लुभावने दांव खेले जा रहे हैं। हालांकि विश्लेषक इस बात पर संशय में हैं कि यह कोई ठोस नीतिगत प्रस्ताव है या केवल समर्थकों में उत्साह भरने का एक राजनीतिक हथकंडा, क्योंकि इससे पहले भी डॉज डिविडेंड और टैरिफ चेक जैसे वादे किए जा चुके हैं जो कभी अमलीजामा नहीं पहन सके।

यदि इस योजना के वित्तीय पहलुओं पर नजर डाली जाए तो संयुक्त राज्य अमेरिका के लगभग चौबीस करोड़ वयस्कों को पांच हजार डॉलर के हिसाब से भुगतान करने पर कुल खर्च करीब एक लाख बीस हजार करोड़ डॉलर यानी 1.2 ट्रिलियन डॉलर बैठेगा। पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के आंकड़ों के अनुसार, यह भारी-भरकम राशि जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच सीमा शुल्क से एकत्रित कुल चौबीस अरब डॉलर से बहुत अधिक है।

स्थिति तब और अधिक जटिल हो जाती है जब फरवरी में सर्वोच्च न्यायालय के उस फैसले को ध्यान में रखा जाता है जिसके तहत अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम 1977 के अंतर्गत लगाए गए शुल्कों को अवैध ठहराया गया था। अदालत के आदेशों के बाद प्रशासन को ब्याज सहित रिफंड देना पड़ रहा है, जो प्रति माह लगभग छप्पन करोड़ डॉलर की दर से बढ़ रहा है।

इन सभी रिफंड और कानूनी देनदारियों को समायोजित करने के बाद शुद्ध राजस्व लगभग एक सौ अठारह अरब डॉलर तक आ जाता है। ऐसे में इस वादे को पूरा करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप को वित्त वर्ष 2027 के लिए प्रस्तावित अठारह अरब डॉलर से अधिक के बजट के अलावा कांग्रेस से एक लाख आठ हजार करोड़ डॉलर की अतिरिक्त मंजूरी लेनी होगी।

सवाल-जवाब

डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के नागरिकों को कितने रुपये देने का वादा किया है?
डोनाल्ड ट्रंप ने रिपब्लिकन पार्टी के मिडटर्म चुनाव जीतने पर हर अमेरिकी वयस्क नागरिक को पांच हजार डॉलर देने का वादा किया है।
इस योजना पर कुल कितना खर्च आने का अनुमान है?
चौबीस करोड़ वयस्क नागरिकों को पांच हजार डॉलर देने पर कुल खर्च लगभग 1.2 ट्रिलियन डॉलर बैठेगा।
इस वादे को पूरा करने के लिए क्या करना होगा?
डोनाल्ड ट्रंप को इस योजना के लिए कांग्रेस से एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक की अतिरिक्त राशि की मंजूरी लेनी होगी।
क्या इससे पहले भी ऐसे वादे किए गए थे?
हां, इससे पहले डॉज डिविडेंड और टैरिफ चेक देने के वादे किए गए थे जो कभी लागू नहीं हो सके।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 दिन पहले

इस चुनावी वादे के वित्तीय और कानूनी पहलू गहरी जांच की मांग करते हैं। विश्वविद्यालय के आंकड़ों के अनुसार १.२ ट्रिलियन डॉलर के भारी खर्च और अदालत के आदेशों के बाद बढ़ते रिफंड के बोझ के बीच, कांग्रेस से अतिरिक्त बजट मंजूरी हासिल करना एक बड़ी चुनौती होगी। यदि यह प्रस्ताव कानूनी और विधाई बाधाओं में फंसता है, तो सार्वजनिक विश्वास और अर्थव्यवस्था पर इसके दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·1 दिन पहले

यह चुनावी घोषणा मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए तो ठीक है, लेकिन इसके वित्तीय और कानूनी समीकरण पूरी तरह से अव्यवहारिक नजर आते हैं। जब लगभग 1.2 ट्रिलियन डॉलर के भारी-भरकम खर्च के मुकाबले शुद्ध राजस्व सिर्फ 118 अरब डॉलर के आसपास सिमट रहा हो, तब कांग्रेस से अतिरिक्त बजट मंजूरी लेना और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद कानूनी देनदारियों को संभालना लगभग असंभव होगा। यदि यह प्रस्ताव सिर्फ राजनीतिक हथकंडा साबित हुआ, तो इसका सीधा असर रिपब्लिकन पार्टी की विश्वसनीयता पर पड़ेगा और भविष्य के विधाई एजेंडे पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।

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