द विस्पर मैन रिव्यू: निर्देशक जेम्स एशक्रॉफ्ट की नई फिल्म 90 के दशक के क्राइम थ्रिलर सिनेमा की याद ताजा करती है। एंथनी और जो रूसो के एजीबीओ बैनर तले बनी यह फिल्म पुरानी शैली की थ्रिलर कहानियों की परंपरा को मजबूती से आगे बढ़ाती है। इससे पहले इस बैनर ने 21 ब्रिजेस जैसी बेहतरीन पुलिस थ्रिलर दी थी, जिसे दिवंगत अभिनेता चैडविक बोसमैन ने यादगार बनाया था। इसके अलावा एक्सट्रैक्शन जैसी हिट एक्शन फिल्म में क्रिस हेम्सवर्थ का जबरदस्त अवतार देखने को मिला था। हालांकि द विस्पर मैन में मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स का कोई मुख्य चेहरा नहीं है, फिर भी दिग्गजों से सजी इसकी स्टार कास्ट एक जानी-पहचानी सीरियल किलर कहानी को बेहद रोमांचक बना देती है।
पुरानी अनसुलझी गुत्थी और नया खौफ
फिल्म की कहानी एलेक्स नॉर्थ के प्रसिद्ध उपन्यास पर आधारित है। कहानी एक पुराने सीरियल किलर केस के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे विस्पर मैन के नाम से जाना जाता है। यह कातिल भावनात्मक रूप से कमजोर छोटे बच्चों को अपना शिकार बनाता है। उसकी खौफनाक पहचान से जुड़ी एक बाल कविता और खिड़की पर दस्तक देने की रहस्यमयी कहानी वर्षों से चली आ रही है। सालों बाद जब अचानक शहर से बच्चे फिर गायब होने लगते हैं, तब यह पुराना खौफ दोबारा सामने आता है।
यह घटनाक्रम ठीक उसी समय शुरू होता है जब पत्नी की मौत के गम में डूबा टॉम कैनेडी (एडम स्कॉट) अपने छोटे बेटे जेक (ऐक्सटन लुका पोर्टो) के साथ अपने पुराने कस्बे में लौटता है। टॉम अपने बेटे की बातों पर ध्यान नहीं देता, जब जेक नए घर में अजीब आवाजें सुनने और रहस्यमयी चीजें देखने की शिकायत करता है। देखते ही देखते छोटा जेक गायब हो जाता है। इसके बाद जेक को सही सलामत वापस पाने की एक सांस रोक देने वाली खोज शुरू होती है। सवाल यह उठता है कि क्या असली विस्पर मैन सलाखों के पीछे होने के बावजूद इस वारदात को अंजाम दे रहा है या कोई और उसका तरीका अपना रहा है।
टूटे रिश्तों का दर्द और दिग्गजों का अभिनय
इस थ्रिलर की सबसे बड़ी ताकत इसकी शानदार स्टार कास्ट है। जेक के गायब होने के बाद टॉम को अपने पिता पीट (रॉबर्ट डि नीरो) से दोबारा संपर्क करना पड़ता है, जो एक पुलिस डिटेक्टिव हैं। डि नीरो ने इस किरदार में अपनी स्वाभाविक गंभीरता से जान डाल दी है। हालांकि यह भूमिका उनके लिए बहुत चुनौतीपूर्ण नहीं है, लेकिन इस तरह के संजीदा थ्रिलर में उन्हें देखना हमेशा सुखद होता है। अपने बेटे एडम स्कॉट के साथ उनके रिश्तों की कड़वाहट और टॉम का अपने बेटे जेक के प्रति भावनात्मक रूप से कटा होना कहानी की मुख्य थीम है। फिल्म में पीढ़ियों से चले आ रहे टूटे पिता-पुत्र के रिश्तों के दर्दनाक परिणामों को बहुत गहराई से दिखाया गया है। वहीं केस की जांच कर रही पुलिस अधिकारी के रूप में मिशेल मोनाघन ने अपनी संक्षिप्त भूमिका को पूरी निष्ठा के साथ निभाया है।
खौफनाक किरदार और आमने-सामने की टक्कर
फिल्म का नकारात्मक पक्ष अधिक दिलचस्प नजर आता है। मिडनाइट मास के बाद अपनी अलग पहचान बना चुके हैमिश लिंकलेटर ने नॉर्मन के किरदार में एक अजीब सी खामोशी और डर का माहौल बनाया है। हत्याओं की कहानियों में उसकी गहरी दिलचस्पी उसे नए मामलों में मुख्य संदिग्ध बना देती है। दूसरी ओर माइकल कीटन ने अपनी छोटी भूमिका में जबरदस्त प्रभाव छोड़ा है। वह मूल विस्पर मैन के रूप में काफी समय से जेल में बंद हैं, लेकिन जब पुलिस उनसे मदद मांगने आती है तो वह हैनिबल लेक्टर के अंदाज में दिमागी खेल खेलते हैं। माइकल कीटन और रॉबर्ट डि नीरो के बीच टेबल के आमने-सामने का लंबा दृश्य पूरी फिल्म का सबसे बेहतरीन और यादगार हिस्सा है।
थ्रिलर प्रेमियों के लिए एक संतुलित सिफारिश
द विस्पर मैन में किसी बड़े अप्रत्याशित ट्विस्ट की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए और न ही यह इस शैली की कालजयी फिल्मों में शामिल होने वाली है। लेकिन बेहतरीन स्टार कास्ट, कसे हुए सस्पेंस और किरदारों की गहराई के कारण यह फिल्म देखने योग्य बनती है। एजीबीओ के 90 के दशक वाली थ्रिलर फिल्मों को फिर से जीवित करने के इस प्रयास की सराहना की जानी चाहिए।


















