देश भर में मतदाता सूचियों को पूरी तरह सटीक और पारदर्शी बनाने की कवायद के बीच निर्वाचन आयोग ने एक अहम निर्णय लिया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सहित छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की समयसीमा में विस्तार कर दिया गया है। आयोग का यह कदम इन राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की तरफ से मिले व्यावहारिक सुझावों और निवेदनों के आधार पर उठाया गया है, ताकि किसी भी वास्तविक नागरिक का नाम सूची से बाहर न रहे और फर्जी प्रविष्टियों को पूरी तरह हटाया जा सके।
किन राज्यों में बदला गया कार्यक्रम
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आधिकारिक विवरण के अनुसार, यह समयसीमा महाराष्ट्र, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना और नागालैंड में बढ़ाई गई है। इन सभी छह क्षेत्रों में पुनरीक्षण की चल रही गतिविधियों को नए सिरे से समय दिया गया है। आयोग का कहना है कि इस गहन अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची में जुड़ने से वंचित न रह जाए, साथ ही किसी भी अयोग्य या अपात्र व्यक्ति का नाम मतदाता रजिस्टर में दर्ज न होने पाए। विपक्षी खेमे से इस पूरी कवायद को लेकर कई तरह की आपत्तियां उठाई जा रही थीं, जिनके बीच आयोग ने प्रशासनिक स्तर पर समयसीमा बढ़ाकर काम को सुचारू करने का रास्ता निकाला है।
महाराष्ट्र में दावों और आपत्तियों की नई समयसीमा
महाराष्ट्र में मतदाता सूची के नवीनीकरण की प्रक्रिया को नया समय दिया गया है। राज्य में अब नागरिक 13 नवंबर तक अपने दावे और आपत्तियां प्रस्तुत कर सकेंगे, जबकि इससे पहले यह समयसीमा 26 अक्टूबर को समाप्त हो रही थी। इसके बाद आयोग के अधिकारी 25 नवंबर तक प्राप्त आपत्तियों की जांच, नोटिस जारी करने और दावों के निस्तारण का काम पूरा करेंगे। इन सभी प्रक्रियाओं के संपन्न होने के बाद महाराष्ट्र के लिए अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर को आधिकारिक रूप से प्रकाशित की जाएगी। उल्लेखनीय है कि राज्य में ड्राफ्ट मतदाता सूची 31 अगस्त को जारी हुई थी और दावों के निपटारे की पूर्व निर्धारित तारीख 10 नवंबर थी।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए तय हुआ नया शेड्यूल
केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली में भी मतदाताओं और प्रशासनिक टीमों को अतिरिक्त समय दिया गया है। दिल्ली के अंतर्गत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की आखिरी तारीख, जो पहले 30 अक्टूबर थी, उसे आगे बढ़ाकर 25 नवंबर कर दिया गया है। वहीं दावों की जांच और उनके विधिवत निपटारे की समयसीमा 30 नवंबर से आगे बढ़ाकर 15 दिसंबर निर्धारित की गई है। पूरी प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 22 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी।
अन्य चार राज्यों में अंतिम प्रकाशन की स्थिति
दिल्ली और महाराष्ट्र के अलावा बाकी चार राज्यों हरियाणा, नागालैंड, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के लिए भी अंतिम सूची जारी करने की समयसीमा 30 नवंबर तय की गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की मांग पर मिले इस अतिरिक्त समय से प्रशासनिक तंत्र को घर-घर सत्यापन और फॉर्मों की जांच के लिए पर्याप्त अवसर मिलेगा, जिससे मतदाता सूचियों की त्रुटियों को जमीनी स्तर पर दूर किया जा सकेगा।























