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भरतपुर में सख्ती, बिना पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा पेट्रोल और डीजलराजस्थान
13 अक्तू॰ 2026, 11:11 am (3 घंटे पहले)· 0

भरतपुर में सख्ती, बिना पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा पेट्रोल और डीजल

भरतपुर में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने 'नो पीयूसी नो फ्यूल' व्यवस्था लागू कर दी है। इसके तहत वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र के बिना गाड़ियों में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या ऑटो एलपीजी नहीं डाली जाएगी।

भरतपुर में बढ़ते प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से कड़ा कदम उठाते हुए नो पीयूसी नो फ्यूल नियम को प्रभाव में लाया गया है। अब स्थानीय वाहन चालकों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे ईंधन भरवाने के लिए जाते समय अपने वाहन का वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र साथ रखें। इस नई व्यवस्था के दायरे में केवल पेट्रोल और डीजल ही नहीं, बल्कि सीएनजी और ऑटो एलपीजी जैसे अन्य ईंधन विकल्प भी शामिल किए गए हैं। बिना वैध पीयूसी के पेट्रोल पंपों पर किसी भी गाड़ी को ईंधन नहीं दिया जाएगा, जिससे वाहन चालकों को अपनी गाड़ियों के कागजात दुरुस्त रखने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

एनसीआर क्षेत्र के कारण बढ़ाई गई सख्ती

भरतपुर परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह जिला राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर के अंतर्गत आता है, जिसके कारण यहां प्रदूषण के मामलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता होती है। इसी भौगोलिक स्थिति और पर्यावरणीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने इस नियम को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है। जिले भर में इस व्यवस्था की शुरुआत 1 अक्टूबर से हो चुकी है। प्रशासन की तरफ से पेट्रोल पंप परिसरों में विशेष अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है ताकि वाहन चालक समय रहते अपने वाहनों का प्रदूषण प्रमाण पत्र बनवा सकें और इसकी समय-सीमा समाप्त होने से पहले इसका नवीनीकरण भी करवा सकें।

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जागरूकता के साथ नियमों तोड़ने वालों पर चालान कार्रवाई

प्रशासन केवल जागरूकता फैलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कदम भी उठाए जा रहे हैं। आदेश का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ मौके पर ही चालान काटने की कार्रवाई की जा रही है। भरतपुर के सभी वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी जैसे अन्य जरूरी दस्तावेजों के साथ अपना पीयूसी सर्टिफिकेट भी हमेशा अपडेट रखें ताकि पेट्रोल पंपों पर किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस पूरी पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में यातायात और पर्यावरण नियमों के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करना और जिले की आबोहवा को प्रदूषित होने से बचाने के प्रयासों को अधिक मजबूत करना है।

सवाल-जवाब

भरतपुर में नया नियम कौन सा लागू किया गया है?
भरतपुर में 'नो पीयूसी नो फ्यूल' नियम लागू किया गया है, जिसके तहत वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र के बिना ईंधन नहीं मिलेगा।
यह नियम किन ईंधनों पर लागू होता है?
यह नियम पेट्रोल, डीजल के साथ-साथ सीएनजी और ऑटो एलपीजी पर भी पूरी तरह लागू होता है।
भरतपुर में यह नियम कब से प्रभावी हुआ है?
भरतपुर जिले में इस नियम को 1 अक्टूबर से लागू किया गया है।
नियम का पालन न करने पर क्या कार्रवाई हो रही है?
नियम का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ प्रशासन द्वारा चालान काटने की कार्रवाई की जा रही है।
यह नियम क्यों लागू किया गया है?
जिला प्रशासन ने एनसीआर क्षेत्र में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Neha Verma@neha-verma·1 घंटे पहले

प्रदूषण कम करने के लिए प्रशासन का यह कदम वाकई बहुत सही है। अब कम से कम लोग अपनी गाड़ियों के कागजात समय पर अपडेट रखेंगे और हवा भी थोड़ी साफ होगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 घंटे पहले

1 अक्टूबर से लागू हुआ है नियम, पेट्रोल पंप पर अब कागजात पूरे न होने पर गाड़ी खाली हाथ ही लौटेगी।

Ravikash Gupta@ravikash·1 घंटे पहले

अर्जुन जी, बात तो सही है पर ज़मीन पर ये सख्ती कितने दिन टिकेगी, कहना मुश्किल है। अक्सर कुछ हफ़्तों बाद सब ढीला पड़ जाता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

नियम तो सही है पर पेट्रोल पंप वाले सच में इतनी सख्ती से मानेंगे क्या?

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

करन भाई, यूपी के नोएडा और गाजियाबाद में भी ऐसे नियम सिर्फ कागजों पर ही ज्यादा दिखते हैं, पंप वाले झंझट से बचने के लिए मान जाते हैं कई बार।

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