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तमिलनाडु विधानसभा में मिसाल पेश करते हुए मंत्री की गलती पर मुख्यमंत्री विजय ने खुद मांगी माफीराजनीति
18 अग॰ 2026, 2:03 pm (24 दिन पहले)· 2

तमिलनाडु विधानसभा में मिसाल पेश करते हुए मंत्री की गलती पर मुख्यमंत्री विजय ने खुद मांगी माफी

तमिलनाडु विधानसभा में एक मंत्री द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि का नाम बिना सम्मानसूचक शब्द के लेने पर मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने खुद माफी मांगी।

तमिलनाडु विधानसभा के सोमवार के सत्र के दौरान एक अनूठा दृश्य देखने को मिला, जब राज्य के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने अपने ही कैबिनेट मंत्री की गलती के लिए पूरे सदन से माफी मांगी। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान एक मंत्री ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि का उल्लेख करते समय उनके नाम के साथ पारंपरिक सम्मानसूचक शब्द नहीं लगाए। इस चूक का अहसास होते ही मुख्यमंत्री थलापति विजय तुरंत खड़े हुए और उन्होंने गरिमा का परिचय देते हुए स्वयं खेद व्यक्त किया।

सदन में क्या हुआ और मुख्यमंत्री ने क्या कहा

मंत्रिमंडल के सहयोगी द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री का नाम सीधे तौर पर लिए जाने के बाद मुख्यमंत्री विजय ने तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एम करुणानिधि जैसे वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करना हर नागरिक और जनप्रतिनिधि का दायित्व है। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि भविष्य में इस तरह की चूक दोबारा नहीं होगी। मुख्यमंत्री के इस विनम्र रुख को देखकर सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ही ओर के सदस्य मुस्कुरा उठे और उनके इस कदम का स्वागत किया।

प्रशासनिक कार्यशैली और पृष्ठभूमि

हाल के महीनों में तमिलनाडु की सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री विजय लगातार अपने फैसलों और कार्यशैली को लेकर चर्चा में रहे हैं। अपनी सरकार के शुरुआती महीनों में उन्होंने मेट्रो रेल में यात्रा करने से लेकर प्रशासनिक खर्चों में कटौती कर सरकार के लाखों रुपये बचाने जैसे कदम उठाए हैं। विधानसभा में वरिष्ठ नेताओं के प्रति दिखाई गई इस राजनीतिक मर्यादा ने सदन में एक सकारात्मक वातावरण तैयार किया है, जिसकी सराहना विभिन्न राजनीतिक हलकों में हो रही है।

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सवाल-जवाब

मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में माफी क्यों मांगी?
कैबिनेट मंत्री द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि का नाम बिना सम्मानसूचक शब्द के लिए जाने पर मुख्यमंत्री विजय ने सदन से माफी मांगी।
सदन में किस नेता के नाम को लेकर यह घटना हुई?
यह मामला पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि के नाम के साथ 'कलाईग्नार' जैसे सम्मानसूचक शब्द न लगाने से जुड़ा था।
मुख्यमंत्री विजय ने अपनी माफी में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि करुणानिधि जैसे नेताओं का सम्मान करना अनिवार्य है और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं दोहराई जाएगी।
विधानसभा सदस्यों की इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया रही?
मुख्यमंत्री की तुरंत माफी और विनम्र व्यवहार को देखकर सदन में मौजूद सदस्य मुस्कुरा उठे और इस कदम का स्वागत किया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·24 दिन पहले

तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि के सम्मान में दिखाई गई राजनीतिक मर्यादा एक बड़ा संदेश देती है। जब कार्यपालिका का मुखिया सदन में शालीनता और परंपराओं का पालन स्वयं आगे बढ़कर सुनिश्चित करता है, तो इसका सीधा असर प्रशासनिक संस्कृति और विपक्ष के साथ संबंधों पर पड़ता है। ऐसे कदम राज्य की राजनीति में दीर्घकालिक राजनीतिक परिपक्वता स्थापित करते हैं, जिससे विधायी बहसों का स्तर भी सुधरता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·24 दिन पहले

रोहन के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, इस घटना का प्रभाव केवल विधानसभा की गरिमा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की प्रशासनिक संस्कृति और कानून-व्यवस्था के प्रति सरकार के दृष्टिकोण को भी प्रभावित करता है। जब शीर्ष नेतृत्व सदन के भीतर परंपराओं और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने में व्यक्तिगत रूप से आगे आता है, तो इसका स्पष्ट संदेश नौकरशाही और पुलिस प्रशासन तक भी पहुंचता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि सार्वजनिक जीवन में संवाद की भाषा और आचरण के स्तर पर उच्च मानकों का पालन किया जाए, जो अंततः राजनीतिक संघर्षों को कम करके एक स्वस्थ विधायी व्यवस्था की नींव रखता है।

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