जयपुर के व्यस्त और घुमावदार आमेर घाटी मार्ग पर सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। लापरवाही और तेज गति के कारण वाहन चालकों की जान लगातार जोखिम में बनी हुई है। ताजा घटनाक्रम में बीती रात एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे लगभग 10 फीट गहरी खाई में जा गिरी। इस भयानक हादसे में बाइक पर सवार दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से एक के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय निवासियों ने त्वरित सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत राहत कार्य शुरू किया और दोनों घायलों को खाई से बाहर निकाला, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए एसएमएस अस्पताल ले जाया गया।
मानसरोवर से आमेर की ओर जा रहे थे युवक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों पीड़ित युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर मानसरोवर इलाके से आमेर की तरफ जा रहे थे। जब वे आमेर घाटी के एक तीखे मोड़ पर पहुंचे, तो वाहन की गति इतनी अधिक थी कि चालक उस पर अपना नियंत्रण नहीं रख सका। पलक झपकते ही बाइक सड़क की रेलिंग या किनारे को पार करते हुए नीचे 10 फीट गहरी खाई में जा समाई। इस आकस्मिक दुर्घटना की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और बचाव कार्य में जुट गए। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों घायलों को खाई से सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें फौरन नजदीकी चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है।
पांच दिन में तीन बड़े हादसे और दो जानें जा चुकी हैं
आमेर घाटी में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही दुर्घटनाएं अब प्रशासन और आम जनता दोनों के लिए गहरी चिंता का विषय बन चुकी हैं। आंकड़े बताते हैं कि महज पांच दिनों के अंतराल में इस घाटी में तीन बड़े सड़क हादसे घटित हो चुके हैं। इन खौफनाक हादसों में अब तक दो नौजवानों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, जबकि छह अन्य युवक गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल पहुंच चुके हैं। इस सिलसिलेवार हादसों से स्थानीय इलाकों में डर के साथ-साथ भारी रोष भी व्याप्त है। क्षेत्रवासियों का स्पष्ट तौर पर कहना है कि घाटी के खतरनाक और घुमावदार रास्तों पर सरपट दौड़ते तेज रफ्तार वाहन लगातार गंभीर दुर्घटनाओं को दावत दे रहे हैं, जिन पर समय रहते लगाम लगाना बेहद जरूरी हो गया है।
प्रशासनिक सुस्ती और सुरक्षा प्रबंधों पर उठे गंभीर सवाल
बार-बार हो रहे हादसों के बावजूद आमेर घाटी में बेलगाम गति से दौड़ने वाले वाहनों पर कोई प्रभावी रोक न लग पाने के कारण अब कई तरह के सवाल खड़े होने लगे हैं। आम नागरिक पुलिस प्रशासन से गश्त बढ़ाने, यातायात नियमों को सख्ती से लागू करने और सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की पुरजोर मांग कर रहे हैं। घाटी के उन संवेदनशील और खतरनाक मोड़ों पर जहां अक्सर वाहन फिसलते हैं, वहां स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड और क्रैश बैरियर जैसे सुरक्षा उपायों की सख्त आवश्यकता महसूस की जा रही है। अब सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यही बना हुआ है कि आखिर आमेर घाटी में हादसों के इस खतरनाक सिलसिले पर लगाम लगाने के लिए जिम्मेदार विभाग कब नींद से जागेंगे और कब तक यहां यात्रियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

















