राजस्थान के अलवर जिले में कृषि विभाग ने किसानों को मिलने वाली खाद की जमाखोरी और अवैध भंडारण के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। खेड़ली कस्बे में विभाग के उड़नदस्ते ने एक रिहायशी मकान पर औचक दबिश देकर यूरिया और डीएपी खाद की बड़ी खेप पकड़ी। मौके से कुल 289 बैग रासायनिक खाद बरामद की गई, जिसे बिना किसी स्पष्ट अनुमति या अधिकृत गोदाम के एक घर के भीतर छिपाकर रखा गया था। इतनी बड़ी तादाद में पोषक तत्वों से भरी खाद के आवासीय क्षेत्र में पाए जाने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने फौरन मौके पर मौजूद पूरे स्टॉक को कब्जे में लेकर कानूनी जांच आगे बढ़ा दी है।
फर्म प्रतिनिधि के आवास पर मिला भारी भंडार
कृषि विभाग की जांच में सामने आया कि यह रासायनिक खाद एक व्यापारिक फर्म के प्रतिनिधि सतीश कुमार शर्मा के घर में जमा की गई थी। मौके पर जब अधिकारियों की टीम भीतर दाखिल हुई, तो वहां यूरिया के 270 कट्टे और डीएपी के 19 कट्टे सलीके से रखे हुए मिले। इतनी भारी मात्रा में फसलों के लिए बेहद अहम उर्वरक को किसी व्यावसायिक दुकान या अधिकृत गोदाम के बजाय सीधे घर के कमरों में रखे जाने पर टीम ने तत्काल सवाल-जवाब शुरू कर दिया। फर्म प्रतिनिधि से मौके पर स्टॉक से संबंधित बिल, बिक्री रजिस्टर और भंडारण अनुमति से जुड़े कागजात तलब किए गए हैं।
नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए
कार्रवाई के दौरान कृषि विभाग की टीम ने न केवल कट्टों की गिनती की, बल्कि गुणवत्ता की जांच के मकसद से यूरिया और डीएपी के अधिकृत नमूने भी सील किए। इन सैंपलों को अब विश्लेषण के लिए जांच प्रयोगशाला भेजा जा रहा है ताकि यह साफ हो सके कि किसानों को बेची जाने वाली यह खाद पूरी तरह असली है या इसमें कोई मिलावट की गई थी। इसके साथ ही विभागीय दल यह भी पड़ताल कर रहा है कि क्या यह स्टॉक निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर बेचने या खाद की कमी के समय कालाबाजारी करने के इरादे से रोका गया था।
संयुक्त निदेशक पीसी मीणा के आदेश पर हुई छापेमारी
यह पूरी सतर्कता कार्रवाई कृषि विस्तार, जिला परिषद के संयुक्त निदेशक पीसी मीणा के सीधे निर्देश पर अंजाम दी गई। क्षेत्रीय अधिकारियों को पहले से सूचना मिल रही थी कि क्षेत्र में कुछ लोग वितरण तंत्र को दरकिनार कर खाद का निजी संग्रह कर रहे हैं। संयुक्त निदेशक के आदेश के बाद विशेष टीम ने खेड़ली पहुंचकर इस संदिग्ध पते पर दबिश दी। अधिकारियों का कहना है कि घर में खाद रखने के नियमों का पूरी तरह उल्लंघन हुआ है या नहीं, इसका आधिकारिक फैसला फर्म के मूल आवंटन रिकॉर्ड और स्टॉक रजिस्टर की मिलान के बाद ही सामने आएगा।
दस्तावेजों और रिपोर्ट के आधार पर तय होगी आगे की कार्रवाई
विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल जब्त किए गए 289 कट्टों के स्रोत और उनकी खरीद-बिक्री से जुड़ी हर कड़ी को खंगाला जा रहा है। यदि लैब जांच में नमूनों के मानक फेल होते हैं या फर्म प्रतिनिधि भंडारण के वैध दस्तावेज पेश करने में नाकाम रहता है, तो संबंधित पक्षों के खिलाफ सख्त कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कराया जाएगा। कृषि विभाग का मुख्य जोर इस बात पर है कि वास्तविक किसानों के हिस्से की खाद किसी भी सूरत में निजी घरों में डंप न हो और उसका पारदर्शी तरीके से जरूरतमंद काश्तकारों तक पहुंचना सुनिश्चित रहे।






















