पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मंगलवार की सुबह एक भीषण रेल दुर्घटना ने सनसनी फैला दी। इस गंभीर हादसे में कराची से पेशावर की ओर बढ़ रही एक यात्री ट्रेन अचानक पटरी से उतर गई। शुरुआती प्रशासनिक और चिकित्सीय आंकड़ों के मुताबिक इस दुर्घटना की चपेट में आने से पांच लोगों की जान चली गई है, जबकि तीस से अधिक अन्य यात्री गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। राहत और बचाव दल तुरंत हरकत में आए और मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने में जुट गए।
हादसे का समय और घटनास्थल
यह दुखद घटना मंगलवार को सुबह करीब 5:15 बजे के आसपास घटी। उस समय रेहमान बाबा एक्सप्रेस अपनी निर्धारित यात्रा पर थी और मुल्तान के पास शेर शाह ब्रिज के नजदीक से गुजर रही थी। तभी अचानक ट्रेन के पहिया पटरी से अलग हो गए और डिब्बे असंतुलित होकर बिखर गए। स्थानीय पुलिस और बचाव एजेंसियों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को तुरंत मुल्तान के निश्तर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका चिकित्सीय उपचार किया जा रहा है।
बचाव कार्य और डिब्बों की स्थिति
दुर्घटना स्थल पर सुरक्षा बलों और राहत कर्मियों का अभियान युद्ध स्तर पर जारी रहा। अधिकारियों के अनुसार इस भयंकर हादसे के बाद कुल 13 डिब्बों को पूरी तरह खाली करा लिया गया था, जबकि एक अन्य क्षतिग्रस्त कोच में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ी। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि मलबे में कोई और न फंसा रहे।
यात्रियों के दावे और प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया
सफर कर रहे एक यात्री ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि रोहरी के पास पहुंचने से पहले कर्मचारियों ने नौ नंबर के कोच के नट-बोल्ट की मरम्मत की थी। हालांकि इस दावे की किसी स्वतंत्र एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि इस मरम्मत का ट्रेन के बेपटरी होने से कोई सीधा संबंध था या नहीं। इस बीच प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस पूरे मामले पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने संबंधित महकमों को निर्देश दिया है कि राहत कार्यों में तेजी लाई जाए और घायलों को बिना किसी विलंब के उच्च स्तर की चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए।
पुरानी घटनाएं और रेलवे की स्थिति
फिलहाल इस बात की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है कि ट्रेन अचानक पटरी से क्यों उतरी। माना जा रहा है कि जांच प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद ही पाकिस्तान रेलवे और अन्य जिम्मेदार विभाग स्पष्ट कारण साझा करेंगे। देश का रेल ढांचा काफी समय से अपनी जर्जर हालत के लिए जाना जाता है, जहां इस तरह की दुर्घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। इससे पहले अगस्त 2023 में भी सिंध के नवाबशाह क्षेत्र के पास हजारा एक्सप्रेस के पटरी से उतरने से लगभग 30 लोगों की मौत हो गई थी और सौ से अधिक लोग घायल हुए थे, जिसने एक बार फिर परिवहन सुरक्षा और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।





















