मक्का और मदीना में फंसे कर्नाटक के सैकड़ों उमराह तीर्थयात्री, एयरलाइंस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारीलाइव: बंगाल की खाड़ी में बना दबाव भीषण चक्रवात में तब्दील, 28 अक्टूबर को आंध्र तट से टकराने की आशंकाघने और लंबे बालों के लिए असरदार हेयर केयर रूटीन, यूट्यूब क्रिएटर ने साझा किए चार जरूरी स्टेप्सडेटा सेंटरों के खिलाफ वैश्विक विरोध से अमेरिका को मिलने वाले जरूरी सबकवेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया मकाडो 10 महीने के निर्वासन के बाद वतन लौटीं, लारा में समर्थकों से मिलींआपदा राहत विभाग की समीक्षा के बाद राजस्थान के 13 जिलों की 53 तहसीलें सूखाग्रस्त घोषितपटना में मल्लिकार्जुन खरगे के विवादित बयान पर गरमाई राजनीति, राजनाथ सिंह ने जताई कड़ी आपत्तिआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप्स के लिए असली प्रोडक्ट-मार्केट फिट हासिल करना क्यों बना सबसे बड़ी चुनौतीईरान तनाव के बीच बाजार गिरावट में कंट्रैरियन इन्वेस्टिंग से कैसे बनाएं मुनाफा, एक्सपर्ट्स ने दिए अहम टिप्सदिल्ली एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट कर्मचारियों की तंजभरी टिप्पणी से बोर्डिंग गेट पर भारी हंगामा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027: अखिलेश यादव ने क्यों बदली पीडीए की परिभाषा?राजनीति
29 अग॰ 2026, 3:52 pm (57 दिन पहले)· 23

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027: अखिलेश यादव ने क्यों बदली पीडीए की परिभाषा?

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने राजनीतिक हथियार पीडीए की परिभाषा में नया बदलाव किया है। इस राजनीतिक समीकरण को लेकर सत्ताधारी दल बीजेपी और मुख्य विपक्षी दल सपा के बीच घमासान तेज हो गया है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में साल 2027 के विधानसभा चुनावों का पारा अभी से चढ़ने लगा है। राज्य की सत्ता पर पकड़ मजबूत करने के लिए भारतीय जनता पार्टी और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के बीच आमने-सामने की टक्कर देखने को मिल रही है। इसी राजनीतिक माहौल के बीच, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने प्रमुख राजनीतिक अस्त्र ‘PDA’ समीकरण को एक बार फिर नया रूप देना शुरू कर दिया है। हाल ही में उन्होंने इस फॉर्मूले की एक बिल्कुल नई परिभाषा सामने रखी है, जिससे प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

युवाओं और खेलों से जोड़ा गया नया समीकरण

शनिवार को सामने आए घटनाक्रम में अखिलेश यादव ने पीडीए का दायरा बढ़ाते हुए इसे खेल और युवाओं की ऊर्जा से जोड़ दिया। पीडीए शिखर अभियान के मंच से उन्होंने इसका अर्थ ‘प्ले, डेवलप और अचीव’ यानी खेलना, विकसित करना और हासिल करना बताया। सपा प्रमुख का यह नया रुख युवाओं को साहसिक गतिविधियों और राज्य के समग्र विकास से जोड़ने की कवायਦ के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी इस फॉर्मूले के जरिए पारंपरिक जातिगत सीमाओं से परे जाकर युवाओं को अपनी ओर खींचने का प्रयास कर रही है।

ये भी पढ़ें

लोकसभा चुनाव से लेकर अब तक बदलते रहे हैं मायने

अगर बीते कुछ समय के राजनीतिक सफर पर नजर डालें, तो स्पष्ट होता है कि इस फॉर्मूले के अर्थ समय के साथ लगातार बदलते रहे हैं। साल 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान इस शब्द का मुख्य अर्थ पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक तक सीमित रखा गया था, जिसके बूते पार्टी ने चुनाव में बेहद शानदार प्रदर्शन किया था। इसके बाद, बीते 5 अगस्त को जनेश्वर मिश्र की जयंती के अवसर पर अखिलेश यादव ने इसमें बड़ा फेरबदल करते हुए ‘पी’ का मतलब पंडित यानी ब्राह्मण से जोड़कर एक तीखा सियासी दांव चला था। इस बदलाव के जरिए पार्टी ने सवर्ण जातियों के एक बड़े वर्ग को अपने पाले में लाने की कोशिश की थी, जिसमें पीड़ित पंडितों को भी शामिल किया गया ताकि सामाजिक समीकरणों का दायरा और ज्यादा व्यापक हो सके।

बीजेपी और सपा के बीच छिड़ी आर-पार की जंग

विपक्षी खेमे की इन रणनीतियों पर सत्ताधारी दल का रुख बेहद हमलावर रहा है। भारतीय जनता पार्टी लगातार इस पूरे प्रयोग को महज एक राजनीतिक छलावा और केवल परिवारवादी या जातिवादी राजनीति करार देती आई है। सत्ता पक्ष का स्पष्ट तर्क है कि राज्य की जनता अब जातियों के इन उलझे हुए और भ्रमित करने वाले समीकरणों के बजाय केवल विकास और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर ही अपना समर्थन देगी। इसके उलट, समाजवादी पार्टी का यह दृढ़ विश्वास है कि यही वह अचूक फॉर्मूला है जो भगवा दल की हिंदुत्व और कमंडल की राजनीति के मुकाबले सामाजिक न्याय के एजेंडे को मजबूती से स्थापित करेगा। जैसे-जैसे साल 2027 का चुनावी रण करीब आ रहा है, यह तय माना जा रहा है कि यह राजनीतिक शब्द और इसके बदलते आयाम बहस के केंद्र में डटे रहेंगे। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस मोर्चे पर लगातार हमलावर हैं और उन्होंने हाल ही में शनिवार को एक बार फिर से सपा को एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी करार दिया है।

सवाल-जवाब

पीडीए का नया अर्थ क्या बताया गया है?
अखिलेश यादव ने पीडीए का नया अर्थ प्ले, डेवलप और अचीव बताया है।
वर्ष 2024 के चुनाव में पीडीए का क्या मतलब था?
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में पीडीए का मतलब पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक माना गया था।
पीडीए की परिभाषा में पंडित शब्द कब जोड़ा गया था?
बीते 5 अगस्त को जनेश्वर मिश्र की जयंती पर अखिलेश यादव ने इसमें पंडित शब्द जोड़ा था।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव कब होने हैं?
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव वर्ष 2027 में होने हैं।
सत्ताधारी दल इस प्रयोग को क्या कहता है?
बीजेपी इस प्रयोग को राजनीतिक छलावा और परिवारवाद की राजनीति करार देती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Ravikash Gupta@ravikash·57 दिन पहले

अखिलेश यादव द्वारा पीडीए के समीकरण को जातिगत घेरे से निकालकर खेल, विकास और युवाओं की आकांक्षी ऊर्जा से जोड़ना एक बड़ा राजनीतिक प्रयोग है। यह स्पष्ट संकेत है कि 2027 के विधानसभा चुनावों में केवल पारंपरिक सामाजिक समीकरणों के भरोसे रहने के बजाय, समाजवादी पार्टी अब आर्थिक आकांक्षाओं और युवा वर्ग को अपने पक्ष में करने की रणनीति पर काम कर रही है। हालांकि, इस वैचारिक विस्तार से सत्ताधारी दल के उस आरोप को बल मिल सकता है कि यह फॉर्मूला केवल राजनीतिक सुविधा के अनुसार गढ़ा गया है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह नया आवरण राज्य के बेरोजगार और महत्वाकांक्षी युवाओं को अपनी ओर खींचने में सफल होता है या यह केवल राजनीतिक बहसों तक ही सीमित रह जाता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·57 दिन पहले

अपराध, न्याय और कानून-व्यवस्था के चुनावी विश्लेषण के दृष्टिकोण से देखें तो राजनीतिक रणनीतियों में यह बदलाव केवल भाषाई कसरत नहीं है। जब राजनीतिक दल सुरक्षा, विकास और युवाओं के मुद्दों को अपने समीकरणों में शामिल करते हैं, तो इसका सीधा असर ज़मीनी स्तर पर कानून-व्यवस्था और सामाजिक संतुलन की बहसों पर पड़ता है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह वैचारिक विस्तार राज्य के आपराधिक मामलों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर जनता का ध्यान खींचने में सफल होता है या यह केवल राजनीतिक बयानबाज़ी बनकर रह जाता है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp