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सिद्धारमैया की बड़ी मांग: जाति जनगणना लागू हो, आरक्षण 75 प्रतिशत तक बढ़ेराजनीति
6 सित॰ 2026, 7:14 pm (50 दिन पहले)· 4

सिद्धारमैया की बड़ी मांग: जाति जनगणना लागू हो, आरक्षण 75 प्रतिशत तक बढ़े

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने जाति सर्वेक्षण रिपोर्ट लागू करने और दलितों, पिछड़े समुदायों तथा अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण को बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने की मांग की है।

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्य में जाति जनगणना को तुरंत लागू करने और दलितों, पिछड़े समुदायों तथा अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण को बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि जब तक हर समुदाय को उसकी आबादी के अनुपात में बराबर मौके नहीं मिलेंगे, तब तक समाज में असली बराबरी नहीं आ सकती।

सिद्धारमैया ने क्या कहा

कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग महासंघ के सिल्वर जुबली समारोह में बोलते हुए सिद्धारमैया ने जाति सर्वेक्षण रिपोर्ट को जल्द लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "अगर आप सभी को सामाजिक न्याय चाहिए, तो कम से कम 75 प्रतिशत आरक्षण होना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा कि दलितों, पिछड़े समुदायों और अल्पसंख्यकों, तीनों समुदायों को यह 75 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए। उनका कहना था कि आरक्षण की सीमा हर समुदाय की जनसंख्या के हिसाब से तय होनी चाहिए, ना कि किसी पुराने फॉर्मूले के आधार पर।

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जाति जनगणना की मांग क्यों अहम है

कर्नाटक में जाति सर्वेक्षण रिपोर्ट पहले से मौजूद है, लेकिन उसे अब तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। सिद्धारमैया लंबे समय से इस रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण ढांचे में बदलाव की वकालत करते रहे हैं, ताकि दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदायों को उनकी वास्तविक आबादी के मुताबिक हिस्सेदारी मिल सके। मौजूदा मांग को उनकी इसी सामाजिक न्याय की राजनीति का विस्तार माना जा रहा है।

सिद्धारमैया का सियासी सफर

सिद्धारमैया कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और सबसे लंबे समय तक इस पद पर रहने का रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज है। मई 2026 में उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद जून 2026 में डी के शिवकुमार ने कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। पूर्व मुख्यमंत्री रहते हुए भी सिद्धारमैया सामाजिक न्याय और आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर लगातार अपनी बात रखते आए हैं।

सवाल-जवाब

सिद्धारमैया ने क्या मांग की?
उन्होंने जाति जनगणना लागू करने और दलितों, पिछड़े समुदायों तथा अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण को बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने की मांग की।
यह बयान कहां दिया गया?
कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग महासंघ के सिल्वर जुबली समारोह में।
सिद्धारमैया अभी किस पद पर हैं?
वे कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री हैं; मई 2026 में उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था।
कर्नाटक के मौजूदा मुख्यमंत्री कौन हैं?
जून 2026 में डी के शिवकुमार कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बने।
सिद्धारमैया किस रिपोर्ट को लागू करने की बात कर रहे हैं?
वे कर्नाटक की जाति सर्वेक्षण रिपोर्ट को लागू करने की मांग कर रहे हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·50 दिन पहले

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा जाति सर्वेक्षण रिपोर्ट को लागू करने और आरक्षण को 75 प्रतिशत तक बढ़ाने की मांग ने देश की क्षेत्रीय राजनीति में सामाजिक न्याय के एजेंडे को एक बार फिर सबसे आगे ला दिया है। उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में भी जाति आधारित जनगणना और आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी की मांग जोर पकड़ रही है। ऐसे में, सिद्धारमैया का यह बयान राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक दलों के बीच आरक्षण की सीमा और सामाजिक समीकरणों को लेकर एक नई बहस को और अधिक तेज कर सकता है, जिसका असर आगामी चुनावों पर पड़ना तय है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·50 दिन पहले

सिद्धारमैया की यह मांग न केवल राज्य की राजनीति बल्कि कानूनी और संवैधानिक मोर्चे पर भी एक बड़े टकराव को जन्म दे सकती है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तय की गई पचास प्रतिशत आरक्षण की सीमा को पार करने के ऐसे प्रस्ताव पहले भी कानूनी पेचीदगियों में फंस चुके हैं। यदि इस रिपोर्ट को लागू कर आरक्षण को पचहत्तर प्रतिशत तक बढ़ाया जाता है, तो यह मामला निश्चित रूप से अदालतों की चौखट तक पहुंचेगा, जहाँ इसकी संवैधानिक वैधता और समानता के अधिकार की कसौटी पर कड़ी जाँच होगी।

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