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डोज़ की कटौती के बाद बदहाल हुआ अमेरिकी सरकारी दफ़्तर, टूटी छत और गंदे पानी के बीच काम करने को मजबूर कर्मचारीराजनीति
28 अग॰ 2026, 10:59 pm (14 दिन पहले)· 2

डोज़ की कटौती के बाद बदहाल हुआ अमेरिकी सरकारी दफ़्तर, टूटी छत और गंदे पानी के बीच काम करने को मजबूर कर्मचारी

इलॉन मस्क के डोज़ अभियान के तहत हुई बजट कटौती के बाद अमेरिकी जीएसए दफ़्तर में अव्यवस्था फैल गई है। कर्मचारी टूटी छत, चूहों और गंदे पानी के बीच काम करने को मजबूर हैं।

जनवरी 2025 में इलॉन मस्क के नेतृत्व वाले डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) द्वारा शुरू किए गए प्रशासनिक बदलावों के कारण अमेरिकी सरकारी तंत्र में गहरा संकट देखा जा रहा है। इस अभियान के तहत दसियों हजार कर्मचारियों की छंटनी की गई, दफ्तर आकर काम करने के सख्त नियम लागू किए गए और शून्य-आधारित बजट प्रक्रिया अपनाई गई। अमेरिकी सरकार की अचल संपत्ति और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) प्रबंधन देखने वाली एजेंसी जनरल सर्विसेज एडमिनिस्ट्रेशन (GSA) पर इसका सीधा असर पड़ा। व्यापक छंटनी के साथ-साथ एजेंसी को सैकड़ों सरकारी इमारतों को बेचने की योजना बनानी पड़ी, जिसके बाद अब दफ्तरों के बुनियादी ढांचे के बिगड़ने की खबरें आ रही हैं।

सुरक्षा और स्वच्छता पर उठते गंभीर सवाल

सरकारी कर्मचारियों के लिए आवंटित अस्थाई दफ्तर के भीतर की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। इमारत की तीसरी मंजिल पर स्थित पुरुष शौचालय की छत का एक हिस्सा गिर गया, जिससे शौचालय पर मलबा फैल गया और छत में बड़ा छेद हो गया। इसके अलावा परिसर में चूहों को पकड़ने के जाल में मृत चूहे भी पाए गए। कर्मचारियों का कहना है कि पुरानी सरकारी इमारतों में चूहों की मौजूदगी कोई नई बात नहीं है, लेकिन छत के टूटने ने उनकी सहनशीलता की सीमा पार कर दी।

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दफ्तर में पीने के पानी की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। वाटर बोतल भरने वाले नल के पास एक नोटिस लगाया गया है, जिसमें कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वे बोतल भरने से पहले 5 से 10 सेकंड तक पानी को बिना बोतल के बहने दें और पानी साफ होने पर ही बोतल भरें। नाम न छापने की शर्त पर एक जीएसए कर्मचारी ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा, "हम सभी बहुत कुछ झेल चुके हैं, लेकिन इस घटना ने मुझे आखिरकार यह अहसास करा दिया कि उन्हें हमारी कोई परवाह नहीं है।" कर्मचारी ने यह भी चिंता जताई कि अब उन्हें शौचालय जाने से पहले ऊपर छत देखनी पड़ रही है और पीने के पानी की सुरक्षा पर भी संदेह बना हुआ है।

दफ्तर का स्थानांतरण और संपत्तियों की बिक्री

एजेंसी का यह दफ्तर एक बड़े रियल एस्टेट फेरबदल के दौर से गुजर रहा है। जीएसए प्रशासक एड फ़ोर्स्ट सहित शीर्ष नेतृत्व ने कर्मचारियों को सूचित किया है कि वे दिसंबर 2028 तक ऑफिस ऑफ पर्सनल मैनेजमेंट (OPM) की इमारत में काम करेंगे। यह फैसला इसलिए लेना पड़ा क्योंकि 1800 एफ स्ट्रीट स्थित जीएसए के पुराने मुख्य दफ्तर में बड़े पैमाने पर मरम्मत और नवीनीकरण का काम चल रहा है।

चिंता की बात यह है कि जिस ओपीएम इमारत में कर्मचारियों को बिठाया गया है, उसे भी तेजी से बेचने यानी त्वरित निपटान की सूची में रखा गया है। जीएसए द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह कदम सरकार भर में कम इस्तेमाल होने वाली जगहों को कम करने और सरकारी संपत्तियों को सुव्यवस्थित करने की नीति का हिस्सा है। हालांकि, बड़े पैमाने पर की गई छंटनी के ठीक एक साल बाद, जीएसए ने करीब 400 नए कर्मचारियों को नियुक्त करने की योजना की घोषणा की है।

डोज़ अभियान का वर्तमान स्वरूप

दफ्तर की बदहाली और सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर जीएसए और ओपीएम की तरफ से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई। इस बीच डोज़ अभियान से जुड़े नेतृत्व में भी बदलाव देखा गया है।

हालांकि इलॉन मस्क ने ट्रंप प्रशासन में अपनी सार्वजनिक भूमिका से दूरी बना ली है, लेकिन डोज़ से जुड़े अन्य अधिकारी अभी भी सरकारी विभागों में सक्रिय हैं। ये अधिकारी लगातार खर्चों में कटौती और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीकों को अपनाने पर जोर दे रहे हैं। वहीं, इस अभियान से जुड़े कुछ अन्य विशेषज्ञ वापस निजी क्षेत्र में लौट चुके हैं और अब एआई, डेटा सेंटर और निर्माण क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।

सवाल-जवाब

जीएसए के कर्मचारियों को ओपीएम इमारत में क्यों काम करना पड़ रहा है?
जीएसए कर्मचारियों को ओपीएम इमारत में इसलिए स्थानांतरित किया गया क्योंकि उनके 1800 एफ स्ट्रीट स्थित मुख्य कार्यालय में नवीनीकरण का काम चल रहा है। कर्मचारियों को दिसंबर 2028 तक यहीं काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्थाई कार्यालय के भीतर क्या-क्या समस्याएं पाई गईं?
कार्यालय की तीसरी मंजिल के पुरुष शौचालय में छत का हिस्सा टूटकर गिर गया, चूहों के जाले और चूहे पकड़े गए, और पानी के नल पर 5 से 10 सेकंड तक पानी बहाकर साफ पानी आने का इंतजार करने का नोटिस लगा पाया गया।
इन बदलावों में डोज़ (DOGE) की क्या भूमिका थी?
जनवरी 2025 में इलॉन मस्क के नेतृत्व में शुरू हुए डोज़ अभियान ने हजारों कर्मचारियों को निकाला, दफ्तर आकर काम करने के नियम लागू किए, शून्य-आधारित बजट लागू किया और सैकड़ों सरकारी इमारतों को बेचने की योजना बनाई।
क्या छंटनी के बाद जीएसए नए कर्मचारियों की भर्ती कर रहा है?
हां, छंटनी के एक साल बाद जीएसए ने लगभग 400 नए कर्मचारियों को नियुक्त करने की योजना की घोषणा की है।
ओपीएम इमारत का भविष्य में क्या योजना है?
ओपीएम इमारत को त्वरित बिक्री (त्वरित निपटान) की सूची में डाला गया है, जिसका अर्थ है कि सरकार इसे जल्द बेचने की तैयारी में है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Nyra Kaif@nyra-kaif·13 दिन पहले

डोज़ की बजट कटौती और कार्यालयों की त्वरित बिक्री का यह संकट सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि वर्कप्लेस वेलनेस और मानसिक स्वास्थ्य का गंभीर मुद्दा है। जब कर्मचारी टूटी छतों और दूषित पानी के बीच काम करने को मजबूर होते हैं, तो उनका मानसिक तनाव और बोरआउट तेजी से बढ़ता है। इसका सीधा असर उनकी कार्यक्षमता और जीवन की गुणवत्ता पर पड़ेगा, जिससे आने वाले समय में सरकारी विभागों में कर्मचारियों का टिके रहना और भी मुश्किल हो जाएगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·13 दिन पहले

डोज़ के प्रशासनिक बदलावों के तहत परिसंपत्तियों की त्वरित बिक्री और बड़े पैमाने पर छंटनी के बाद सार्वजनिक कार्यस्थलों की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। जीएसए कर्मचारियों को जर्जर इमारतों, दूषित पेयजल और टूटी छतों के बीच काम करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जो प्रशासनिक लापरवाही और कर्मचारी सुरक्षा की घोर अनदेखी को उजागर करता है। यदि इन बुनियादी सुरक्षा मानकों की अनदेखी जारी रही, तो यह कार्यस्थल दुर्घटनाओं और कानूनी विवादों का कारण बन सकता है।

Rajesh Kumar@rajesh-kumar·13 दिन पहले

डोज़ अभियान के तहत संपत्तियों की त्वरित बिक्री और प्रशासनिक फेरबदल से जीएसए दफ्तरों में बुनियादी ढांचे का ढहना गंभीर शासन संकट को दर्शाता है। टूटी छत, चूहों की मौजूदगी और दूषित पानी की चेतावनी जैसे हालात यह स्पष्ट करते हैं कि बिना सोचे-समझे किए गए बजट सुधार कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं। यदि ओपीएम जैसी इमारतों के निपटान और जीर्णोद्धार के बीच इन व्यवस्थाओं को तुरंत नहीं सुधारा गया, तो यह सरकारी कामकाज और कानूनी मोर्चे पर भारी पड़ेगा।

Rohan Verma@rohan-verma·14 दिन पहले

सरकारी खर्च में कटौती और संपत्तियों की त्वरित बिक्री का यह मॉडल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के दावे के उलट बुनियादी ढांचे को और अधिक संकट में डाल रहा है। जब अस्थायी दफ्तरों में छतें गिरने लगें और दूषित पानी की समस्या सामने आए, तो यह नीतिगत प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े इन बुनियादी मुद्दों का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले समय में काम का माहौल और अधिक असहनीय हो सकता है, जिससे सरकारी कामकाज की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ेगा।

Ravikash Gupta@ravikash·14 दिन पहले

डोज़ अभियान के तहत संपत्तियों के तीव्र मुद्रीकरण और शून्य-आधारित बजट से सरकारी रियल एस्टेट पोर्टफोलियो में जो व्यवधान आया है, वह वित्तीय जोखिम और परिचालन दक्षता के बीच के असंतुलन को उजागर करता है। जब जीआईएसए जैसी संपदा प्रबंधन एजेंसी के दफ्तरों का बुनियादी ढांचा इस तरह चरमराने लगे, तो यह कॉर्पोरेट और सरकारी परिसंपत्तियों के त्वरित निपटान की रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि इस परिसंपत्ति पुनर्गठन और कार्यबल प्रबंधन को सही से नियंत्रित नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह संकट अन्य संघीय विभागों के वित्तीय और प्रशासनिक कामकाज को भी गहरे स्तर पर प्रभावित कर सकता है।

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