पंजाब में चर्चित परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिल रही है। इस सनसनीखेज मामले में पंजाब सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए डीएसपी हरजिंदर सिंह गिल को सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही ड्रग इंस्पेक्टर नरेश कुमार को भी निलंबित कर दिया गया है। राज्य में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार सक्रिय रहने वाले कार्यकर्ता की हत्या के बाद से ही लगातार उच्च स्तरीय कार्रवाई की मांग उठ रही थी, जिसके बाद सरकार ने यह सख्त कदम उठाए हैं।
सीबीआई जांच को मंजूरी और सीएम का ऐलान
इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पिछले मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए यह आधिकारिक घोषणा की थी कि उनकी सरकार ने इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने परिवार के साथ एकजुटता जताते हुए लिखा था कि वे पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं और नशीले पदार्थों का कारोबार करने वालों के खिलाफ उनकी लड़ाई पूरी ताकत से जारी रहेगी। राज्य को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से सरकार किसी भी कड़े कदम से पीछे नहीं हटेगी।
अवैध ड्रग बिक्री के खिलाफ उठाई थी आवाज
मृतक परविंदर सिंह झोटा इलाके में दवा की दुकानों पर अवैध रूप से बेचे जा रहे नशीले पदार्थों के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे। उनकी हत्या गत 13 अक्टूबर को मानसा जिले के एक व्यस्त बाजार में स्थित एक मेडिकल स्टोर के अंदर दिनदहाड़े गोली मारकर कर दी गई थी। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से ही उनके परिजनों और समर्थकों में भारी आक्रोश था, जो लगातार इस पूरे हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराए जाने की पुरजोर मांग कर रहे थे। परिवार की इसी मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को ट्रांसफर की है।
हत्या के वक्त फेसबुक पर लाइव थे झोटा
मिली जानकारी के अनुसार यह पूरी घटना उस समय घटी जब परविंदर सिंह झोटा सोशल मीडिया पर फेसबुक लाइव कर रहे थे। उन्होंने दुकान के अंदर एक बुजुर्ग व्यक्ति को कथित रूप से ड्रग बेचे जाने को लेकर सवाल उठाए थे, जिसके बाद दुकान के मालिक अश्विनी कुमार ने उन पर गोलियां चला दीं। मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार को बाद में राजस्थान के सालासर से हिरासत में ले लिया गया था। इस हत्याकांड के तूल पकड़ने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी पंजाब का दौरा किया था और परविंदर सिंह झोटा के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना प्रकट की थी। सीबीआई ने इस मामले में अपनी औपचारिक कार्रवाई शुरू करते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है, हालांकि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी अंतिम संस्कार नहीं किए जाने की खबरें सामने आई थीं।























