अलवर जिले में जल निकासी की कोई पुख्ता व्यवस्था न होने के कारण स्थानीय निवासियों का सब्र सोमवार को जवाब दे गया। हालात से परेशान होकर महिला और पुरुष बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए और उन्होंने अलवर-बहरोड़ मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए मांग की कि इस जलभराव की समस्या का जल्द से जल्द कोई स्थायी समाधान निकाला जाए। सड़क पर अचानक जाम लगने की वजह से यातायात पूरी तरह ठप हो गया और दोनों दिशाओं में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस स्थिति के चलते रोजाना सफर करने वाले यात्रियों और वाहन चालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हंगामे और जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास शुरू किया।
जलभराव और गंदे पानी से रोजाना की परेशानी
क्षेत्रीय लोगों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि धौलीधूप गांव की तरफ से आने वाला सारा पानी बहकर सीधे अलवर-बहरोड़ मार्ग पर एकत्र हो जाता है। इस इलाके में पानी की निकासी के लिए न तो पर्याप्त नालियां हैं और न ही किसी बड़े नाले का निर्माण कराया गया है, जिसकी वजह से यह जलभराव एक गंभीर और निरंतर समस्या बन चुका है। सड़क पर लगातार गंदा पानी फैला रहता है, जिसके कारण स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ इस रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों को भी गंभीर समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है। ग्रामीणों का दर्द है कि उन्हें मजबूरन इस दूषित और गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। इस मार्ग से हर रोज आने-जाने वाले हजारों लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जब इस परेशानी का कोई स्थायी हल नहीं निकला, तो जनता का गुस्सा फूट पड़ा।
सड़क पर यातायात थमा और लगी वाहनों की कतारें
सोमवार को जब ग्रामीणों ने अलवर-बहरोड़ मार्ग पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया, तो देखते ही देखते गाड़ियों की रफ्तार थम गई। सड़क के दोनों किनारों पर वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। अपने गंतव्य और जरूरी कामों की ओर जा रहे यात्रियों को बीच रास्ते में ही लंबा इंतजार करना पड़ा, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। वाहन चालकों को भी काफी देर तक जाम की वजह से फंसे रहना पड़ा। इस प्रदर्शन के माध्यम से ग्रामीणों ने प्रशासन का ध्यान इस पुरानी और गंभीर समस्या की तरफ खींचने की कोशिश की, ताकि अधिकारियों की नींद खुले और वे इस पर कोई ठोस कदम उठाएं।
पुलिस की दखल और समझाइश के बाद खुला रास्ता
जैसे ही सड़क पर जाम लगने और यातायात ठप होने की खबर पुलिस तक पहुंची, पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंच गया। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया और उन्हें उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए शांत कराया। पुलिस की समझाइश के बाद ग्रामीणों ने जाम को समाप्त किया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात को सुचारू कराया जा सका। इस पूरे घटनाक्रम के बाद ग्रामीणों की मुख्य मांग यही है कि इलाके में पानी की निकासी के लिए तुरंत नई नालियों या एक बड़े नाले का निर्माण किया जाए ताकि सड़क पर गंदा पानी जमा होने की पुनरावृत्ति न हो। लोगों का साफ कहना है कि जब तक पानी निकासी के पुख्ता इंतजाम धरातल पर नहीं उतरते, तब तक उन्हें हर दिन इसी प्रकार की मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है ताकि अलवर-बहरोड़ मार्ग पर जलभराव से जूझ रहे आम लोगों को स्थाई राहत मिल सके।





















