राजस्थान की 309 नगरीय निकायों में चुनाव की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है। नाम निर्देशन पत्र जमा करने के पहले दिन प्रदेशभर में प्रत्याशियों के भीतर भारी उत्साह देखने को मिला। 309 स्थानीय निकायों में पहले ही दिन कुल 967 उम्मीदवारों ने 1144 नामांकन पत्र दाखिल किए। शुरुआती दिन में मुख्य रूप से निर्दलीय प्रत्याशियों ने आगे बढ़कर अपने पर्चे भरे, जबकि भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस जैसी प्रमुख राजनीतिक पार्टियां अपने उम्मीदवारों की अधिकृत सूची को अंतिम रूप देने में लगी हुई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे ही दलगत स्तर पर प्रत्याशियों के नाम तय होंगे, वैसे ही नामांकन स्थलों पर भीड़ और पर्चा भरने की रफ्तार काफी तेज हो जाएगी।
दौसा जिले में नामांकन का ब्योरा और निकायों का गणित
पहले दिन के चुनावी आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के विभिन्न जिलों में अलग अलग नजारा देखने को मिला। कहीं पर्चा दाखिल करने के लिए होड़ मची रही तो कुछ निकायों में पहले दिन एक भी प्रत्याशी ने पर्चा नहीं भरा। दौसा जिले की बात करें तो यहाँ पहले दिन 49 उम्मीदवारों ने कुल 63 नाम निर्देशन पत्र जमा कराए। दौसा में बांदीकुई नगर पालिका में सबसे ज्यादा चुनावी हलचल रही, जहाँ 23 प्रत्याशियों ने 30 नामांकन पत्र दाखिल किए। इसके अतिरिक्त महवा और लालसोट नगर पालिका में 13-13 पर्चे जमा किए गए। मंडावरी में 3 और लवाण में 2 उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी पेश की, जबकि दौसा नगर परिषद और मंडावर नगर पालिका में केवल एक-एक नामांकन जमा हुआ। इसके विपरीत बसवा, सिकराय तथा रामगढ़ पचवारा में पहले दिन खाता भी नहीं खुला और वहां कोई नामांकन दर्ज नहीं किया गया।
धौलपुर जिले के वार्डों की स्थिति और उम्मीदवारों की गतिविधि
धौलपुर जिले में पहले दिन 35 उम्मीदवारों ने कुल 52 नामांकन पत्र जमा किए। धौलपुर की बाड़ी नगर पालिका नामांकन के मामले में सबसे आगे रही, जहाँ 21 दावेदारों ने 35 पर्चे भरे। इसके अलावा बसेड़ी में 6 प्रत्याशियों ने 8 पर्चे, धौलपुर नगर परिषद में 4 प्रत्याशियों ने 5 पर्चे, राजाखेड़ा में 3 प्रत्याशियों ने अपने पर्चे और मनियां में 1 प्रत्याशी ने अपना पर्चा जमा कराया। वहीं सैंपऊ और सरमथुरा निकायों में पहले दिन सन्नाटा रहा और कोई भी पर्चा जमा नहीं हुआ।
धौलपुर नगर परिषद के कुल 60 वार्डों के प्रशासनिक गणित को देखें तो पहले दिन केवल तीन वार्डों से कुल 5 नामांकन आए। वार्ड 40 से अतुल भार्गव ने कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार के साथ-साथ निर्दलीय के रूप में भी पर्चा भरा। वार्ड 28 से यश तिवारी और धर्मेंद्र ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपने नामांकन पत्र सौंपे। इसी तरह वार्ड 43 से आयुषी शर्मा ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल किया। नामांकन से पहले तय शुल्क जमा करने के लिए कलेक्ट्रेट में काफी चहल-पहल रही, जहाँ लगभग 100 लोगों ने तय फीस जमा कराई और 200 से अधिक लोगों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन तरीकों से नामांकन पत्र प्राप्त किए।
राजसमंद, चित्तौड़गढ़, करौली और बाड़मेर की जमीनी रिपोर्ट
राजसमंद जिले की पांच नगरीय निकायों में पहले दिन धीमी शुरुआत हुई, जहाँ कुल 9 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए। राजसमंद की आमेट नगर पालिका में 1, नाथद्वारा में 7 और राजसमंद नगर परिषद में 1 पर्चा भरा गया, जबकि भीम और देवगढ़ नगर पालिका में पहले दिन एक भी नामांकन नहीं आया। चित्तौड़गढ़ जिले की सात निकायों की बात करें तो यहाँ कुल 12 नामांकन पत्र जमा किए गए, जिनमें से 11 नामांकन अकेले बड़ीसादड़ी नगर पालिका से आए और 1 नामांकन कपासन नगर पालिका में दर्ज हुआ।
करौली जिले में नामांकन प्रक्रिया के प्रथम दिन भावी उम्मीदवारों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। करौली के उपखंड अधिकारी कार्यालय में नामांकन फॉर्म लेने वालों का तांता लगा रहा और निर्वाचन अधिकारी से 55 से अधिक उम्मीदवारों ने फॉर्म प्राप्त किए। यहाँ शांतिपूर्ण प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए व्यापक पुलिस इंतजाम किए गए थे। उधर बाड़मेर में भी निकाय चुनाव की घोषणा के साथ ही पार्षद पद के लिए दावेदार सक्रिय हो गए। बाड़मेर में भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशियों ने अपने नामांकन दाखिल किए। नामांकन केंद्रों पर समर्थकों की अनियंत्रित भीड़ को संभालने के लिए पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई।
त्योहारी अवकाश का ब्रेक और अंतिम दो दिनों में उमड़ने वाली भीड़
प्रदेशभर में नगरीय निकाय चुनाव के पहले दिन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद अब आगामी दो दिनों तक नामांकनों पर विराम रहेगा। 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर्व और 30 अगस्त को रविवार का अवकाश होने के कारण नामांकन पत्र दाखिल करने का कार्य बंद रहेगा। इसके बाद निर्वाचन आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार 29 अगस्त और 31 अगस्त को ही नामांकन जमा किए जा सकेंगे।
नामांकन के लिए अंतिम दो दिन शेष रहने के कारण कलेक्ट्रेट और सभी उपखंड कार्यालयों में भारी भीड़ जुटने की पूरी संभावना जताई जा रही है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के आला नेताओं द्वारा बी-फॉर्म और अधिकृत प्रत्याशियों की सूची जारी किए जाने की उम्मीद है। टिकट फाइनल होते ही पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार और टिकट कटने से नाराज बागी प्रत्याशी बड़ी संख्या में अपने नामांकन जमा करेंगे, जिससे प्रदेश की चुनावी राजनीति में मुकाबला बेहद रोचक होने वाला है।
























