बिशन सिंह बेदी की पुस्तक विमोचन में शामिल नहीं हो पाए शशि थरूरनिर्भया कांड की याद: दिल्ली-NCR में बच्चियों से दरिंदगी पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया कड़ा संज्ञान, अधिकारियों पर गिरेगी गाजमेघालय में दर्दनाक हादसा, सेप्टिक टैंक की जहरीली गैस से असम के चार मजदूरों की मौतइंटरनेट के बढ़ते साये में साइबर सुरक्षा की तालीम मातृभाषा में देना क्यों है जरूरीअयोध्या के ज्योतिष की सलाह, सुबह की ये आदतें बदल देंगी आपकी किस्मतमनीष मल्होत्रा के मिजवान कलेक्शन 2026 में आलिया भट्ट और विक्की कौशल ने बिखेरा जलवा, दिखा शाही ब्राइडल लुकमहंगे ईंधन और बैंक ऑफ इंग्लैंड के कड़े रुख से पस्त हुआ यूरो, पाउंड के मुकाबले दर्ज की बड़ी गिरावटमेघालय के दक्षिण गारो हिल्स में जहरीली गैस से असम के चार निर्माण श्रमिकों की दर्दनाक मौतआवेदन के आखिरी दिन मनीव्यू के पब्लिक इश्यू में भारी उछाल, मजबूत ग्रे मार्केट प्रीमियम से बड़ी कमाई के संकेतकोटा में कार के नीचे मिला साढ़े चार फीट लंबा मगरमच्छ, सड़क पर दौड़ा तो मच गई अफरा-तफरी
सांवलिया सेठ के खजाने से निकले 29 करोड़ से ज्यादा, अभी कई चरणों की गिनती बाकीराजस्थान
28 सित॰ 2026, 12:16 pm (1 घंटे पहले)· 0

सांवलिया सेठ के खजाने से निकले 29 करोड़ से ज्यादा, अभी कई चरणों की गिनती बाकी

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में स्थित सांवलियाजी मंदिर के भंडार से अब तक 29 करोड़ रुपये से अधिक की नकद राशि मिल चुकी है। अभी सोने-चांदी और छोटे नोटों की गिनती बाकी है।

चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया स्थित विख्यात कृष्णधाम सांवलियाजी मंदिर में भगवान सांवलिया सेठ के खजाने की गिनती लगातार जारी है। चतुर्दशी के मौके पर पारंपरिक रूप से खोले गए इस दानपात्र की आठ चरणों की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इन आठ चरणों के पूरा होने के बाद मंदिर प्रशासन को अब तक कुल 29 करोड़ 6 लाख 31 हजार 230 रुपये की भारी-भरकम नकद राशि प्राप्त हो चुकी है। हालांकि यह आंकड़ा अभी अंतिम नहीं है क्योंकि मंदिर की गिनती का काम अभी भी पूरी तरह संपन्न नहीं हुआ है।

विभिन्न चरणों में हुई करोड़ों रुपयों की गिनती

मंदिर के दानपात्र से निकली नकदी की यह गणना कई अलग-अलग चरणों में पूरी की गई है। शुरुआती चरणों में ही करोड़ों रुपये सामने आए थे। पहले चरण में 7 करोड़ 53 लाख 60 हजार रुपये निकले थे, जबकि दूसरे चरण में 7 करोड़ 51 लाख 94 हजार रुपये की गिनती हुई। इसके बाद तीसरे चरण में 5 करोड़ 58 लाख 2 हजार रुपये और चौथे चरण में 4 करोड़ 97 लाख 26 हजार 600 रुपये की राशि गिनी गई। पांचवें चरण में 1 करोड़ 66 लाख रुपये, छठे चरण में 81 लाख 65 हजार रुपये और सातवें चरण में 25 लाख 85 हजार रुपये की नकदी सामने आई। इन शुरुआती सात चरणों को मिलाकर कुल राशि 28 करोड़ 54 लाख 62 हजार 600 रुपये तक पहुंच गई थी। इसके पश्चात, आठवें चरण में 51 लाख 68 हजार 630 रुपये की राशि गिनी गई, जिसे सुरक्षित बैंक में जमा करवा दिया गया है। इस ताजा राशि के जुड़ने के बाद कुल नकद दान का यह आंकड़ा 29 करोड़ रुपये के जादुई आंकड़े को पार कर गया है।

ये भी पढ़ें

झलझुलनी मेले के कारण रोकना पड़ा था कार्य

परंपरा के अनुसार सांवलिया सेठ का यह भंडार अमावस्या से ठीक एक दिन पहले खोला गया था। इसके तुरंत बाद झलझुलनी मेले का भव्य आयोजन होना था, जिसके चलते दान राशि की गिनती के इस बड़े काम को कुछ दिनों के लिए रोकना पड़ा था। मेले के समापन के करीब चार दिन बाद प्रशासनिक टीम ने इस गिनती के कार्य को दोबारा से सुचारू रूप से शुरू किया, जिसके बाद अब तक आठ चरणों का काम पूरा हो चुका है। मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ और दान को लेकर हमेशा एक अलग ही उत्साह देखने को मिलता है।

सोने-चांदी और चिल्लर की गिनती होना अभी बाकी

नकद राशि के इस बड़े भंडार के अलावा मंदिर प्रशासन के पास अभी कई अन्य महत्वपूर्ण कार्य शेष हैं। छोटे नोटों और सिक्कों यानी चिल्लर की गिनती का काम अभी चल रहा है। इसके साथ ही, भक्तों द्वारा श्रद्धा के साथ अर्पित किए गए सोने और चांदी के आभूषणों का वजन करना भी बाकी है। इसके अलावा ऑनलाइन माध्यमों से प्राप्त होने वाले दान का पूरा विवरण भी अभी जोड़ा जाना है। यही कारण है कि मौजूदा नकद आंकड़ा मंदिर को मिले कुल दान की अंतिम तस्वीर नहीं पेश करता है। जब ये सभी प्रक्रियाएं पूरी हो जाएंगी, तब इस बार के कुल दान का वास्तविक और अंतिम आंकड़ा सामने आएगा। सांवलिया सेठ के दरबार में आने वाले श्रद्धालु अपनी मन्नतें पूरी होने पर नकद के साथ बहुमूल्य धातुएं भी भेंट करते हैं, जो मंदिर में आने वाले लोगों के लिए हमेशा से एक विशेष आकर्षण का केंद्र रहती हैं।

सवाल-जवाब

सांवलियाजी मंदिर कहां स्थित है?
यह प्रसिद्ध कृष्णधाम राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया में स्थित है।
मंदिर का दानपात्र कुल कितनी नकद राशि दे चुका है?
आठवें चरण तक की गिनती पूरी होने के बाद अब तक कुल 29 करोड़ 6 लाख 31 हजार 230 रुपये की नकद राशि मिल चुकी है।
दानपात्र की गिनती में देरी क्यों हुई थी?
झलझुलनी मेले के आयोजन के कारण दान राशि की गिनती का काम कुछ दिनों के लिए रोकना पड़ा था।
क्या सोने और चांदी के आभूषणों की गिनती हो चुकी है?
नहीं, सोने-चांदी के आभूषणों का वजन और उनकी गिनती अभी बाकी है।
मंदिर का भंडार कब खोला गया था?
मंदिर का भंडार अमावस्या से ठीक एक दिन पहले परंपरा के अनुसार खोला गया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·15 मिनट पहले

सांवलिया सेठ के दरबार में भक्तों की आस्था का कोई मुकाबला नहीं है। अभी तो सिर्फ नोट गिने गए हैं, सोना-चांदी और चिल्लर आना बाकी है, तो आंकड़ा और ऊपर जाएगा।

Ravikash Gupta@ravikash·15 मिनट पहले

अर्जुन जी, आठवें चरण में ही इक्यावन लाख निकल आए, ये सोचकर हैरानी होती है कि चिल्लर और सोने-चांदी के बाद कुल आंकड़ा कहाँ पहुँचेगा।

Rohan Verma@rohan-verma·37 मिनट पहले

भक्तों की ऐसी आस्था देखकर हैरानी होती है! क्या कोई ऐसा रिकॉर्ड है कि पिछले साल इसी मेले में कुल कितना दान मिला था?

Karan Malhotra@karan-malhotra·37 मिनट पहले

रोहन भाई, पिछले साल का तो पता नहीं पर आठवें चरण में ही इक्यावन लाख निकलना वाकई हैरान करने वाला है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp