उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में दिवाली के पावन पर्व से ठीक पहले एक भीषण सड़क हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई। कल्याणपुर इलाके के आवास विकास-3 क्षेत्र में शनिवार रात करीब 8:00 बजे एक तेज रफ्तार महिंद्रा थार ने सड़क पर कहर बरपाते हुए एक स्कूटी सवार को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कूटी सवार को संभलने का बिल्कुल भी मौका नहीं मिला और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है और स्थानीय लोगों में गहरा रोष व्याप्त है।
लेडी ड्राइवर और उसके साथियों की तलाश जारी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के समय थार की रफ्तार बेहद तेज थी। अनियंत्रित होने के बाद यह एसयूवी पहले एक प्रोफेसर के मकान की बाउंड्रीवॉल को तोड़ते हुए उसके गार्डन के अंदर जा घुसी। जब आसपास मौजूद लोगों ने गाड़ी चला रही महिला को पकड़ने का प्रयास किया, तो वह अपने अन्य साथियों, जिनमें एक अन्य युवती और एक युवक शामिल थे, के साथ मौके पर पहुंची दूसरी कार में बैठकर फरार हो गई। पुलिस अब घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की सही पहचान की जा सके और उन्हें जल्द से जल्द हिरासत में लिया जा सके।
मृतक की पहचान और घर से निकलने की कहानी
हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान 55 वर्षीय संतोष सिंह चौहान के रूप में हुई है। मृतक के बेटे राहुल चौहान ने घटनास्थल पर पहुंचकर अपने पिता के शव की शिनाख्त की। पिता के क्षत-विक्षत शव को देखकर राहुल का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और वह पूरी तरह बदहवास हो गया। राहुल ने बताया कि उनके पिता रात करीब 7:30 बजे अपनी पत्नी की साड़ी लेकर किसी काम से घर से बाहर निकले थे। घर से निकलते वक्त उन्होंने जल्द ही वापस लौटने की बात कही थी, लेकिन किसे पता था कि यह उनकी आखिरी विदाई होगी और कुछ ही मिनटों बाद सड़क हादसे में उनकी मौत की मनहूस खबर घर पहुंच जाएगी।
नंबर प्लेट से मालिक की तलाश और पुलिस कार्रवाई
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया शुरू करते हुए दुर्घटनाग्रस्त थार की नंबर प्लेट के आधार पर उसके असली मालिक का पता लगा लिया है। पुलिस यह भी गहराई से तस्दीक कर रही है कि घटना के वक्त वाहन के स्टीयरिंग के पीछे कौन बैठा था और उसमें कुल कितने लोग सवार थे। कानपुर की इस दुखद घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाने के खतरों को उजागर कर दिया है, जिससे एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया।



















