श्रीगंगानगर जिले की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से रची गई एक खतरनाक साजिश को भारतीय सुरक्षाबलों और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर पूरी तरह विफल कर दिया है। सीमा पार से चलाए जा रहे नार्को-टेररिज्म के तहत पाकिस्तानी तस्करों ने ड्रोन के माध्यम से भारतीय सीमा के अंदर नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप भेजने का असफल प्रयास किया। हालांकि, सुरक्षाबलों की चौकस निगाहों और ग्रामीणों के समय पर दिए गए सहयोग के चलते तस्करों के मंसूबे धरे के धरे रह गए और सुरक्षा एजेंसियों ने इस बड़ी कार्रवाई से ड्रग सिंडिकेट को करारा झटका दिया है।
रावला थाना क्षेत्र के 14 KND गांव में हुई कार्रवाई
यह पूरा घटनाक्रम श्रीगंगानगर जिले के रावला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 14 KND गांव के पास सामने आया है। बीती रात अंतरराष्ट्रीय सीमा के बेहद करीब कुछ स्थानीय लोगों ने आसमान में एक संदिग्ध ड्रोन की आवाज और उसकी हलचल को महसूस किया। जागरूक ग्रामीणों ने बिना किसी देरी के इस अजीब गतिविधि की जानकारी तुरंत सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंचाई। सूचना मिलने के साथ ही सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ, स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग के अधिकारी तुरंत सतर्क हो गए और पूरे इलाके को अपने घेरे में लेते हुए एक बड़ा संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया गया।
करोड़ों की हेरोइन और अफीम बरामद
रातभर चले इस व्यापक सर्च ऑपरेशन के बाद सुबह सुरक्षाबलों के हाथ बहुत बड़ी सफलता लगी। अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक स्थित खेतों की बारीकी से छानबीन करने के दौरान वहां कई संदिग्ध पैकेट पड़े हुए मिले। जब अधिकारियों ने इन पैकेटों की जांच की तो उनके भीतर भारी मात्रा में मादक पदार्थ छिपाए गए थे। प्रारंभिक माप और तौल के मुताबिक, इन पैकेटों से लगभग 5 किलो 600 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन और करीब 500 ग्राम अफीम बरामद की गई है। अंतरराष्ट्रीय काले बाजार में इस जब्त की गई खेप की कीमत कई करोड़ रुपये आंकी गई है, जिससे यह साफ होता है कि पाकिस्तानी तस्कर देश में नशा फैलाने के लिए लगातार नए और हाई-टेक तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
स्थानीय नेटवर्क की तलाश में जुटी एजेंसियां
तस्करी की इस बड़ी खेप को अपने कब्जे में लेने के बाद अब सुरक्षा एजेंसियां इस बात की गहराई से छानबीन कर रही हैं कि यह डिलीवरी भारतीय सीमा के भीतर किस स्थानीय तस्कर या स्लीपर सेल तक पहुंचाई जानी थी। सीमावर्ती इलाके में अभी भी सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी है ताकि इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके। गौरतलब है कि पाकिस्तान लगातार पंजाब और राजस्थान की सीमाओं पर रात के अंधेरे का फायदा उठाकर ड्रोन के जरिए हथियार और ड्रग्स भेजने की नापाक कोशिशें करता रहता है। हालांकि, बीएसएफ की मुस्तैदी और आधुनिक तकनीक के प्रयोग ने हर बार उनके इन इरादों को नाकाम किया है।



















