यूएस ओपन फाइनल में हार के बाद आर्यना सबालेंका ने तोड़ा रैकेट, कैमरामैन पर फूटा गुस्साझुंझुनूं में रोडवेज बस पर फ्लाइंग टीम का छापा, सादुलपुर-जयपुर रूट पर बिना टिकट मिले सात यात्री और कंडक्टर पर एफआईआरदही खाने का सही वक्त कौन सा है, जानिए सुबह या दोपहर में खाने के फायदेगणेश चतुर्थी पर ऐसे पहनें धोती स्टाइल साड़ी, 6 गज की आम साड़ी से मिलेगा परफेक्ट महाराष्ट्रीयन लुकराकेश कुमार का खास गार्डनिंग फॉर्मूला, 90% रेत में पौधे लगाएंगे तो कभी नहीं सड़ेंगी जड़ेंदौसा के बांदीकुई जंक्शन पर दर्दनाक हादसा, प्लेटफॉर्म पर गिरा लोहे का एंगल, हरियाणा के यात्री की मौतहनुमान अंश रिव्यू (2026): 37वें दिन बॉक्स ऑफिस पर 85 प्रतिशत की छलांग, जानिए कुल कमाईब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की नाविकों के लिए विशेष आपातकालीन नेटवर्क बनाने की मांगबूंदी में दर्दनाक हादसा, घरेलू कलह के कारण पति-पत्नी ने की आत्महत्यागणेश चतुर्थी और हिंदी दिवस पर क्या बंद रहेंगे स्कूल, जानिए क्या है कल की स्थिति
तुलसी की पत्तियां पीली पड़कर हो रही हैं खराब, तो पानी में मिलाकर छिड़कें यह घरेलू नुस्खाजीवनशैली
13 सित॰ 2026, 10:53 am (38 मिनट पहले)· 0

तुलसी की पत्तियां पीली पड़कर हो रही हैं खराब, तो पानी में मिलाकर छिड़कें यह घरेलू नुस्खा

तुलसी के पौधे में मौसम बदलने और उचित देखभाल न मिलने पर कीड़े लग सकते हैं और पत्तियां पीली पड़ सकती हैं। नीम के तेल से तैयार एक आसान घरेलू घोल का इस्तेमाल करके इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

घर की हरियाली बढ़ाने और धार्मिक मान्यताओं के लिहाज से तुलसी का पौधा बेहद खास माना जाता है। ज्यादातर घरों में इसकी देखभाल की जाती है, लेकिन मौसम में होने वाले बदलाव या फिर सही ढंग से रखरखाव न हो पाने के कारण इस पौधे में कई तरह की दिक्कतें आने लगती हैं। कई बार ऐसा देखने को मिलता है कि पौधे की पत्तियां मुड़ने लगती हैं, मुरझा जाती हैं या फिर उनमें कीड़े पनपने लगते हैं। ऐसी स्थिति में पौधे की समय पर देखरेख करना बहुत आवश्यक हो जाता है ताकि उसे सूखने से बचाया जा सके।

नीम के तेल का स्प्रे बनाने की आसान विधि

तुलसी के पौधे को कीटों के प्रकोप से बचाने और उन्हें स्वस्थ रखने के लिए नीम के तेल का एक हल्का घोल बहुत असरदार साबित होता है। इसे तैयार करने के लिए एक लीटर पानी में लगभग एक चम्मच नीम का तेल और उसमें डिश सोप या हल्के लिक्विड सोप की कुछ बूंदें मिलानी पड़ती हैं। पानी में नीम के तेल को अच्छी तरह मिलाने के लिए साबुन की यह मात्रा जरूरी होती है जिससे दोनों चीजें आपस में ठीक से घुल जाएं।

ये भी पढ़ें

तैयार किए गए इस मिश्रण को अच्छे से मिलाने के बाद एक स्प्रे बोतल में भर लिया जाता है। इसके बाद पौधे की पत्तियों पर ऊपर और नीचे दोनों तरफ इस घोल का छिड़काव किया जाता है। पत्तियों के निचले हिस्से पर विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि ज्यादातर छोटे कीट वहीं पर छिपे रहते हैं और पौधे को नुकसान पहुंचाते हैं।

इस्तेमाल करने के दौरान बरतने वाली जरूरी सावधानियां

इस स्प्रे का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। पौधे की मौजूदा स्थिति को देखते हुए कुछ दिनों के अंतराल पर दोबारा इसका छिड़काव किया जा सकता है। कीड़ों का हमला कम होते ही बार-बार स्प्रे करने की प्रक्रिया को रोक देना चाहिए। इसके अलावा, घोल को पूरे पौधे पर छिड़कने से पहले एक या दो पत्तियों पर थोड़ा सा डालकर जांच कर लेनी चाहिए ताकि किसी भी नुकसान का पता चल सके।

यदि पत्तियों पर किसी तरह के दाग-धब्बे या जलने के निशान दिखाई दें, तो इस घोल का प्रयोग तुरंत बंद कर देना चाहिए। इसके साथ ही, बहुत तेज धूप या अत्यधिक गर्मी के समय पत्तियों पर कभी भी स्प्रे नहीं करना चाहिए।

पौधे की सेहत के लिए अन्य जरूरी कदम

केवल स्प्रे कर देने मात्र से ही पौधे की हर समस्या का समाधान नहीं हो जाता है। तुलसी के पौधे को हमेशा ऐसी जगह पर रखना चाहिए जहां उसे पर्याप्त मात्रा में ताजी हवा और सूर्य की रोशनी मिल सके। इसके गमले की मिट्टी में कभी भी जलभराव नहीं होने देना चाहिए और जरूरत के अनुसार ही पानी डालना चाहिए। पौधे की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए साफ कैंची की मदद से उन पत्तियों को काट कर हटा देना चाहिए जो बुरी तरह से खराब हो चुकी हैं या संक्रमित हो चुकी हैं।

सवाल-जवाब

तुलसी के पौधे की पत्तियां क्यों खराब होती हैं?
मौसम में बदलाव या उचित देखभाल न मिलने की वजह से तुलसी के पौधे में कीड़े लग सकते हैं और पत्तियां मुड़ सकती हैं।
नीम के तेल का स्प्रे बनाने के लिए किन चीजों की जरूरत होती है?
एक लीटर पानी में लगभग एक चम्मच नीम का तेल और कुछ बूंदें हल्का लिक्विड सोप या डिश सोप मिलाना पड़ता है।
स्प्रे करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
घोल का छिड़काव पत्तियों के निचले हिस्से पर विशेष रूप से करना चाहिए और तेज धूप में स्प्रे करने से बचना चाहिए।
क्या सिर्फ स्प्रे करने से सारी समस्याएं खत्म हो जाती हैं?
नहीं, पौधे को पर्याप्त रोशनी, सही मात्रा में पानी और संक्रमित पत्तियों को हटाने की भी जरूरत होती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR