देश भर में NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक विवाद को लेकर मचे बवाल के बीच, तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी तमिलनाडु वेत्री कड़गम (TVK) ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा व्यवस्था के खिलाफ अपने रुख को बेहद सख्त कर लिया है। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली इस पार्टी ने मंगलवार को एक कड़ा बयान जारी करते हुए साफ कर दिया कि उनकी यह लड़ाई सिर्फ हालिया परीक्षा में हुई धांधली या अनियमितताओं के खिलाफ नहीं है। इसके बजाय, TVK का मुख्य लक्ष्य इस पूरी राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा (NEET) को ही जड़ से उखाड़ फेंकना है। दिल्ली में छात्रों के लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, सत्ताधारी दल ने यह स्पष्ट किया है कि एक केंद्रीकृत परीक्षा प्रणाली राज्यों के अधिकारों का हनन करती है और इसलिए मेडिकल शिक्षा से जुड़े सभी मामलों पर राज्यों को पूर्ण अधिकार मिलना ही चाहिए।
संविधान में बदलाव और राज्य सूची की मांग
मेडिकल दाखिले की इस जटिल समस्या का एक ठोस और स्थायी समाधान निकालने के लिए, TVK ने एक बड़ा संवैधानिक बदलाव करने का प्रस्ताव रखा है। पार्टी का स्पष्ट रूप से मानना है कि जब तक शिक्षा को संविधान की समवर्ती सूची से हटाकर पूरी तरह से राज्य सूची में शामिल नहीं किया जाता, तब तक इस समस्या का कोई अंत नहीं है। उनका तर्क है कि शिक्षा को राज्य सूची में लाने से ही राज्य सरकारों को अपनी शिक्षा प्रणाली और मेडिकल प्रवेश प्रक्रियाओं को अपने छात्रों की क्षेत्रीय जरूरतों के हिसाब से तय करने का निर्विवाद अधिकार मिल सकेगा।
हालांकि, सत्ताधारी दल इस बात से भी भली-भांति वाकिफ है कि शिक्षा को तुरंत राज्य सूची में स्थानांतरित करने के रास्ते में कई कानूनी और प्रक्रियात्मक बाधाएं आ सकती हैं। इसलिए, पार्टी ने एक व्यावहारिक अंतरिम उपाय भी सुझाया है। TVK का कहना है कि जब तक मुख्य समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक के लिए एक 'विशेष समवर्ती सूची' बनाई जानी चाहिए। इस विशेष सूची के माध्यम से राज्य सरकारों को शिक्षा और मेडिकल शिक्षा से जुड़े फैसले लेने की पूरी छूट मिल जाएगी। पार्टी के बयान में जोर देकर कहा गया है कि उनके नेता और मुख्यमंत्री विजय छात्रों के हित में इस स्थायी और अंतरिम, दोनों तरह के समाधानों की लगातार वकालत करते रहे हैं।
विपक्ष पर धोखाधड़ी वाली राजनीति का आरोप
मेडिकल प्रवेश परीक्षा का यह मुद्दा तमिलनाडु में एक बड़े राजनीतिक टकराव का रूप भी ले चुका है। अपने एक विस्तृत बयान में, TVK ने राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी DMK का सीधा नाम लिए बिना उस पर करारा राजनीतिक प्रहार किया। पार्टी ने कहा कि वह कभी भी ऐसी राजनीति का हिस्सा नहीं बनेगी, जहां केवल चुनाव जीतने और वोट बटोरने के लिए जनता को धोखा दिया जाता है और झूठे वादे किए जाते हैं।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह सीधा तंज 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले DMK द्वारा किए गए उस बड़े वादे की ओर था, जिसमें उन्होंने सत्ता में आते ही राज्य से NEET को पूरी तरह खत्म करने का दावा किया था। TVK ने अपने विरोधियों को कड़ी नसीहत देते हुए कहा कि जो लोग दूसरों की कड़ी मेहनत, उनके अनूठे विचारों और जमीन पर किए गए संघर्षों पर अपना लेबल लगाने की अनैतिक राजनीति कर रहे हैं, उन्हें तुरंत ऐसी हरकतें बंद कर देनी चाहिए। सत्ताधारी दल ने विपक्ष से मांग की है कि वे बिना किसी आधार के पार्टी पर निशाना साधना बंद करें।
रैपर अरिवु की हिरासत से गरमाया माहौल
TVK का यह तीखा पलटवार विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की उस हालिया आलोचना के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने राज्य सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। यह पूरा विवाद मशहूर रैप सिंगर 'थेरुक्कुरल' अरिवु के इर्द-गिर्द घूमता है, जिन्होंने NEET के खिलाफ एक बेहद कड़ा और मुखर रुख अपना रखा है।
हाल ही में, रैपर अरिवु ने चेन्नई स्थित फोर्ट सेंट जॉर्ज परिसर में मौजूद तमिलनाडु सचिवालय के ठीक बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने वहां कुछ देर के लिए NEET विरोधी नारे भी लगाए, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें वहां से हटा दिया और हिरासत में ले लिया। इसी पुलिसिया कार्रवाई को लेकर उदयनिधि ने सरकार को आड़े हाथों लिया था और उन पर सवाल उठाए थे।
इन तमाम राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोपों और दिल्ली में जारी छात्रों के गुस्से के बावजूद, मुख्यमंत्री विजय की पार्टी ने एक बार फिर अपना दृष्टिकोण स्पष्ट किया है। TVK का कहना है कि मेडिकल शिक्षा पर राज्य का पूर्ण नियंत्रण होना चाहिए और NEET को हर हाल में खत्म किया जाना चाहिए। पार्टी ने दृढ़ता से दोहराया है कि मौजूदा राजनीतिक विवादों के बीच भी, छात्रों के भविष्य को लेकर उनका रुख पूरी तरह से स्पष्ट, समझौताहीन और अटल बना हुआ है।



















