चंडीगढ़: चंडीगढ़ में हाल ही में बरामद किए गए विस्फोटक सामग्री और हथियारों के मामले की जांच में कई चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। स्थानीय पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस मामले में दबोचे गए तीनों संदिग्ध सीधे तौर पर पाकिस्तान में छिपे हुए खालिस्तानी आतंकी सतनाम सत्ता नौशेरा के संपर्क में थे और उसी के दिशा-निर्देशों पर काम कर रहे थे। शुरुआती पड़ताल यह संकेत देती है कि सरहद पार बैठे इन आकाओं की मंशा पंजाब और चंडीगढ़ के इलाके में किसी गंभीर और सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने की थी, जिसे वक्त रहते टाल दिया गया।
तरनतारन और अमृतसर से जुड़े हैं आरोपियों के तार
जांच अधिकारियों के हाथ लगे विवरण के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीनों व्यक्तियों में से दो आरोपी पंजाब के तरनतारन जिले के मूल निवासी हैं, जबकि तीसरा आरोपी अमृतसर का रहने वाला है। सुरक्षा बलों ने इनके कब्जे से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार जब्त किए हैं। बरामद सामग्री में लगभग पांच किलोग्राम जिलेटिन की छड़ें, डेटोनेटर, बिजली आपूर्ति उपकरण, सर्किट के तार और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं। इसके अतिरिक्त इनके पास से अवैध हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद किए जाने की पुष्टि हुई है।
बब्बर खालसा इंटरनेशनल और खुफिया एजेंसी ISI की भूमिका की आशंका
सुरक्षा और जांच एजेंसियां अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही हैं कि ये खतरनाक हथियार और विस्फोटक सामग्री आखिर कहां से लाई गई थी और इस पूरे तंत्र का दायरा कहां तक फैला हुआ है। प्रारंभिक साक्ष्यों से यह बात सामने आ रही है कि इन युवकों ने पाकिस्तानी आका के कहने पर ही इन हथियारों और विस्फोटकों का जखीरा इकट्ठा किया था। इसके साथ ही यह अंदेशा भी जताया जा रहा है कि इस नापाक षड्यंत्र के पीछे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल का हाथ हो सकता है, जो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है।
बस अड्डे के पीछे विस्फोटक छुपाने के पीछे का मकसद
मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस इस पहलू को भी खंगाल रही है कि आखिर इस विस्फोटक सामग्री को चंडीगढ़ के सेक्टर-43 स्थित अंतरराज्यीय बस अड्डे के ठीक पीछे क्यों छुपाया गया था। हालांकि अभी तक की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों का तात्कालिक उद्देश्य इसी बस अड्डे को उड़ाना नहीं था। अब जांच दल इस बात का पता लगाने में पूरी ताकत झोंक रहा है कि इस खतरनाक खेप को वहां रखने का असली मकसद क्या था और इनका असल निशाना कौन सा इलाका था।
रविवार को हुई थी कार्रवाई और गिरफ्तारी
गौरतलब है कि चंडीगढ़ पुलिस ने रविवार को सेक्टर-43 के अंतरराज्यीय बस टर्मिनल के पीछे वाले हिस्से से एक लावारिस बैग और टिफिन बॉक्स के भीतर छिपाकर रखे गए आईईडी तथा अन्य आयुध उपकरण बरामद किए थे। इस सनसनीखेज बरामदगी के तुरंत बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पंजाब के रहने वाले तीनों संदिग्धों को अपनी गिरफ्त में ले लिया। इस सिलसिले में सेक्टर-36 थाने में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। फिलहाल तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि उनके पूरे नेटवर्क, सहयोगियों और आगामी साजिशों का पर्दाफाश किया जा सके।



















