मौत के बाद अब खाद बनेगा इंसानी शरीर, ऑस्ट्रेलिया के इस राज्य ने दी अनोखी कानूनी मंजूरीसोने की चाल 4,000 डॉलर के पास अटकी, सिस्टमैटिक बिकवाली के बीच केंद्रीय बैंकों की खरीदारी ने संभाला मोर्चाईसीबी की नीतिगत बैठक और फ्रांस के बॉन्ड संकट के बीच वैश्विक मुद्रा बाजारों में हलचलयूरोपीय अर्थव्यवस्था में सुस्त विकास और असमान महंगाई के बीच वैश्विक बाजारों में सतर्कताअरुणाचल सीमा विवाद पर बीजिंग की प्रतिक्रिया, भारत से सहयोग की अपीलदमदार निखार के लिए क्या खाएं, डॉक्टर जश्या सरीन ने बताए स्किन फ्रेंडली फूड्सआरबीएनजेड की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों के बीच फिसला न्यूजीलैंड डॉलर27 अक्टूबर को आ रहा है Redmi K100 स्मार्टफोन, बोस साउंड और 165Hz स्क्रीन से लैस होने की चर्चागुजरात में शुरू हुई निम्रत कौर आहूवालिया की नई शूटिंग, शेयर की खास तस्वीरकुंभ राशिफल नवंबर 2026: शनि की चाल से क्या होगा असर और उतरती साढ़ेसाती का हाल
जंतर-मंतर पर विपक्षी मोर्चे का नया पड़ाव, राहुल गांधी बोले मेरे लिए हर मुकदमा मेडल समानराजनीति
7 अक्तू॰ 2026, 4:25 pm (19 दिन पहले)· 1

जंतर-मंतर पर विपक्षी मोर्चे का नया पड़ाव, राहुल गांधी बोले मेरे लिए हर मुकदमा मेडल समान

दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ जारी गतिरोध के बीच विपक्षी सांसदों ने जंतर-मंतर पर दोबारा प्रदर्शन शुरू किया है, जहां राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई।

राष्ट्रीय राजधानी में चुनाव आयोग के शीर्ष नेतृत्व को लेकर विपक्षी दलों का टकराव नए मुकाम पर पहुंच गया है। दिल्ली के एक भोजनालय में आयोजित दोपहर के भोज के बाद विपक्षी गठबंधन के सांसदों ने एकजुट होकर जंतर-मंतर का रुख किया। इस संयुक्त रणनीति की अगुवाई करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने साफ किया कि चुनाव आयोग के खिलाफ उनका आंदोलन थमा नहीं है, बल्कि नए सिरे से सार्वजनिक मंच पर स्थानांतरित हो रहा है।

आकाशवाणी भवन से हिरासत और आगे की योजना

विपक्षी सांसदों का यह नया जमावड़ा उस घटनाक्रम के ठीक अगले दिन सामने आया है जब संसद मार्ग के पास तीखा गतिरोध देखा गया था। पूर्ववर्ती प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, उनके सहयोगी सांसदों और कार्यकर्ताओं पर बिना पूर्व प्रशासनिक मंजूरी के आकाशवाणी भवन परिसर के भीतर दाखिल होने का आरोप लगा था। वहां करीब आठ घंटे से अधिक समय तक लगातार चले धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की थी। उस समय राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत लगभग 260 लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।

ये भी पढ़ें

लंच मीटिंग के बाद जंतर-मंतर रवानगी

बुधवार को राजनीतिक सरगर्मियां उस वक्त फिर बढ़ गईं जब कांग्रेस अध्यक्ष तथा राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के निमंत्रण पर विपक्षी दलों के सांसद दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में दोपहर के भोज पर एकत्रित हुए। इस बैठक में आगे के विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा तय की गई। चर्चा पूरी होने के बाद मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी सांसदों को लेकर एक बस सीधे जंतर-मंतर के लिए रवाना हो गई, ताकि तय स्थल से विरोध को आगे बढ़ाया जा सके।

राहुल गांधी का बयान और मुकदमों पर टिप्पणी

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध की वजह स्पष्ट करते हुए कहा कि वे चुनाव आयुक्त से सीधे मिलकर अपनी बात रखना चाहते थे, मगर उनसे मिलने से इनकार कर दिया गया। उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोकते हुए कहा कि वे उस स्थान पर प्रदर्शन नहीं कर सकते, जिसके बाद जंतर-मंतर पर जाने का फैसला हुआ।

राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार के पद पर बने रहने की वैधता पर सवाल उठाते हुए उनके तुरंत इस्तीफे की मांग उठाई। कानूनी कार्रवाइयों और पुलिस केसों का उल्लेख करते हुए उन्होंने टिप्पणी की, "मेरे पास 45 FIR हैं और मेरा लक्ष्य है कि मुझे 100 FIR चाहिए। हर FIR मेरे लिए एक मेडल है।" उन्होंने यह भी दोहराया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ वे जवाबदेही तय कराने का प्रयास जारी रखेंगे।

खरगे ने दिया संयुक्त संघर्ष का संदेश

विरोध मार्च के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश में लोकतांत्रिक ढांचे और संवैधानिक अधिकारों पर चोट पहुंचाने की कोशिशें की जा रही हैं। खरगे ने स्पष्ट किया कि विपक्षी दल इन परिस्थितियों से पीछे हटने वाले नहीं हैं और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनका यह संयुक्त संघर्ष पूरे देश में निरंतर जारी रहेगा।

सवाल-जवाब

विपक्षी सांसद किस जगह प्रदर्शन करने पहुंचे हैं?
दिल्ली में आयोजित लंच बैठक के बाद विपक्षी सांसद बस में सवार होकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे हैं।
राहुल गांधी और अन्य सांसदों को पहले कहां और क्यों हिरासत में लिया गया था?
आकाशवाणी भवन परिसर में बिना अनुमति प्रवेश करने और आठ घंटे से अधिक समय तक धरना देने के कारण राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत करीब 260 लोगों को हिरासत में लिया गया था।
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर क्या मांग रखी है?
राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार को वैध चुनाव आयुक्त मानने से इनकार करते हुए उनके तुरंत इस्तीफे की मांग की है।
राहुल गांधी ने अपने ऊपर दर्ज मुकदमों (FIR) को लेकर क्या कहा?
राहुल गांधी ने कहा कि उनके ऊपर 45 एफआईआर दर्ज हैं और उनका लक्ष्य 100 तक पहुंचने का है, क्योंकि हर मुकदमा उनके लिए एक मेडल की तरह है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी एकजुटता पर क्या बयान दिया?
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए पूरा विपक्ष एकजुट है और वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Riya Menon@riya-menon·19 दिन पहले

रेस्टोरेंट की लंच मीटिंग से जंतर-मंतर तक का सियासी सफर काफी दिलचस्प रहा, खाने की मेज पर बनी रणनीति अब सड़क पर दिख रही है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·19 दिन पहले

एफआईआर को मेडल बताना राजनीतिक दांव तो ठीक है, पर क्या बार-बार के इन पुलिस मामलों से कोर्ट और थाने के चक्कर काटने में जनता का असली काम पीछे नहीं छूट जाता?

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·19 दिन पहले

करण भाई, बात तो सही है आपकी। पर जब सिस्टम ही बहरा हो जाए, तो शोर मचाने के सिवा बचता ही क्या है?

Rohan Verma@rohan-verma·19 दिन पहले

मुकदमे को मेडल बताना ठीक है, पर बार-बार धरना देने से जनता के असली मुद्दे पीछे छूट जाते हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·19 दिन पहले

रोहन, आपकी बात सही है कि जनता के मुद्दे पीछे छूट जाते हैं, पर क्या विपक्ष के पास इसके अलावा सरकार पर दबाव बनाने का कोई और रास्ता बचा है?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp