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गोवा चुनाव में बीजेपी की हार से 5 दिन के भीतर वापस होगी E20 पेट्रोल नीति, अरविंद केजरीवाल का दावाराजनीति
7 अग॰ 2026, 8:51 pm (4 घंटे पहले)· 1

गोवा चुनाव में बीजेपी की हार से 5 दिन के भीतर वापस होगी E20 पेट्रोल नीति, अरविंद केजरीवाल का दावा

आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की E20 पेट्रोल नीति पर अमेरिकी दबाव का आरोप लगाते हुए दावा किया कि आगामी गोवा विधानसभा चुनाव में बीजेपी की हार के 5 दिन के भीतर यह नीति वापस ले ली जाएगी।

देशभर में लागू की गई E20 ईंधन नीति को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस नीति की टाइमिंग और मंशा पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार पर सीधे हमले किए हैं। पणजी में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि अगर आगामी गोवा विधानसभा चुनाव में जनता भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से बाहर कर देती है, तो केंद्र सरकार महज 5 दिनों के भीतर इस नीति को वापस लेने के लिए मजबूर हो जाएगी। उनके अनुसार, यह फैसला अमेरिकी व्यापारिक दबाव में लिया गया है, जिससे भारत की सड़कों पर दौड़ रही करोड़ों गाड़ियों और उनके मालिकों की जेब पर असर पड़ रहा है।

पुराने वाहनों पर आर्थिक और तकनीकी प्रभाव

अरविंद केजरीवाल ने नीति के व्यावहारिक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि बिना किसी ठोस तैयारी के इस बदलाव को पूरे देश पर लागू कर दिया गया। आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 से पहले निर्मित लगभग 30 करोड़ वाहन E20 मिश्रण वाले पेट्रोल के अनुकूल बिल्कुल नहीं हैं। इन प्रभावित वाहनों में करीब 22 करोड़ दोपहिया वाहन और लगभग 8 करोड़ कारें शामिल हैं। इसके बावजूद ईंधन वितरण प्रणाली में आवश्यक सुधार नहीं किए गए। पेट्रोल पंपों के स्टोरेज टैंकों को अपग्रेड नहीं किया गया और न ही परिवहन नेटवर्क में कोई सुरक्षात्मक कदम उठाए गए।

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तकनीकी कमियों के अलावा, उन्होंने वित्तीय नुकसान को भी रेखांकित किया। एथेनॉल साधारण पेट्रोल की तुलना में अधिक महंगा साबित हो रहा है, और वाहनों में इसके इस्तेमाल से माइलेज में गिरावट दर्ज की जा रही है। इससे आम वाहन चालकों पर दोहरी मार पड़ रही है, जहां एक तरफ ईंधन की लागत बढ़ रही है और दूसरी तरफ इंजन की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है।

अमेरिकी आयात और E30-E40 की भावी योजनाएं

केजरीवाल ने केंद्र सरकार की वैश्विक व्यापार प्राथमिकताओं पर प्रश्न उठाते हुए आरोप लगाया कि यह नीति अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में तैयार की गई है। अमेरिका में उत्पादित होने वाले अतिरिक्त एथेनॉल की खपत के लिए भारत को एक बड़ा उपभोक्ता बाजार बनाया जा रहा है। आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने बीते वर्ष अमेरिका से 1 अरब लीटर एथेनॉल का आयात किया था। यह आयात का आंकड़ा चालू वर्ष के दौरान बढ़कर 5 अरब लीटर तक पहुंचने का अनुमान है।

इसी के साथ उन्होंने दावा किया कि सरकार केवल E20 तक सीमित नहीं रहने वाली है, बल्कि पर्दे के पीछे E30 और E40 जैसे अत्यधिक एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन को लागू करने की गुप्त योजनाएं बनाई जा रही हैं। उन्होंने नागरिकों को सतर्क करते हुए परामर्श दिया कि जब तक सरकार ईंधन सम्बन्धी अपनी नीतियों और दीर्घकालिक रूपरेखा को पूरी तरह स्पष्ट नहीं कर देती, तब तक लोगों को नए पेट्रोल या डीजल वाहन खरीदने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।

जनता का विरोध और चुनावी रणनीति

ईंधन नीति के खिलाफ बढ़ते असंतोष का जिक्र करते हुए आप नेता ने कहा कि देश भर के वाहन मालिक ऑनलाइन अभियानों और याचिकाओं के जरिए अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। उन्होंने इस व्यापक जन असंतोष को आगामी गोवा विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए मतदाताओं से अपील की कि वे अपने वोट की ताकत से सरकार की इस नीति का जवाब दें। केजरीवाल के अनुसार, चुनाव परिणाम आने के तुरंत बाद जनविरोधी नीतियों को पलटने का राजनीतिक दबाव बनेगा, जिससे 5 दिनों में E20 नीति वापस ली जा सकती है।

सवाल-जवाब

अरविंद केजरीवाल ने E20 नीति के बारे में क्या दावा किया है?
केजरीवाल का दावा है कि यदि गोवा विधानसभा चुनाव में बीजेपी हार जाती है, तो केंद्र सरकार 5 दिनों के भीतर E20 नीति वापस ले लेगी।
E20 नीति से कितने वाहन प्रभावित बताए जा रहे हैं?
वर्ष 2023 से पहले निर्मित करीब 30 करोड़ वाहन (22 करोड़ दोपहिया और 8 करोड़ कारें) E20 ईंधन के अनुकूल नहीं हैं।
अमेरिका से एथेनॉल आयात के बारे में क्या आंकड़े दिए गए हैं?
भारत ने पिछले साल अमेरिका से 1 अरब लीटर एथेनॉल आयात किया था, जो इस साल 5 अरब लीटर तक पहुंचने का अनुमान है।
केजरीवाल ने नए वाहन खरीदने वालों को क्या सलाह दी है?
उन्होंने सलाह दी है कि जब तक सरकार ईंधन नीति पर स्थिति पूरी तरह साफ न कर दे, तब तक लोग नया पेट्रोल या डीजल वाहन न खरीदें।
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