राजस्थान के चूरू जिले में खाद के अवैध भंडारण और कालाबाजारी की आशंका के बीच कृषि विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सरदारशहर तहसील के अंतर्गत आने वाले अड़मालसर गांव में एक स्थानीय निवासी के घर के प्रांगण से भारी मात्रा में यूरिया के बैग बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है और प्रशासन ने मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इतनी बड़ी खेप यहां क्यों और कैसे पहुंचाई गई थी।
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस बल के साथ छापा
कृषि विभाग के अधिकारियों को अड़मालसर गांव में यूरिया के अवैध रूप से भंडारण की पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी। इस इनपुट के आधार पर विभाग की एक विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस बल के साथ मिलकर संबंधित ठिकाने पर औचक छापेमारी की। जब टीम मौके पर पहुंची तो मुकन सिंह के घर के आंगन में यूरिया के कई बोरे रखे हुए मिले। अधिकारियों ने तुरंत इनकी गिनती शुरू की और कुल 229 बैग बरामद किए गए। भारी मात्रा में खाद मिलने के बाद विभाग ने बिना किसी देरी के सभी बोरियों को अपने कब्जे में लेकर जब्त कर लिया।
मुकन सिंह ने राणासर बिकान निवासी का लिया नाम
छापेमारी के दौरान जब कृषि विभाग ने घर के मालिक मुकन सिंह से पूछताछ की, तो उन्होंने एक नया खुलासा किया। मुकन सिंह ने अधिकारियों को बताया कि यह सारा यूरिया डूंगर राम देहड़ू निवासी राणासर बिकान ने उनके घर पर रखवाया था। इस बयान के सामने आने के बाद कृषि विभाग और पुलिस ने इस एंगल से भी जांच शुरू कर दी है। अब अधिकारियों द्वारा यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस खाद का असली मालिक कौन है, इसे इतनी बड़ी मात्रा में यहां डंप करने के पीछे क्या मंशा थी और क्या इसके जरिए किसी प्रकार की कालाबाजारी की योजना थी। हालांकि अभी तक यह आधिकारिक तौर पर साबित नहीं हुआ है कि इन बोरियों को अवैध बिक्री के लिए रखा गया था और विभाग ठोस सबूतों के लिए जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
चंबल फर्टिलाइजर के बैगों से लिए गए नमूने
मौके से बरामद किए गए सभी 229 यूरिया बैग चंबल फर्टिलाइजर कंपनी के बताए गए हैं। कृषि विभाग की तकनीकी टीम ने गुणवत्ता और मानकों की जांच के लिए इन बोरियों से यूरिया के नमूने निकाल लिए हैं और उन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशाला में भेज दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही खाद की गुणवत्ता और अन्य तकनीकी पहलुओं की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जब तक पूरी जांच प्रक्रिया और कानूनी औपचारिकताएं पूरी नहीं हो जातीं, तब तक जब्त किए गए सभी 229 बैगों को सुरक्षा की दृष्टि से मेहरासर चचेरा ग्राम सेवा सहकारी समिति की सुपुर्दगी में सौंप दिया गया है, ताकि वे समिति की देखरेख में सुरक्षित रहें।
उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत हो रही कार्रवाई
कृषि विभाग ने इस पूरे मामले में उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के प्रावधानों के तहत सख्त कदम उठाया है। विभाग का मुख्य फोकस इस बात का पता लगाना है कि आखिर एक निजी आवासीय परिसर में इतनी बड़ी मात्रा में उर्वरक का भंडारण क्यों किया गया और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। प्रयोगशाला से नमूनों की रिपोर्ट आने और भंडारण से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि होने के बाद नियमों के अनुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




















