तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राज्यसभा सांसद कोयल मल्लिक ने अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। कोयल मल्लिक का यह इस्तीफा पार्टी के लिए लगातार आ रहे झटकों की एक और कड़ी है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों में तृणमूल के कई राज्यसभा सांसद पद छोड़ चुके हैं। इन इस्तीफों के बाद ममता बनर्जी के पास राज्यसभा में अब सिर्फ 9 सांसद ही बचे हैं।
चार दिन में चार इस्तीफे
यह सिलसिला 8 जून 2026 को तब शुरू हुआ जब तृणमूल के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसे दिल्ली में ममता बनर्जी को लगा पहला बड़ा झटका माना गया। इसके दो दिन बाद, 10 जून 2026 को तृणमूल सांसद सुष्मिता देव ने भी राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। सुष्मिता देव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने राज्यसभा सदस्यता के साथ-साथ तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता भी छोड़ दी है। इसी दौरान राज्यसभा सांसद प्रकाश ने भी त्यागपत्र दे दिया। 11 जून 2026 को कोयल मल्लिक के इस्तीफे के साथ ही चार दिन के भीतर तृणमूल के चार राज्यसभा सांसद पार्टी और पद दोनों से किनारा कर चुके थे।
पार्टी के भीतर असंतोष के दावे
इन इस्तीफों के बीच यह दावा भी सामने आया है कि तृणमूल के करीब 20 लोकसभा सांसद पार्टी के भीतर अलग गुट बना चुके हैं। हालांकि इस बारे में तृणमूल की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है, लेकिन लगातार हो रहे इस्तीफों ने पार्टी के भीतर मतभेदों की अटकलों को हवा दे दी है।
कल्याण बनर्जी की प्रतिक्रिया
पार्टी में उठे इन सवालों के बीच तृणमूल नेता कल्याण बनर्जी ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। हालांकि पार्टी की ओर से लगातार हो रहे इस्तीफों को लेकर अभी तक कोई विस्तृत रणनीति सार्वजनिक रूप से सामने नहीं लाई गई है।
राज्यसभा में अब तृणमूल की स्थिति
चार दिन में चार सांसदों के इस्तीफे के बाद अब राज्यसभा में ममता बनर्जी के पास सिर्फ 9 सांसद बचे हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हो रहा है जब पार्टी पहले से बंगाल में भी कई चुनौतियों से जूझ रही है, और अब दिल्ली में भी उसकी संसदीय ताकत लगातार कमजोर होती दिख रही है।











