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राजस्थान हाई कोर्ट के दबाव में चुनाव आयोग ने तेज़ की पंचायत-निकाय चुनाव की तैयारियांराजनीति
19 जुल॰ 2026, 2:50 am (100 दिन पहले)· 6

राजस्थान हाई कोर्ट के दबाव में चुनाव आयोग ने तेज़ की पंचायत-निकाय चुनाव की तैयारियां

राजस्थान हाई कोर्ट के सख्त रुख के बाद राज्य चुनाव आयोग ने पंचायत और निकाय चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं, वोटर लिस्ट लगभग तैयार है और चुनाव छह चरणों में कराए जाने के संकेत हैं।

राजस्थान में लंबे समय से टलते आ रहे पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर अब तस्वीर साफ होने लगी है। राज्य चुनाव आयोग ने इन चुनावों की तैयारियां तेज कर दी हैं और मिल रहे संकेतों के मुताबिक, राज्य में पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव छह चरणों में कराए जा सकते हैं।

वोटर लिस्ट लगभग तैयार, रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त

चुनाव आयोग के स्तर पर मतदाता सूची तैयार करने का काम लगभग पूरा किया जा चुका है, जो किसी भी चुनाव से पहले सबसे बुनियादी और समय लेने वाला काम माना जाता है। इसके साथ ही अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों के लिए रिटर्निंग ऑफिसरों की नियुक्ति भी कर दी गई है, जो मतदान से लेकर मतगणना तक की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। इन दोनों कामों के पूरा होने के बाद अब चुनाव आयोग के लिए बाकी लॉजिस्टिक्स, जैसे मतदान सामग्री और मशीनों की व्यवस्था, पर ध्यान केंद्रित करना आसान हो गया है।

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पंच-सरपंच का चुनाव बैलेट पेपर से, बाकी पदों पर EVM

चुनाव आयोग के मुताबिक, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान EVM मशीनों के जरिए कराया जाएगा, जबकि पंच और सरपंच पद के लिए मतदाता परंपरागत बैलेट पेपर के जरिए अपनी पसंद चुनेंगे। मतपेटियों की पर्याप्त संख्या पहले से ही जिलों में मौजूद है, इसलिए बैलेट पेपर वाले चुनाव के मोर्चे पर कोई बड़ी दिक्कत नहीं आनी है। हालांकि EVM मशीनों के लिए राजस्थान को पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां से ये मशीनें मंगाई जा रही हैं। इन मशीनों को सही तरीके से चलाने के लिए जिला स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स को पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है, ताकि मतदान के दिन तकनीकी गड़बड़ी की गुंजाइश कम से कम रहे।

हाई कोर्ट ने 20 जुलाई तक मांगा पूरा शेड्यूल

यह तेजी़ यूं ही नहीं आई। राजस्थान हाई कोर्ट ने हाल ही में राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग को सख्त निर्देश दिया था कि पंचायत और शहरी निकाय चुनावों का पूरा कार्यक्रम 20 जुलाई तक अदालत में पेश किया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि सरकार और चुनाव आयोग इस शेड्यूल पर OBC आयोग के साथ मिलकर चर्चा करें, ताकि यह साफ हो सके कि वार्डों के परिसीमन के लिए लॉटरी किस तारीख तक निकाली जाएगी और चुनाव आयोग किन तारीखों पर मतदान की तारीखों का ऐलान करेगा। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को अगली सुनवाई में भी मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान बेंच ने साफ नाराजगी जताई कि राज्य सरकार बार-बार अदालत की तय समय-सीमाओं को पूरा करने में नाकाम रही है।

चुनाव में देरी की असली वजह

यह पूरा मामला कई याचिकाओं से जुड़ा है। 14 नवंबर, 2025 को हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया था कि पंचायत और नगरपालिका चुनाव 15 अप्रैल, 2026 तक करा लिए जाएं। लेकिन राज्य सरकार और चुनाव आयोग तय समयसीमा में चुनाव नहीं करा सके, जिसके बाद याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट की अवमानना की याचिकाएं दायर कर दीं। इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने 22 मई, 2026 को दोबारा आदेश दिया कि संबंधित निकायों के चुनाव 31 जुलाई, 2026 तक हर हाल में करा लिए जाएं। देरी की वजह के तौर पर बताया गया कि OBC आयोग की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है और आरक्षण कोटे को लेकर सिफारिशें लंबित हैं। राज्य सरकार ने कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि OBC कमीशन 14 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सौंप देगा, जबकि आरक्षण की पूरी बारीकियों को अंतिम रूप 31 अगस्त तक दिया जाना है। अदालत की सख्ती के बीच अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि तय तारीखों के मुताबिक चुनाव आयोग वाकई 20 जुलाई तक पूरा शेड्यूल पेश कर पाता है या नहीं।

सवाल-जवाब

राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव कितने चरणों में हो सकते हैं?
मिल रहे संकेतों के मुताबिक, यह चुनाव छह चरणों में कराए जा सकते हैं।
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों का चुनाव किस तरीके से होगा?
इनका मतदान EVM मशीनों के जरिए कराया जाएगा।
पंच और सरपंच का चुनाव कैसे होगा?
पंच और सरपंच पद के लिए मतदान परंपरागत बैलेट पेपर से होगा।
EVM मशीनें कहां से मंगाई जा रही हैं?
EVM मशीनें पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश से मंगाई जा रही हैं।
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग को क्या समयसीमा दी है?
कोर्ट ने पंचायत और शहरी निकाय चुनावों का पूरा शेड्यूल 20 जुलाई तक अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है।
चुनाव कराने में देरी की वजह क्या बताई गई है?
देरी की वजह OBC आयोग की रिपोर्ट न आना और आरक्षण कोटे को लेकर सिफारिशें लंबित होना बताई गई है।
OBC आयोग कब तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगा?
राज्य सरकार के मुताबिक OBC आयोग 14 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सौंप देगा।
संबंधित निकायों के चुनाव किस तारीख तक कराने का आदेश है?
हाई कोर्ट ने 22 मई, 2026 के आदेश में संबंधित निकायों के चुनाव 31 जुलाई, 2026 तक कराने को कहा है।
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