झुंझुनूं जिले के मंडावा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ढाका का बास गांव में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। यहां के श्योपुरा क्षेत्र में चोरों ने एक ही रात में दो अलग-अलग मकानों को अपना निशाना बनाकर पुलिस की रात्रि गश्त व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इन चोरियों में बेखौफ बदमाशों ने पचास लाख रुपए से ज्यादा कीमत के सोने और चांदी के आभूषणों के साथ-साथ भारी मात्रा में नकदी पर भी हाथ साफ कर दिया। इस बड़ी वारदात के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोगों में गहरा रोष व्याप्त है। बदमाशों ने जिस शातिराना अंदाज में इस घटना को अंजाम दिया, उससे हर कोई हैरान है क्योंकि उन्होंने पीड़ितों को उनके ही कमरों में कैद कर दिया था।
सुनियोजित तरीके से खिड़की तोड़कर घुसे चोर
अपराधियों ने इस पूरी वारदात को बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया। दोनों ही घरों में बदमाशों ने मुख्य दरवाजे का इस्तेमाल करने के बजाय पीछे की खिड़कियों को निशाना बनाया। सबसे पहले चोरों ने सुरेश नामक ग्रामीण के मकान में धावा बोला। जब रात के वक्त परिवार के सभी सदस्य मुख्य हॉल में गहरी नींद सो रहे थे, तब चोरों ने पीछे की खिड़की की ग्रिल तोड़कर घर के भीतर प्रवेश किया। अंदर घुसने के बाद बदमाशों ने इत्मीनान से अलमारियों के ताले तोड़े और उनमें रखे कीमती सोने-चांदी के गहने समेट लिए। आभूषणों के अलावा चोर वहां से एक लाख पचहत्तर हजार रुपए की नकदी भी चुरा ले गए।
कमरे में सो रहे परिवार को बाहर से लगाया ताला
इस घटना का सबसे डरावना पहलू यह था कि चोरों ने घरवालों को भागने या शोर मचाने का कोई मौका नहीं दिया। रात के करीब डेढ़ बजे जब सुरेश की पत्नी बलकेश देवी की आंख खुली तो उन्हें कुछ असामान्य गतिविधि का अहसास हुआ। उन्होंने हॉल से बाहर निकलने के लिए जब दरवाजा खोलना चाहा तो वह बंद मिला। दरअसल, बदमाशों ने चोरी को अंजाम देने से तुरंत पहले ही कमरों के दरवाजों को बाहर से मजबूती से बंद कर दिया था। घबराई हुई बलकेश देवी ने तुरंत फोन के माध्यम से अपने दूसरे रिश्तेदारों को इस बात की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने मौके पर पहुंचकर बाहर से कुंडी खोली और तब जाकर अंदर फंसा परिवार बाहर आ सका।
नरेश ढाका के घर भी हुई लाखों की नकदी और गहनों की चोरी
उसी रात इसी गांव में नरेश ढाका के मकान को भी चोरों ने अपना दूसरा निशाना बनाया। यहां भी बदमाशों ने ठीक वही पुराना तरीका अपनाया और मकान के पीछे की खिड़की तोड़कर अंदर दाखिल हुए। चोरों ने घर के अंदर जमकर तांडव मचाया और कमरों में रखी अलमारियों को खंगाला। इस घर से चोर तीन लाख अठारह हजार रुपए नकद और भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण चुरा ले गए। नरेश के घर पर भी बदमाशों ने दरवाजों को रस्सियों और कुंडियों से बाहर से कसकर बांध दिया था। अगली सुबह जब घरवालों ने उठकर बाहर जाने का प्रयास किया तो दरवाजे नहीं खुले। इसके बाद पड़ोसियों को फोन करके बुलाया गया और उनकी मदद से किसी तरह दरवाजे के बंधन खोलकर परिवार को बाहर निकाला गया।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने शुरू की गहन छानबीन
एक ही गांव में दो सूने या सो रहे परिवारों के घरों में हुई इस तरह की ताबड़तोड़ चोरियों से ग्रामीणों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी गुस्सा देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों ने पुलिस अधिकारियों से जल्द से जल्द आरोपियों की पहचान करने और चोरी गया सारा सामान बरामद करने की कड़ी मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही मंडावा थाने की पुलिस तुरंत मौके पर जा पहुंची। पुलिस बल ने दोनों घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और हालात का जायजा लिया। इसके अलावा फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर तलब किया गया जिसने वहां से फिंगरप्रिंट और अन्य महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस अब आसपास के रास्तों और घरों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी है। संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों के बारे में सुराग जुटाकर पुलिस इन शातिर चोरों तक जल्द से जल्द पहुंचने का प्रयास कर रही है।



















