चाणक्य नीति: इन चार तरह के लोगों को कभी न बताएं घर की बातें, वरना बिखर जाएगी परिवार की खुशियांडोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, अमेरिकी फुटबॉल के लिए ऐतिहासिक रहा विश्व कप का आयोजनतेल बाजार में भारी गिरावट, क्या निवेशक कर रहे हैं जल्दबाजी या मध्य पूर्व की उम्मीदें हैं अतिरेकघर में रखा सोना अब भारत में उधार लेने का पसंदीदा जरिया बनता जा रहा हैअमेरिका में सुस्त पड़ी नौकरियों की रफ्तार, जुलाई के मध्य में 15 हजार पर सिमटा औसतअगस्त से बदल रहे हैं कई बड़े नियम, तत्काल बुकिंग से लेकर आईटीआर पेनल्टी और एलपीजी दाम तक जान लें पूरी डिटेलइंडोनेशियाई सेंट्रल बैंक के गवर्नर का अचानक इस्तीफा, क्या लौटने वाला है 1997 का भीषण आर्थिक संकटमहाभारत में अर्जुन का किरदार निभाने के बाद भी शहीर शेख को क्यों झेलनी पड़ी थी बेरोजगारीमारुति सुजुकी ने टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ लॉन्च की 2026 ब्रेज़ा, ₹7.40 लाख से शुरू होती है कीमतभारतीय तटरक्षक बल के लिए दो बड़े नीतिगत सुधारों का ऐलान, राजनाथ सिंह ने लैंगिक समानता पर दिया जोर
जंतर मंतर पर आंदोलन के बीच राहुल गांधी और अखिलेश यादव की बंद कमरे में मुलाकात, मानसून सत्र में बड़े हंगामे के संकेतराजनीति
20 जुल॰ 2026, 4:37 pm (8 दिन पहले)· 3

जंतर मंतर पर आंदोलन के बीच राहुल गांधी और अखिलेश यादव की बंद कमरे में मुलाकात, मानसून सत्र में बड़े हंगामे के संकेत

नीट पेपर लीक को लेकर जंतर मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बंद कमरे में मुलाकात कर सरकार को घेरने की रणनीति पर मंथन किया.

संसद का मानसून सत्र 2026 शुरू हो चुका है, लेकिन असली हलचल सदन से ज्यादा बाहर जंतर मंतर पर दिख रही है, जहां छात्र नीट और दूसरे पेपर लीक मामलों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में सुधार के साथ-साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. संसद से कुछ ही दूरी पर चल रहे इस आंदोलन के बीच अब सबकी निगाहें विपक्ष पर टिक गई हैं, क्योंकि छात्र यह देखना चाहते हैं कि बड़े विपक्षी दल और नेता उनकी मांगों को सदन में कितनी मजबूती से उठाते हैं.

राहुल और अखिलेश की बंद कमरे में मुलाकात

इसी बीच लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और कन्नौज से सांसद व समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बीच बंद कमरे में बैठक हुई. यह मुलाकात नेता विपक्ष के कमरे में हुई, जहां दोनों नेताओं के बीच कई मुद्दों पर गहन मंत्रणा हुई. इस बैठक के बाद कयास तेज हो गए हैं कि मानसून सत्र में विपक्ष कोई बड़ा कदम उठा सकता है, क्योंकि दोनों नेता सदन में साझा रणनीति पर काम करते दिख रहे हैं.

ये भी पढ़ें

सरकार को घेरने की तैयारी

बैठक का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि संसद में सरकार को किन मुद्दों पर घेरा जाए. इसमें नीट पेपर लीक का मामला और राम मंदिर में हुई चोरी का मसला प्रमुख रूप से शामिल रहा. इन दो मुद्दों के अलावा भी कई और मसलों पर सरकार को कठघरे में खड़ा करने की रणनीति पर मंथन हुआ है.

राहुल गांधी का समाजवादी पार्टी पर फोकस क्यों?

मानसून सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष का रुख काफी आक्रामक रहा है. हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही को कई बार स्थगित करना पड़ा है. राहुल गांधी और कांग्रेस को भी इस बात का अंदाजा है कि मौजूदा समय में समाजवादी पार्टी काफी मजबूत स्थिति में खड़ी है और वह लगातार सरकार की नीतियों का विरोध कर रही है. यही वजह है कि राहुल गांधी ने अखिलेश यादव के साथ यह बैठक की, जिसे राजनीतिक हलकों में काफी अहम माना जा रहा है.

इंडिया गठबंधन में एकजुटता की कोशिश

इस मुलाकात को दोनों नेताओं के बीच साझा रणनीति बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, ताकि राम मंदिर चंदा चोरी विवाद हो या नीट परीक्षा लीक का मामला, हर मुद्दे पर सरकार को घेरा जा सके. विपक्ष को पता है कि ऐसे कई मसले हैं जहां सरकार को कटघरे में खड़ा किया जा सकता है. इसीलिए कोशिश की जा रही है कि इंडिया गठबंधन में शामिल सभी दल कम से कम इन मुद्दों पर एकजुट रहें, ताकि संसद के भीतर सरकार के खिलाफ मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाया जा सके.

सवाल-जवाब

संसद मानसून सत्र 2026 में विपक्ष के मुख्य मुद्दे क्या हैं?
नीट पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग और राम मंदिर में हुई चोरी का मामला विपक्ष के प्रमुख मुद्दे हैं.
राहुल गांधी और अखिलेश यादव की बैठक कहां हुई?
यह बैठक लोकसभा में नेता विपक्ष के कमरे में बंद कमरे में हुई.
जंतर मंतर पर छात्र किस मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं?
छात्र नीट और दूसरे पेपर लीक मामलों में परीक्षा प्रणाली सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
अखिलेश यादव किस सीट से सांसद हैं?
अखिलेश यादव कन्नौज से सांसद हैं.
इस बैठक का मकसद क्या माना जा रहा है?
इसे सरकार को घेरने के लिए साझा रणनीति बनाने और इंडिया गठबंधन के दलों को कम से कम इन मुद्दों पर एकजुट रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR