पोस्टर ने जन्मदिन से पहले ही बवाल खड़ा किया
रायबरेली से कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी का जन्मदिन शुक्रवार 19 जून को पड़ता है। लेकिन इस तारीख के आने से पहले ही प्रयागराज में एक पोस्टर ने राजनीतिक हलकों में तूफान खड़ा कर दिया है। इस पोस्टर में राहुल गांधी को खुलेआम भारत का सुप्रीम लीडर घोषित किया गया है, और यही बात इसे विवादित बनाती है।
पोस्टर में दी गई उपाधियां और संदेश
यह पोस्टर प्रयागराज के स्थानीय कांग्रेस नेता इरशाद उल्ला ने जारी किया है और सोशल मीडिया पर बहुत तेज़ी से वायरल हो रहा है। पोस्टर में राहुल गांधी की फोटो के साथ उन्हें तीन विशेष उपाधियां दी गई हैं: सत्य के पथिक, जन-जन के नेता और भारत का गर्व। इसके अलावा पोस्टर में एक खास संदेश भी लिखा गया है कि सत्य, प्रेम और न्याय के पथ पर चलने वाला नेतृत्व ही देश को नई दिशा दे सकता है। पोस्टर जारी करने का मकसद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से राहुल गांधी का जन्मदिन धूमधाम से मनाने की अपील करना है।
इरशाद उल्ला की महात्मा गांधी से तुलना और बेमिसाल आस्था
इरशाद उल्ला ने राहुल गांधी की तारीफ में कोई कसर नहीं छोड़ी। उनका कहना है कि राहुल गांधी जैसा नेक दिल और रहम दिल नेता इस देश में दूसरा कोई नहीं है, और देश के गरीबों के लिए सबसे अच्छे रहनुमा केवल राहुल गांधी ही बन सकते हैं। इरशाद उल्ला ने यहीं नहीं रुककर राहुल गांधी की तुलना महात्मा गांधी से भी कर डाली और दावा किया कि राहुल गांधी में महात्मा गांधी की झलक साफ दिखाई देती है। उन्होंने खुद को राहुल गांधी का सबसे बड़ा जबरा फैन बताया और यहां तक कह दिया कि ज़रूरत पड़ने पर वे राहुल गांधी के लिए अपने खून का एक-एक कतरा समर्पित कर देंगे।
10 जुलाई को प्रयागराज आएंगे राहुल गांधी, छात्रों से होगा संवाद
इस विवादित पोस्टर का समय भी खास है। राहुल गांधी स्वयं नीट पेपर लीक के मामले को लेकर 10 जुलाई को प्रयागराज आने वाले हैं, जहां उनका प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों से सीधे संवाद का कार्यक्रम तय है। ऐसे में जन्मदिन से पहले जारी इस पोस्टर ने उनके दौरे से पहले ही एक नई और तीखी सियासी बहस की शुरुआत कर दी है।













