अमृतसर जिले के मजीठा इलाके में एक युवक की जलकर मौत ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है. शुरुआत में इसे आग लगने का एक सामान्य हादसा समझा गया, लेकिन पुलिस की शुरुआती छानबीन ने इस मामले का रुख पूरी तरह बदल दिया है. जांच एजेंसियों ने अब हत्या की आशंका जताते हुए महिला समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है. आरोप है कि युवक को सोची-समझी साजिश के तहत घर बुलाया गया और फिर जिंदा जला दिया गया.
पहले हादसा माना गया, अब हत्या के एंगल से जांच
मृतक की पहचान पंडोरी वड़ैच गांव के रहने वाले संदीप सिंह के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक संदीप उस दिन अपनी महिला दोस्त के घर गया था. वहां अचानक आग भड़क उठी और इसी में उसकी मौके पर ही जान चली गई. इस हादसे में घर के मालिक राजविंदर और उसका एक रिश्तेदार भी झुलस गए. दोनों घायलों का इलाज फिलहाल गुरु नानक देव हॉस्पिटल में चल रहा है. घटना के तुरंत बाद इसे हादसा मानकर कार्रवाई शुरू हुई थी, मगर पुलिस की प्राथमिक पड़ताल में कई ऐसे सुराग मिले जिन्होंने इसे सामान्य दुर्घटना की जगह सुनियोजित वारदात की तरफ मोड़ दिया.
परिवार की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज
मजीठा थाने के एसएचओ करमपाल सिंह ने बताया कि मृतक संदीप के परिवार ने पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराया है. परिवार का सीधा आरोप है कि संदीप को किसी बहाने से घर बुलाया गया और वहां पहुंचते ही आरोपियों ने उसे आग के हवाले कर दिया. इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने घर के मालिक राजविंदर सहित कुल चार लोगों पर मामला दर्ज किया है. इस पूरे घटनाक्रम में घायल हुई महिला का बयान भी पुलिस ने रिकॉर्ड कर लिया है, जो आगे की जांच में अहम कड़ी साबित हो सकता है.
दोस्ती से प्यार और फिर शादी के बाद बढ़ा तनाव
जांच के दौरान पुलिस को संदीप और उस महिला मित्र के बीच पुराने रिश्ते से जुड़े कई अहम सुराग हाथ लगे हैं. दोनों पहले मजीठा तहसील में एक ही जगह काम करते थे. वहीं काम के दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई और यह दोस्ती धीरे धीरे प्यार में बदल गई. हालांकि बाद में संदीप की शादी किसी और लड़की से हो गई. संदीप की शादी के बाद इस पुराने रिश्ते में गहरा तनाव पैदा हो गया था. पुलिस अब इसी तनाव को हत्या की सबसे बड़ी वजह मानकर पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है.
घर पहुंचने के 15 मिनट बाद भड़की आग, पुलिस बरत रही सावधानी
घटना वाले दिन संदीप महिला मित्र के घर पहुंचा था और घर में दाखिल होने के महज 15 मिनट के भीतर ही वहां आग लग गई. इतने कम समय में आग लगने की घटना ने ही पुलिस का शक और गहरा कर दिया है. हालांकि एसएचओ करमपाल सिंह ने साफ किया है कि पुलिस फिलहाल मौत की असली वजह को लेकर कोई पक्का दावा नहीं कर सकती. उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है और इनके आने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी. पुलिस फिलहाल हर संभव एंगल से मामले की गहराई से पड़ताल में जुटी है ताकि यह साफ हो सके कि यह हादसा था या सुनियोजित हत्या.











