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संजय राउत ने अमित शाह को लिखा पत्र, मराठा आरक्षण आंदोलन से जुड़े वित्तीय लेन-देन की ईडी से मांगराजनीति
26 अक्तू॰ 2026, 12:44 pm (2 घंटे पहले)· 1

संजय राउत ने अमित शाह को लिखा पत्र, मराठा आरक्षण आंदोलन से जुड़े वित्तीय लेन-देन की ईडी से मांग

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर मनोज जरांगे पाटिल के दावों और वायरल ऑडियो क्लिप मामले में प्रवर्तन निदेशालय से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने 500 करोड़ रुपए के कथित लेन-देन की बात उठाई है।

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट आ गई है, क्योंकि शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक औपचारिक पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख चेहरे मनोज जरांगे पाटिल के बयानों और एक वायरल ऑडियो क्लिप से जुड़े गंभीर वित्तीय मामलों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि इस प्रकरण में कथित तौर पर 500 करोड़ रुपए के लेन-देन की बात सामने आई है, जो सीधे तौर पर धन शोधन निवारण अधिनियम के दायरे में आता है।

गृह मंत्री को लिखे पत्र के मुख्य बिंदु

सांसद संजय राउत ने अपने पत्र में इस बात का जिक्र किया है कि 20 अक्टूबर को मनोज जरांगे पाटिल ने बेहद चौंकाने वाले दावे किए थे। उन खुलासों के मुताबिक, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राज्य में भारतीय जनता पार्टी की कोर टीम के वरिष्ठ नेताओं से यह भारी-भरकम राशि प्राप्त की थी। योजना यह थी कि इस रकम को उनके बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से मनोज जरांगे तक पहुंचाया जाएगा ताकि आंदोलन की दिशा मोड़ी जा सके, लेकिन यह धन कभी उस तक नहीं पहुंच पाया।

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विधानसभा चुनाव से जुड़ाव और ऑडियो क्लिप

पत्र में आगे यह भी स्पष्ट किया गया है कि ये सारी गतिविधियां ठीक 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले अंजाम दी गईं। इसका मुख्य उद्देश्य आंदोलनकारी को शांत करना और मराठा आरक्षण के लिए चल रहे मुखर विरोध प्रदर्शनों को कमजोर करना था। सांसद ने रेखांकित किया कि मनोज जरांगे पाटिल द्वारा सार्वजनिक की गई ऑडियो क्लिप कई स्तरों पर चिंताजनक है, और इसमें सबसे बड़ा सवाल इतनी बड़ी मात्रा में नकदी के इस्तेमाल को लेकर उठता है।

प्रवर्तन निदेशालय से जांच की गुहार

संजय राउत ने सवाल उठाया है कि आखिर यह पांच सौ करोड़ रुपए की राशि किसने किसको सौंपी और यदि यह तय पते पर नहीं पहुंची, तो इसका अंतिम गंतव्य क्या था। उन्होंने इसे धन शोधन का स्पष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि इस पूरे तंत्र की तह तक जाना जरूरी है। उन्होंने अनुरोध किया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय को महाराष्ट्र पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय को इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश देना चाहिए ताकि जनता के सामने सच्चाई आ सके।

अनिल देशमुख मामले से तुलना

अपने तर्कों को पुख्ता करते हुए सांसद ने अतीत की एक अन्य घटना का भी हवाला दिया। उन्होंने मार्च 2021 का वह प्रसंग याद दिलाया जब मुंबई के तत्कालीन पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख पर हर महीने एक निश्चित राशि वसूलने का बिना सबूत का आरोप लगाया था, जिसके बाद केंद्रीय एजेंसी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की थी। राउत का तर्क है कि वर्तमान मामले में तो ऑडियो क्लिप जैसे सबूत भी मौजूद हैं, इसलिए इसमें और भी अधिक तत्परता दिखाई जानी चाहिए।

सवाल-जवाब

संजय राउत ने किसे पत्र लिखा है?
संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है।
इस मामले में कितनी राशि के लेन-देन का आरोप है?
इस मामले में 500 करोड़ रुपए के कथित लेन-देन की बात कही गई है।
पत्र में किस एजेंसी से जांच की मांग की गई है?
पत्र में प्रवर्तन निदेशालय और महाराष्ट्र पुलिस से जांच कराने की मांग की गई है।
यह विवाद किससे जुड़ा हुआ है?
यह विवाद मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल के बयानों और वायरल ऑडियो क्लिप से जुड़ा है।
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