हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के जसवां प्रागपुर क्षेत्र में देहरा पुलिस के एक सहायक उपनिरीक्षक यानी एएसआई को गंभीर प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करते हुए लाइन हाजिर कर दिया गया है। यह पूरी कार्रवाई तब अमल में लाई गई जब हरियाणा से आए पर्यटकों के साथ हुई बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हो गया और इससे प्रदेश पुलिस की छवि पर सवाल खड़े होने लगे। पुलिस जिला देहरा के अंतर्गत आने वाले मोइन थाने से जुड़े इस मामले में एसपी देहरा संदीप धंवल ने तुरंत संज्ञान लेते हुए आरोपी पुलिसकर्मी को हटा दिया है।
वायरल वीडियो में सामने आया पूरा वाकया
यह घटना उस समय हुई जब हरियाणा के कुछ सैलानी अपनी नई कार में सवार होकर कांगड़ा घूमने के लिए आए थे। रास्ते में पुलिस चेकिंग के दौरान एएसआई ने उनकी गाड़ी को रुकवाया और नई गाड़ी की खरीद पर अप्रत्यक्ष रूप से मिठाई के नाम पर पैसे की मांग शुरू कर दी। लगभग तीन मिनट लंबे इस वीडियो में पुलिसकर्मी और पर्यटकों के बीच हुई बातचीत साफ तौर पर रिकॉर्ड हो गई है। कार चला रहे युवक अंकित ने पुलिसकर्मी को बताया कि उन्होंने यह गाड़ी छह-सात महीने पहले खरीदी थी, जिस पर एएसआई ने उन्हें मुबारकबाद दी और तुरंत मुंह मीठा करवाने की बात दोहराने लगे।
चालान का डर दिखाकर की गई बातचीत
वीडियो के दौरान एएसआई ने कार में बैठे युवकों से उनके काम और घर के बारे में पूछताछ की। अंकित ने बताया कि उसने हाल ही में अपनी मास्टर डिग्री पूरी की है। बातचीत के दौरान जब युवकों ने कुछ ना देने की आपस में चर्चा की तो पुलिसकर्मी ने तंज कसते हुए कहा कि वह एक छोटा सा चालान भी कर सकता है। कार में अंकित के साथ बैठे दूसरे युवक ने बताया कि वह कांगड़ा में एलएआईसी में काम करता है। इस पूरी बातचीत के दौरान गाड़ी में मौजूद युवकों ने यह भी कहा कि उनके पास शराब की एक बोतल बची है, जिसमें थोड़ी बहुत शराब है और यदि वह चाहें तो उसे ले सकते हैं। इस पर एएसआई ने पूछा कि क्या बोतल पूरी भरी हुई है, लेकिन जब युवकों ने असमर्थता जताई तो उसने उन्हें वहां से जाने के लिए कह दिया।
प्रशासनिक स्तर पर की गई सख्त कार्रवाई
इस पूरे वाकये का वीडियो सामने आने के बाद देहरा के एसपी संदीप धंवल ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूरी स्थिति स्पष्ट की। विज्ञप्ति में बताया गया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो के आधार पर यातायात जांच के दौरान वाहन सवारों से अनुचित बातचीत करने वाले पुलिसकर्मी के खिलाफ यह कदम उठाया गया है। वीडियो में पुलिस कर्मचारी का आचरण प्रथम दृष्टया मर्यादा के विपरीत और किसी अनुचित मांग का आभास कराने वाला प्रतीत हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी देहरा ने संबंधित कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन भेज दिया है। इसके साथ ही इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और आगामी कानूनी कार्रवाई की जिम्मेदारी एसडीपीओ डाडासिबा को सौंप दी गई है।
पुलिस विभाग की अनुशासन को लेकर दो टूक नीति
पुलिस विभाग ने अपने आधिकारिक बयान में यह स्पष्ट कर दिया है कि ड्यूटी पर तैनात हर कर्मचारी से आम जनता के साथ शालीन, मर्यादित और पूरी तरह सम्मानजनक आचरण की उम्मीद की जाती है। विभाग अनुशासनहीनता या ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार के अनपेक्षित और गैर-व्यावसायिक व्यवहार को बेहद गंभीरता से लेता है। अधिकारियों ने यह भी कहा है कि जांच प्रक्रिया के दौरान यदि वीडियो में सामने आए तथ्य पूरी तरह सही पाए जाते हैं, तो आरोपी कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार सख्त से सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।



















