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उत्तर प्रदेश से संसद के उच्च सदन के लिए भाजपा ने उतारे 8 प्रत्याशी, नए चेहरों पर लगाया बड़ा दांवराजनीति
5 अक्तू॰ 2026, 4:01 pm (22 दिन पहले)· 0

उत्तर प्रदेश से संसद के उच्च सदन के लिए भाजपा ने उतारे 8 प्रत्याशी, नए चेहरों पर लगाया बड़ा दांव

उत्तर प्रदेश में उच्च सदन के द्विवार्षिक चुनाव के लिए भाजपा ने 8 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया है, जिसमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम शामिल नहीं है।

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की रिक्त हो रही सीटों के लिए सियासी बिसात बिछ चुकी है। भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने गहन मंथन के उपरांत राज्य से संसद के उच्च सदन के द्विवार्षिक चुनाव 2026 हेतु 8 नामों को अपनी अंतिम स्वीकृति दे दी है। इस अधिकृत सूची को पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुग के माध्यम से सार्वजनिक किया गया है। राज्य की कुल 10 रिक्त सीटों पर 16 अक्टूबर को मतदान निर्धारित है, जिसके मद्देनजर पार्टी का यह चयन संगठनात्मक और क्षेत्रीय संतुलन को साधने वाला माना जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री का नाम सूची से गायब, नए चेहरों को मिला अवसर

पार्टी की ओर से जारी इस घोषणा में सबसे ज्यादा ध्यान मौजूदा राज्यसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नाम के न होने ने खींचा है। राजनीतिक गलियारों में उन्हें पुन: उत्तर प्रदेश के कोटे से उच्च सदन भेजे जाने की लगातार अटकलें लगाई जा रही थीं, जिन पर अब पूरी तरह विराम लग चुका है। गौरतलब है कि राज्य से कार्यकाल पूरा कर रहे प्रमुख सदस्यों में हरदीप सिंह पुरी के अतिरिक्त अरुण सिंह और नीरज शेखर भी शामिल हैं। संगठन ने इस बार पुराने दिग्गजों की जगह क्षेत्रीय पकड़ और सामाजिक समीकरणों को प्राथमिकता देते हुए मैदान में नए चेहरों को आगे किया है।

चुनावी रण में उतरे आठों प्रत्याशियों की पृष्ठभूमि

संसद के उच्च सदन के लिए घोषित 8 नामों में संगठन, विधि और प्रशासन से जुड़े विभिन्न चेहरों का समावेश किया गया है

  • धर्मपाल सिंह: वर्तमान में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में पशुधन मंत्री का दायित्व संभाल रहे हैं। बरेली जनपद के आंवला विधानसभा क्षेत्र से विधायक धर्मपाल सिंह पहले भी प्रदेश सरकार में दो बार मंत्री रह चुके हैं और भाजपा के कद्दावर नेता हैं।
  • राधाकांत ओझा: प्रयागराज में कानूनी जगत की एक जानी-मानी हस्ती हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा दो बार इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने जा चुके हैं और न्यायिक व सामाजिक क्षेत्रों में उनका लंबा अनुभव रहा है।
  • प्रकाश पाल: वर्तमान में उत्तर प्रदेश भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूती दे रहे हैं। इससे पूर्व वे संगठन में कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
  • विद्यासागर सोनकर: पार्टी के वरिष्ठ दलित नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं। जौनपुर से ताल्लुक रखने वाले सोनकर पूर्व में जौनपुर (मछलीशहर) से लोकसभा सांसद तथा विधान परिषद सदस्य (MLC) रह चुके हैं। इसके अलावा वे संगठन में प्रदेश महामंत्री और विधान परिषद में उपनेता का पदभार भी संभाल चुके हैं।
  • गोपी कृष्ण पाण्डेय: संगठन के प्रति समर्पित वरिष्ठ कार्यकर्ता हैं। वे लंबे समय से धरातल पर पार्टी के विभिन्न अभियानों और संगठनात्मक तंत्र को संचालित करने में सक्रिय रहे हैं।
  • प्रियंका सिंह रावत: उत्तर प्रदेश में भाजपा का प्रमुख महिला चेहरा मानी जाती हैं। वे बाराबंकी संसदीय क्षेत्र से 16वीं लोकसभा की सदस्य रह चुकी हैं और राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर पार्टी गतिविधियों में निरंतर सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं।
  • राम प्रताप सिंह चौहान: वर्तमान में प्रदेश भाजपा के महामंत्री और पश्चिम क्षेत्र के प्रभारी का कार्यभार देख रहे हैं। वर्ष 2017 से 2022 के बीच वे आगरा की एत्मादपुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रहे हैं और लंबे अरसे से संगठन से जुड़े हैं।
  • श्रुति गंगवार: बरेली स्थित अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक की चेयरपर्सन और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) से स्नातक हैं। वे वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्यपाल संतोष गंगवार की सुपुत्री हैं तथा बरेली-बहेड़ी इलाके के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य में खासी सक्रिय रहती हैं।

मुख्यमंत्री ने दी बधाई

उम्मीदवारों के नामों पर आधिकारिक मुहर लगते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी आठों प्रत्याशियों के प्रति अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा, "आप सभी की ऐतिहासिक विजय हेतु अनंत मंगलकामनाएं।”

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सवाल-जवाब

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की कितनी सीटों पर चुनाव हो रहा है और मतदान कब है?
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान निर्धारित है।
भाजपा ने उत्तर प्रदेश से कितने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है?
भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने राज्य से 8 उम्मीदवारों के नामों को अंतिम मंजूरी दी है।
किस प्रमुख केंद्रीय मंत्री का नाम इस सूची में शामिल नहीं है?
मौजूदा राज्यसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम इस बार सूची में शामिल नहीं किया गया है।
भाजपा की ओर से किन प्रमुख नए और अनुभवी चेहरों को टिकट मिला है?
घोषित नामों में धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पाण्डेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं।
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टिप्पणियाँ 5

Arshdeep Ahluwalia@arshdeep-ahluwalia·21 दिन पहले

पुरी साहब का पत्ता कटने से यूपी की राजनीति में कुछ तो नया भूचाल जरूर आएगा, ऐसे कयास लगाना जल्दबाजी होगी।

Ravikash Gupta@ravikash·21 दिन पहले

हरदीप पुरी का पत्ता साफ होना और राधाकांत ओझा जैसे वकीलों को टिकट मिलना साफ इशारा है कि पार्टी इस बार लखनऊ से लेकर दिल्ली तक पूरी रणनीति बदल रही है।

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·21 दिन पहले

रविकेश, बात तो सही है कि रणनीति बदल रही है, पर हरदीप पुरी का पत्ता साफ होना महज़ रणनीति नहीं, शायद कुछ और भी हो सकता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·21 दिन पहले

हरदीप पुरी का पत्ता कटने से लखनऊ के सियासी गलियारों में हलचल तो है। चुनाव कवर करते वक्त ऐसे कई नेताओं से मिला हूँ जो बड़े भरोसे से बैठे रहते हैं और टिकट बंटवारे के वक्त उनका नाम ही गायब मिलता है। राजनीति में कुछ भी पक्का नहीं होता।

Rohan Verma@rohan-verma·21 दिन पहले

करण भाई, हरदीप पुरी का नाम हटना वाकई चौंकाने वाला है। ज़मीन पर काम करने वालों को मौका मिलना सही है, पर केंद्रीय मंत्री का पत्ता यूँकटना बड़ा संदेश है।

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