शशि थरूर ने संयुक्त राष्ट्र के भविष्य और सुधारों पर रखी अपनी बातहरिद्वार की हर की पैड़ी का सूखा हाल, पानी रुकते ही सामने आया कचरे और पुराने कपड़ों का बड़ा ढेरदिल्ली पुलिस ने कंटेंट क्रिएटर आमिर शौकीन को किया गिरफ्तार, त्रिपुरा के युवक से की थी बदसलूकीहकलाहट से जंग जीतकर राजस्थान सरकार में अधिकारी बने हिमांशु सिंह, 17 साल का संघर्ष बना प्रेरणातमिलनाडु में मंत्रियों और विधायकों के लिए सरकारी गाड़ी खरीदने की सीमा तय, जानिए किसे मिलेगी कितने की कारड्राइविंग लाइसेंस बनवाना हुआ कठिन, ऑनलाइन परीक्षा में अब लाने होंगे 75 प्रतिशत अंकपंजाब में एनडीए की सरकार बनाने के अमित शाह के दावे पर गरमाई सियासतईटानगर विधायक ने किया TRIHMS के विस्तार स्थल का दौरा, नाहरलाउन बाजार परियोजना में देरी पर जताई चिंताबाड़मेर में बड़ा हादसा: हाईटेंशन लाइन टूटने से पति-पत्नी और 14 मवेशियों की मौत, ग्रामीणों का हंगामाघर पर ऐसे बनाएं स्वादिष्ट लौकी मेवा बर्फी, मेहमान भी पूछेंगे रेसिपी
तमिलनाडु में मंत्रियों और विधायकों के लिए सरकारी गाड़ी खरीदने की सीमा तय, जानिए किसे मिलेगी कितने की कारराजनीति
22 अक्तू॰ 2026, 7:23 pm (1 घंटे पहले)· 2

तमिलनाडु में मंत्रियों और विधायकों के लिए सरकारी गाड़ी खरीदने की सीमा तय, जानिए किसे मिलेगी कितने की कार

तमिलनाडु सरकार ने मंत्रियों और विधायकों के लिए वाहन खरीद की नई सीमा तय कर दी है। मंत्रियों के लिए 26 लाख रुपये और अन्य विधायकों के लिए 15 लाख रुपये की सीमा तय की गई है।

तमिलनाडु में जनप्रतिनिधियों के लिए आधिकारिक वाहनों की खरीद को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। राज्य सरकार की ओर से उठाए गए इस कदम के तहत मंत्रियों और विधानसभा के वरिष्ठ पदाधिकारियों के लिए नई सरकारी कार खरीदने की अधिकतम सीमा 26 लाख रुपये तय कर दी गई है। इसके साथ ही सामान्य विधायकों यानी एमएलए के लिए यह सीमा 15 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इस बदलाव को तमिलनाडु विधानसभा के सदस्यों पर लागू होने वाले यात्रा भत्ता नियमों में संशोधन के जरिए एक नए राजपत्र यानी गजट के माध्यम से आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया गया है।

कौन-कौन से पद शामिल हैं इस दायरे में

इस नई अधिसूचना के अनुसार 26 लाख रुपये की वाहन खरीद सीमा केवल मंत्रियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और सरकारी मुख्य सचेतक यानी चीफ व्हिप को भी शामिल किया गया है। इन सभी वरिष्ठ पदों पर आसीन नेताओं के लिए वाहन खरीदने की अधिकतम सीमा 26 लाख रुपये होगी। वहीं, इन विशेष पदों के अलावा अन्य सभी विधायकों को 15 लाख रुपये तक की कीमत वाला वाहन लेने की पात्रता दी गई है।

ये भी पढ़ें

लागत में क्या-क्या होगा शामिल

सरकार द्वारा तय की गई इन वित्तीय सीमाओं में वाहन की एक्स-शोरूम कीमत के साथ-साथ सभी प्रकार के कर यानी टैक्स, पंजीकरण शुल्क और मोटर बीमा प्रीमियम जैसी खरीद से जुड़ी तमाम लागतें शामिल होंगी। इसका स्पष्ट अर्थ यह है कि वाहन खरीदने पर होने वाले ये सभी खर्च निर्धारित 15 लाख या 26 लाख रुपये की सीमा के भीतर ही समायोजित किए जाएंगे और इनके लिए अलग से कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं किया जाएगा।

हर साल बढ़ेगी वाहन खरीद की सीमा

जारी किए गए सरकारी आदेश में यह भी एक महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है कि वाहन खरीद की इस तय सीमा में हर वर्ष 5 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। इस वार्षिक बढ़ोतरी के जरिए अनुमत खर्च समय-समय पर स्वतः बढ़ता रहेगा, जिससे बढ़ती कीमतों के साथ तालमेल बिठाया जा सके। इसके अलावा, संशोधित नियमों के तहत यह भी अनिवार्य किया गया है कि खरीदे जाने वाले सभी नए वाहन बीएस-6 उत्सर्जन मानकों के पूरी तरह अनुरूप होने चाहिए।

खरीद प्रक्रिया और स्वामित्व के नियम

वाहन की खरीद प्रक्रिया और उसके स्वामित्व को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। मंत्रियों को जो वाहन आवंटित किए जाएंगे, उन्हें तमिलनाडु सरकार सीधे अपने नाम पर खरीदेगी। वहीं दूसरी ओर, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, मुख्य सचेतक और अन्य विधायकों के लिए वाहन खरीदने की पूरी प्रक्रिया संबंधित विधानसभा सचिवालय के माध्यम से संचालित की जाएगी। अधिसूचना के मुताबिक यह सभी वाहन केंद्र सरकार के गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस पोर्टल के जरिए ही खरीदे जाएंगे।

वाहन वापसी और रखरखाव की शर्तें

नियमों के अनुसार यदि कोई मंत्री अपना पद छोड़ता है, उसका कार्यकाल पूरा होता है या फिर अयोग्यता जैसी किसी अन्य वजह से उसका पद समाप्त होता है, तो उसे आवंटित सरकारी वाहन तुरंत वापस सरकार को लौटाना होगा। इसी तरह की शर्तें विधानसभा अध्यक्ष और अन्य पात्र पदाधिकारियों पर भी लागू की गई हैं। जहां तक सामान्य विधायकों की बात है, तो उनके वाहनों के रखरखाव, मरम्मत, ईंधन और चालक से जुड़े तमाम खर्च उन्हें मिलने वाले नियमित वाहन भत्ते से ही पूरे करने होंगे।

किसने जारी किया आदेश

इन तमाम संशोधित नियमों में वाहन खरीदने और उसके नियमित उपयोग पर आने वाले खर्चों को बिल्कुल अलग-अलग रखा गया है। इन सभी संशोधनों और नई व्यवस्था से जुड़ा आधिकारिक सरकारी आदेश लोक विभाग की सचिव ई. सुंदरवल्ली की तरफ से जारी किया गया है। इस नई व्यवस्था के लागू होने से प्रत्येक श्रेणी के जनप्रतिनिधियों की वित्तीय पात्रता और वाहन खरीद से जुड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी पूरी तरह स्पष्ट हो गई है, जबकि वाहन का उपयोग सीधे तौर पर उनके पद पर बने रहने की शर्तों से जुड़ा रहेगा।

सवाल-जवाब

तमिलनाडु में मंत्रियों के लिए नई कार खरीदने की अधिकतम सीमा क्या तय की गई है?
मंत्रियों के लिए सरकारी कार खरीदने की अधिकतम सीमा 26 लाख रुपये तय की गई है।
सामान्य विधायकों यानी एमएलए के लिए वाहन खरीद की सीमा कितनी है?
अन्य सभी विधायकों के लिए यह सीमा 15 लाख रुपये निर्धारित की गई है।
26 लाख रुपये की वाहन सीमा किन-किन पदों पर लागू होगी?
यह सीमा मंत्रियों के अलावा विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और सरकारी मुख्य सचेतक पर लागू होगी।
वाहन खरीद की इस सीमा में कौन-कौन से खर्च शामिल हैं?
इसमें वाहन की एक्स-शोरूम कीमत, कर, पंजीकरण शुल्क और मोटर बीमा प्रीमियम सहित सभी लागतें शामिल हैं।
वाहन खरीद की सीमा में हर साल कितने प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी?
वाहन खरीद की सीमा में हर वर्ष 5 प्रतिशत की वृद्धि किए जाने का प्रावधान किया गया है।
साधारण विधायकों को वाहन का रखरखाव और ईंधन का खर्च कहां से उठाना होगा?
साधारण विधायकों को वाहन के रखरखाव, मरम्मत, ईंधन और चालक संबंधी खर्च अपने मिलने वाले वाहन भत्ते से ही पूरे करने होंगे।
यह नया आदेश किसके द्वारा जारी किया गया है?
यह सरकारी आदेश लोक विभाग की सचिव ई. सुंदरवल्ली द्वारा जारी किया गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sophie Laurent@sophie-laurent·8 मिनट पहले

जनप्रतिनिधियों के लिए गाड़ियों की कीमत तय करना अच्छी बात है, लेकिन हर साल इसमें पांच प्रतिशत की जो बढ़ोतरी का नियम है, क्या वो वाकई ज़रूरी था?

Karan Malhotra@karan-malhotra·33 मिनट पहले

जनप्रतिनिधियों के वाहनों पर खर्च की सीमा तय होना और हर साल पांच प्रतिशत बढ़ोतरी का नियम अच्छा है, कम से कम फिजूलखर्ची पर कुछ लगाम तो लगेगी।

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·32 मिनट पहले

करण, बात तो सही है पर मुझे थोड़ा शक है कि हर साल 5% बढ़ोतरी से फिजूलखर्ची पर सच में लगाम लग पाएगी या खर्च और बढ़ जाएगा।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

जनप्रतिनिधियों के लिए खर्च की सीमा तय होना अच्छा है, जनता के पैसे का सही इस्तेमाल दिखना चाहिए।

Ravikash Gupta@ravikash·1 घंटे पहले

रोहन जी, बात तो सही है। कार की हर साल ५% सीमा बढ़ने से खर्च भी तो वैसे ही बढ़ेगा।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp