उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में प्राथमिक विद्यालयों के विलय और उन्हें बंद किए जाने के मुद्दे पर राजनीतिक हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बंद पड़े सरकारी स्कूलों को जल्द दोबारा चालू नहीं किया गया, तो वे अपने चर्चित अभियान 'पीडीए पाठशाला' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक पाठशाला) को फिर से शुरू करेंगे। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि गरीब और वंचित समाज के बच्चों को शिक्षा से दूर नहीं होने दिया जाएगा, क्योंकि जब समाज के लोग शिक्षित होंगे तभी प्रदेश और देश आगे बढ़ सकेगा।
बंद प्राथमिक विद्यालयों पर फिर छिड़ा सियासी संग्राम
यह पूरा विवाद वर्ष 2025 में उस समय शुरू हुआ था जब उत्तर प्रदेश सरकार ने कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालयों को आपस में मर्ज यानी विलय करने का प्रशासनिक आदेश जारी किया था। सरकार के इस कदम के बाद राज्यभर में कई प्राथमिक विद्यालयों के बंद होने की खबरें सामने आई थीं, जिसका समाजवादी पार्टी ने पुरजोर विरोध जताया था। सपा का आरोप था कि सरकारी स्कूलों को बंद करने से गरीब, पिछड़े और दलित वर्ग के बच्चों की प्राथमिक शिक्षा प्रभावित हो रही है। इसी विरोध के तहत समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों में विकल्प के तौर पर 'पीडीए पाठशाला' चलाने की शुरुआत की थी।
सहारनपुर में 67 प्राइमरी स्कूल बंद होने का दावा
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता फरहाद गाड़ा ने स्थानीय स्तर पर शिक्षा विभाग की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में जब वे जिले के शिक्षा अधिकारियों से मिले और बंद स्कूलों की जानकारी हासिल की, तो पता चला कि अकेले सहारनपुर में 67 प्राथमिक विद्यालय बंद पड़े हुए हैं। फरहाद गाड़ा ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि केवल सहारनपुर जैसे एक जिले में 67 स्कूल बंद हैं, तो पूरे उत्तर प्रदेश में ऐसे बंद पड़े स्कूलों की कुल संख्या कितनी अधिक होगी। उन्होंने याद दिलाया कि 1 वर्ष पूर्व जब सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर प्रदेशभर में विरोध शुरू हुआ था, तब उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने यह वादा किया था कि किसी भी प्राथमिक स्कूल को बंद नहीं होने दिया जाएगा। उस सरकारी आश्वासन पर भरोसा करते हुए सपा ने अपनी पीडीए पाठशाला का संचालन स्थगित कर दिया था, लेकिन जमीनी स्तर पर वादे पूरे नहीं हुए।
'A फॉर अखिलेश' वाली अनोखी पाठशाला की होगी वापसी
सहारनपुर में ठीक एक साल पहले फरहाद गाड़ा के निवास स्थान पर चलाई गई पीडीए पाठशाला पूरे उत्तर प्रदेश में कौतूहल और चर्चा का विषय बनी थी। इस अनूठी पाठशाला में बच्चों को एक विशेष पाठ्यक्रम के तहत अंग्रेजी वर्णमाला सिखाई जाती थी। उसमें 'A फॉर अखिलेश', 'B फॉर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर', 'C फॉर चौधरी चरण सिंह', 'D फॉर डिंपल यादव' और 'M फॉर मुलायम सिंह यादव' पढ़ाया जाता था। अब एक वर्ष पूरा होने पर समाजवादी पार्टी ने फिर से इस पाठशाला को शुरू करने का ऐलान कर दिया है। हालांकि, सपा नेताओं ने सरकार के सामने एक शर्त रखी है कि यदि सहारनपुर के बंद पड़े सभी 67 प्राथमिक विद्यालयों को तुरंत दोबारा शुरू कर दिया जाता है, तो उन्हें पाठशाला चलाने की आवश्यकता नहीं होगी। लेकिन यदि सरकार अपनी जिद पर अड़ी रहती है, तो गरीब बच्चों को शिक्षित करने के लिए पीडीए पाठशाला का संचालन फिर से शुरू किया जाएगा।


















