रणबीर कपूर की फिल्म रामायण के क्लिप्स लीक करने वालों पर कानूनी शिकंजा, बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद निर्माताओं ने दी सीधी चेतावनीचीन का झांगे डेनशिया पार्क क्यों कहलाता है इंद्रधनुषी पहाड़ों का अजूबा, जानिए इसके रंग बदलने का अनोखा विज्ञानबिहार में एनडीए के एक साल पर प्रधानमंत्री का वैशाली दौरा, बड़े निवेश समझौतों की तैयारीरूखे और बेजान बालों के लिए मोना चावला का देसी नुस्खा, घर पर ऐसे बनाएं खास हेयर टॉनिककिफायती दाम में शानदार माइलेज देने वाली पांच लोकप्रिय कॉम्पैक्ट डीजल गाड़ियांसंवत 2083 के आगाज पर ऐतिहासिक तेजी के बीच शुरू हुआ दिवाली मुहूर्त कारोबारदिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग में दांव लगाने के लिए पांच दमदार कंपनियों के शेयर और उनके संभावित लक्ष्यओपनएआई के अध्यक्ष ग्रेग ब्रुकमैन ने संकेत दिया, 2027 तक आईपीओ के लिए तैयार हो सकती है कंपनीदीवाली पार्टी में साथ नजर आईं ईशा देओल और भरत तख्तानी, तलाक के बाद दिखी दोस्ताना बॉन्डिंगसरहद पर चौकसी के बीच नौशेरा में जवानों ने जलाई उम्मीदों की लौ
चीन का झांगे डेनशिया पार्क क्यों कहलाता है इंद्रधनुषी पहाड़ों का अजूबा, जानिए इसके रंग बदलने का अनोखा विज्ञानचीन
8 नव॰ 2026, 2:49 pm (3 मिनट पहले)· 1

चीन का झांगे डेनशिया पार्क क्यों कहलाता है इंद्रधनुषी पहाड़ों का अजूबा, जानिए इसके रंग बदलने का अनोखा विज्ञान

चीन के गांसू प्रांत में स्थित झांगे डेनशिया के पहाड़ अपनी बहुरंगी खनिज परतों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं, जिन्हें 2010 में यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा मिला था.

चीन के उत्तर-पश्चिमी गांसू प्रांत में स्थित झांगे डेनशिया नेशनल जियोलॉजिकल पार्क दुनिया के सबसे अनोखे और खूबसूरत प्राकृतिक स्थलों में से एक है. इन्हें आम तौर पर रेनबो माउंटेन या इंद्रधनुषी पहाड़ कहा जाता है. इन पहाड़ियों पर लाल, पीले, नारंगी, हरे और बैंगनी रंगों की बेहद खूबसूरत पट्टियां नजर आती हैं. दूर से देखने पर ऐसा लगता है जैसे किसी चित्रकार ने विशाल पर्वतों पर कैनवास की तरह रंग बिखेर दिए हों.

इंद्रधनुषी रंगों और प्राकृतिक छटा का अद्भुत नजारा

झांगे डेनशिया की सबसे बड़ी पहचान यहां की बहुरंगी परतें हैं. यहां चट्टानों पर कहीं गहरे लाल रंग की लकीरें दिखाई देती हैं, तो कहीं हल्के पीले, नारंगी और हरे रंग की धारियां पहाड़ों को एक अनोखी पहचान देती हैं. ऊंचे स्थानों से देखने पर यह पूरी पर्वत श्रृंखला रंगीन कालीन की तरह बिछी हुई महसूस होती है.

ये भी पढ़ें

दिन के अलग-अलग समय पर इन पहाड़ों का रंग और रूप बदलता हुआ प्रतीत होता है, लेकिन सूर्योदय और सूर्यास्त के समय इनका दृश्य सबसे शानदार होता है. जब सुबह या शाम की सुनहरी धूप इन रंगीन चट्टानों पर पड़ती है, तो खनिजों के रंग और भी ज्यादा चमकने लगते हैं. सूरज की रोशनी और चट्टानों का यह संगम पूरे इलाके को एक जादूई वातावरण में बदल देता है.

करोड़ों सालों की भूगर्भीय प्रक्रिया का परिणाम

इन पहाड़ों के खूबसूरत रंगों के पीछे कोई चमत्कार नहीं, बल्कि करोड़ों वर्षों से चली आ रही जटिल भूगर्भीय प्रक्रिया है. लाखों सालों तक लाल बलुआ पत्थर और अलग-अलग खनिजों की परतें एक के ऊपर एक जमा होती रहीं. इन चट्टानों में मौजूद आयरन ऑक्साइड जैसे तत्वों ने पहाड़ों को लाल, पीले और नारंगी रंग की रंगत प्रदान की.

इसके बाद पृथ्वी के भीतर टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण जमीन की निचली परतें ऊपर की ओर खिसक गईं और ये रंगीन चट्टानें सतह पर दिखाई देने लगीं. प्लेटों के दबाव के बाद हवा, बारिश और प्राकृतिक कटाव ने लाखों सालों तक पहाड़ों को तराशा. इसी प्राकृतिक क्षरण के कारण आज यह अद्भुत भूगर्भीय संरचना हमारे सामने है.

यूनेस्को धरोहर का दर्जा और पेरू का विनिकुंका पर्वत

इस अद्भुत प्राकृतिक संरचना के महत्व को देखते हुए यूनेस्को ने साल 2010 में झांगे डेनशिया को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया था. पर्यटकों की सुविधा और पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यहां विशेष व्यूइंग प्लेटफॉर्म और पैदल रास्ते बनाए गए हैं, जहां से लोग पहाड़ों के इस मनोरम दृश्य को आसानी से देख सकते हैं.

इंद्रधनुषी पहाड़ों की यह अनूठी विशेषता केवल चीन तक ही सीमित नहीं है. दक्षिण अमेरिका के देश पेरू में स्थित विनिकुंका माउंटेन भी अपनी सात रंगों वाली पहाड़ियों के लिए दुनिया भर में मशहूर है. विनिकुंका में भी खनिजों की परतों के कारण पहाड़ पर कई रंग उभरे हैं, जो यह साबित करते हैं कि कुदरत बिना किसी मानवीय प्रयास के भी सबसे खूबसूरत कलाकृतियों का निर्माण कर सकती है.

सवाल-जवाब

झांगे डेनशिया नेशनल जियोलॉजिकल पार्क कहाँ स्थित है?
यह चीन के उत्तर-पश्चिमी गांसू प्रांत में स्थित है.
इन पहाड़ों को इंद्रधनुषी रंग किस वजह से मिले हैं?
करोड़ों वर्षों तक बलुआ पत्थर और आयरन ऑक्साइड जैसे खनिजों के जमाव तथा प्राकृतिक कटाव के कारण यह रंग बने हैं.
झांगे डेनशिया को यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा कब मिला?
इसे साल 2010 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था.
पहाड़ों के खूबसूरत रंग देखने के लिए सबसे बेहतरीन समय कौन सा है?
सूर्योदय और सूर्यास्त के समय जब सुनहरी धूप चट्टानों पर पड़ती है, तब रंग सबसे ज्यादा चमकते हैं.
क्या पेरू में भी ऐसा ही रंगीन पहाड़ मौजूद है?
हाँ, पेरू में विनिकुंका पर्वत स्थित है जो अपनी सात रंगों वाली प्राकृतिक खनिजों की परतों के लिए जाना जाता है.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp