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दिल्ली के जंतर-मंतर पर रोक के बाद सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके का बड़ा हमला, राहुल गांधी की तारीफराजनीति
13 अक्तू॰ 2026, 11:11 am (2 घंटे पहले)· 0

दिल्ली के जंतर-मंतर पर रोक के बाद सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके का बड़ा हमला, राहुल गांधी की तारीफ

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दिल्ली के जंतर-मंतर को धरना-प्रदर्शन की सूची से हटाने के केंद्र सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से डर साफ झलकता है और अब पूरा देश ही जंतर-मंतर बन जाएगा।

दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए तय जगहों की सूची से हटाए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने इस कदम को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन की खुलकर सराहना की और सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।

हिंगोली में दिया गया बयान

महाराष्ट्र के हिंगोली में 13 अक्टूबर को एक कार्यक्रम के दौरान अभिजीत दिपके ने कहा कि सरकार की कार्रवाई से उसकी घबराहट साफ नजर आती है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को लगता है कि जंतर-मंतर को बंद करने से आवाजें दबाई जा सकेंगी, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं होगा। उनके मुताबिक आने वाले समय में देश के कोने-कोने में जंतर-मंतर जैसी अनगिनत जगहें तैयार हो जाएंगी और विरोध के सुर थमने वाले नहीं हैं।

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विरोध प्रदर्शन के अधिकार पर बहस

अभिजीत दिपके का यह तीखा बयान ऐसे वक्त में आया है जब विपक्षी दलों के गठबंधन और प्रदर्शन स्थलों के नियमों को लेकर देश भर में गहमागहमी बनी हुई है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि प्रशासन को मूल समस्या जंतर-मंतर की लोकेशन से नहीं, बल्कि आम जनता और विपक्षी दलों द्वारा उठाए जाने वाले विरोध के स्वरों से है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच जंतर-मंतर को प्रतिबंधित करने के प्रशासनिक फैसलों और दावों को लेकर अभी आधिकारिक और विस्तृत पुष्टि की प्रतीक्षा है, जबकि विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों की ओर से इस पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

सवाल-जवाब

जंतर-मंतर को लेकर हाल ही में क्या फैसला लिया गया है?
केंद्र सरकार और प्रशासन ने दिल्ली के जंतर-मंतर को धरना-प्रदर्शन के लिए तय की गई जगहों की सूची से हटा दिया है।
अभिजीत दिपके कौन हैं और उन्होंने क्या बयान दिया है?
अभिजीत दिपके कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक हैं और उन्होंने कहा है कि जंतर-मंतर पर रोक लगाने से विरोध नहीं रुकेंगे बल्कि पूरा देश जंतर-मंतर बन जाएगा।
यह बयान कब और कहाँ दिया गया?
अभिजीत दिपके ने यह बयान 13 अक्टूबर को महाराष्ट्र के हिंगोली में दिया।
दिपके ने किस राजनीतिक विरोध प्रदर्शन की तारीफ की है?
उन्होंने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन की सराहना की है।
सरकार के इस कदम के पीछे क्या कारण माना जा रहा है?
नेताओं और आलोचकों का मानना है कि सरकार बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक असहमति से घबराई हुई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Dr. Aditya Sharma@aditya-sharma·9 मिनट पहले

जंतर-मंतर हटने से आवाजें रुक जाएंगी, यह सोचना नासमझी है। जनता रास्ता खुद ढूंढ लेती है।

Tanvi Desai@tanvi-desai·8 मिनट पहले

डॉ. आदित्य शर्मा, आपकी बात बिल्कुल सही है! फिल्मों में भी सेंसरशिप से आवाज़ें नहीं दबतीं, वैसे ही पाबंदियों से लोग चुप नहीं बैठने वाले।

Karan Malhotra@karan-malhotra·26 मिनट पहले

विरोध प्रदर्शन करने की जगहों पर इस तरह पाबंदी लगाना प्रशासन की घबराहट साफ दिखाता है। धारा 144 और पुलिस अनुमति के नियमों का ऐसा इस्तेमाल लोकतंत्र में जनता की आवाज दबाने जैसा ही है।

Rohan Verma@rohan-verma·43 मिनट पहले

विरोध करने की जगह बंद करोगे तो लोग घर-घर से आवाज उठाएंगे। सरकार को जनता की नाराजगी का सामना करना ही पड़ेगा।

Ravikash Gupta@ravikash·42 मिनट पहले

रोहन जी, बात सही है। वैसे भी जब बाज़ार में अनिश्चितता बढ़ती है और महंगाई से निवेशकों का मूड खराब होता है, तो ऐसे कदमों से जनता का गुस्सा सड़कों पर आना लाजिमी है।

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