चेन्नई की राजनीति में इन दिनों तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और टीवीके प्रमुख सी. जोसेफ विजय के राष्ट्रीय पटल पर उभरने की चर्चाएं काफी गर्म हैं। उनके समर्थक लगातार उन्हें देश के अगले प्रधानमंत्री के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, इन दावों को कांग्रेस पार्टी की तरफ से तीखा जवाब मिला है। कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद कार्ति चिदंबरम ने इस पूरे घटनाक्रम पर करारा तंज कसते हुए कहा है कि केवल सोशल मीडिया पर हवा बनाने या समर्थकों की भीड़ जुटाने मात्र से देश की सर्वोच्च कुर्सी हासिल नहीं की जा सकती।
संसद के आंकड़ों का गणित और राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं
कार्ति चिदंबरम ने अपनी बात रखते हुए इस बात पर जोर दिया कि भारतीय लोकतांत्रिक प्रणाली में प्रधानमंत्री का पद किसी के चाहने या सिर्फ प्रचार करने भर से नहीं मिलता। इसके लिए लोकसभा में स्पष्ट बहुमत का होना अनिवार्य है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि देश का नेतृत्व संभालने के लिए संसद के भीतर कम से कम 272 सांसदों का ठोस समर्थन होना ही चाहिए। जब तक किसी दल या गठबंधन के पास यह जादुई आंकड़ा नहीं होता, तब तक राष्ट्रीय राजनीति में बड़े दावे करना केवल कोरी कल्पना बनकर रह जाता है।
केंद्रीय गृह मंत्री की बैठक के बाद गरमाई सियासत
इन तमाम अटकलों और चर्चाओं को तूल तब मिला जब मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित 31वीं साउदर्न जोनल काउंसिल की महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लिया था। इस उच्चस्तरीय बैठक में उनके शामिल होने के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में उनके राष्ट्रीय स्तर पर कदम रखने को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया था। विश्लेषकों का मानना है कि क्षेत्रीय दलों के नेताओं की ऐसी महत्वाकांक्षाएं आम हैं, लेकिन जमीनी हकीकत और चुनावी गणित काफी अलग होते हैं।
एक फिल्मी हस्ती के इर्द-गिर्द घूमती राजनीति
कार्ति चिदंबरम ने आगे कहा कि यह राजनीतिक दल पूरी तरह से एक मशहूर फिल्मी सितारे के व्यक्तित्व और उनकी लोकप्रियता के चारों ओर घूमता है। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि ऐसी पार्टियों के समर्थकों के लिए अपने नेता को लेकर बड़े सपने देखना और ऊंचे अरमान पालना स्वाभाविक है, लेकिन चुनावी राजनीति की कठोर जमीन पर केवल सपनों से काम नहीं चलता। उन्होंने सीधे तौर पर टिप्पणी करते हुए कहा, "भारत का प्रधानमंत्री बनने के लिए आपको 272 सांसदों का समर्थन हासिल करना होता है।"
कांग्रेस नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं
इस पूरे विवाद के बीच तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और सांसद मणिकम टैगोर ने भी अपनी तीखी प्रतिक्रिया दर्ज कराई है। उन्होंने राज्य की मौजूदा सत्तारूढ़ व्यवस्था पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा था कि तमिलनाडु के कई मंत्री अभी भी प्रोफेशनल गवर्नेंस के बजाय फैन क्लब मोड में काम कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि इस तरह की मानसिकता और कार्यशैली रखने वाले लोग जमीनी मुद्दों से दूर होकर केवल अपने नेता की छवि चमकाने में व्यस्त रहते हैं, जिससे राज्य और देश की वास्तविक राजनीति पर कोई सकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता।



















