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नकली बीज घूसकांड: कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने ACB को घेरा, बोले 'अगर मैं दोषी हूं तो मुझे गिरफ्तार करो'राजनीति
19 जून 2026, 7:20 pm (45 दिन पहले)· 3

नकली बीज घूसकांड: कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने ACB को घेरा, बोले 'अगर मैं दोषी हूं तो मुझे गिरफ्तार करो'

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा जयपुर स्थित ACB मुख्यालय पहुंचे और बीकानेर के नकली बीज घूसकांड से जुड़ी FIR पर सवाल उठाए। उन्होंने एजेंसी को चुनौती दी कि यदि FIR में 'मंत्री' और 'डॉ' शब्द उनके लिए हैं, तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए।

शुक्रवार को जयपुर में उस वक्त सियासी हलचल तेज़ हो गई जब कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा अचानक एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) के मुख्यालय पहुंच गए। बीकानेर के चर्चित नकली बीज घूसकांड की जांच कर रही इस एजेंसी में उनकी मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में गरमागरम बहस छेड़ दी।

असली विवाद: FIR में अस्पष्ट शब्दों का इस्तेमाल

डॉ. मीणा ने ACB कार्यालय का दौरा खास तौर पर बीकानेर घोटाले से जुड़ी एक FIR में दर्ज शब्दों पर स्पष्टीकरण मांगने के लिए किया। उन्होंने FIR में इस्तेमाल किए गए "मंत्री" और "डॉ" शब्दों पर सवाल उठाया। मीडिया से बात करते हुए डॉ. मीणा ने एक अखबार की रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें FIR में इन शब्दों के जिक्र की बात कही गई थी। उन्होंने साफ किया कि वह यह जानने के लिए खुद यहां आए हैं कि आखिर ये शब्द किसके लिए इस्तेमाल किए गए हैं।

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ACB को सीधी चुनौती और आलोचना

कृषि मंत्री ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वह किसी भी तरह की गलतफहमी में नहीं रहना चाहते और सीधे जवाब चाहते हैं। उन्होंने खुले तौर पर घोषणा की कि अगर FIR में इस्तेमाल हुए वे दो शब्द उनसे संबंधित हैं, तो ACB को बिना देर किए उन्हें गिरफ्तार कर लेना चाहिए। डॉ. मीणा ने ACB की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ACB अपनी हदें पार कर रही है और इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि ऐसा क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से काम हो रहा है, उससे कई तरह के संदेह पैदा हो रहे हैं। मंत्री ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि उनके अगले कदम क्या होंगे, लेकिन चेतावनी दी कि अगर यह सिलसिला इसी तरह चलता रहा तो वह 'कुछ भी कर सकते हैं', जिससे सियासी माहौल और गरमा गया।

विपक्षी नेताओं पर पलटवार

ACB मुख्यालय के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने विपक्षी नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने विशेष रूप से Ashok Gehlot और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Govind Singh Dotasra का नाम लिया, और आरोप लगाया कि वे लगातार उन पर आरोप लगा रहे हैं। डॉ. मीणा ने कहा कि जिन लोगों ने प्रदेश को जमकर लूटा, वही आज उन पर उंगली उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके खिलाफ बेवजह माहौल बनाया जा रहा है। अपनी पिछली बात को दोहराते हुए, मंत्री ने एक बार फिर मांग की कि यदि FIR में उल्लिखित "मंत्री" और "डॉ" वास्तव में उनके लिए हैं, तो ACB को उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लेना चाहिए।

राजनीतिक असर और भविष्य की राह

बीकानेर का नकली बीज घूसकांड पहले से ही तीखी राजनीतिक बयानबाजी का केंद्र रहा है। अब कृषि मंत्री के सीधे ACB से भिड़ने और सार्वजनिक तौर पर उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के बाद इस पूरे मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। आने वाले दिनों में डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की इस साहसिक चुनौती पर ACB का क्या जवाब आता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

सवाल-जवाब

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ACB मुख्यालय क्यों गए?
वह बीकानेर के नकली बीज घूसकांड से जुड़ी FIR में 'मंत्री' और 'डॉ' शब्दों के इस्तेमाल पर स्पष्टीकरण मांगने गए थे, क्योंकि उन्हें संदेह था कि ये शब्द उनके लिए हो सकते हैं।
डॉ. मीणा ने ACB से क्या मांग की?
उन्होंने मांग की कि अगर FIR में उल्लिखित 'मंत्री' और 'डॉ' शब्द वास्तव में उनके लिए हैं, तो ACB को उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लेना चाहिए।
उन्होंने ACB की कार्यप्रणाली पर क्या टिप्पणी की?
उन्होंने ACB पर अपनी हदें पार करने का आरोप लगाया और कहा कि उसकी कार्यप्रणाली कई संदेह पैदा कर रही है।
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने किन विपक्षी नेताओं पर हमला बोला?
उन्होंने Ashok Gehlot और Govind Singh Dotasra पर आरोप लगाया कि वे लगातार उन पर झूठे आरोप लगा रहे हैं।
बीकानेर नकली बीज घूसकांड क्या है?
यह एक चर्चित घोटाला है जिसमें नकली बीज से संबंधित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप शामिल हैं।
इस घटना का राजनीतिक माहौल पर क्या असर हुआ है?
डॉ. मीणा के इस कदम से राजस्थान में राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है और मामले ने नया मोड़ ले लिया है, जिससे आगे और विवाद की आशंका है।
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