राजस्थान पुलिस के तकनीकी नेटवर्क में अचानक आई बड़ी बाधा के कारण प्रदेशभर में पुलिस थानों और चिकित्सा संस्थानों का कामकाज गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। राज्य में क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम यानी CCTNS का सर्वर अचानक पूरी तरह ठप हो गया है, जिसका सबसे ज्यादा असर दौसा जिले में देखने को मिल रहा है। सर्वर काम नहीं करने की वजह से थानों में रोजाना की ऑनलाइन प्रविष्टियों से लेकर गंभीर मामलों की कानूनी कार्यवाही तक सब कुछ रुक गया है। स्थिति यह है कि जनता से जुड़े बेहद संवेदनशील कार्य भी इस तकनीकी खराबी के चलते बीच रास्ते में ही लटक गए हैं।
बांदीकुई अस्पताल में अटका पिता-पुत्र का पोस्टमार्टम
इस तकनीकी समस्या का सबसे दर्दनाक पहलू दौसा जिले के बांदीकुई अस्पताल में सामने आया, जहां करंट लगने से जान गंवाने वाले पिता और पुत्र के शवों का पोस्टमार्टम सर्वर बंद होने के कारण नहीं हो पा रहा है। नियमानुसार पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू करने के लिए CCTNS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रार्थना पत्र जारी होना अनिवार्य होता है, लेकिन सर्वर बंद होने की वजह से यह दस्तावेज डॉक्टरों को नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल के चिकित्सक इसी ऑनलाइन प्रार्थना पत्र की मांग पर अड़े हुए हैं, जिसके चलते पूरी प्रशासनिक और चिकित्सीय प्रक्रिया थम गई है। एक तरफ जहां पीड़ित परिवार ने इस भीषण हादसे में अपने घर के दो सदस्यों को खो दिया है, वहीं दूसरी तरफ अंतिम संस्कार से पहले पोस्टमार्टम में हो रही इस देरी ने उनके दुखों और परेशानियों को कई गुना बढ़ा दिया है। शोकाकुल परिजन अस्पताल परिसर में ही घंटों से अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हैं।
थानों में एफआईआर दर्ज होने और रोजनामचे पर लगा ब्रेक
केवल अस्पताल ही नहीं बल्कि दौसा जिले समेत पूरे राजस्थान के पुलिस थानों में कामकाज का पहिया पूरी तरह जाम हो गया है। गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे के बाद से ही CCTNS सर्वर ने पूरी तरह से काम करना बंद कर दिया, जिसके बाद से थानों में आने वाले फरियादियों की एफआईआर दर्ज करने का काम भी ठप हो गया है। पुलिस विभाग की रोजाना की आंतरिक कार्यप्रणाली में CCTNS की भूमिका रीढ़ की हड्डी जैसी है। थानों का दैनिक रिकॉर्ड यानी रोजनामचा भी इसी ऑनलाइन माध्यम से अपडेट किया जाता है, लेकिन सर्वर ठप होने की वजह से थानेदार और पुलिसकर्मी चाहकर भी कोई आधिकारिक प्रविष्टि दर्ज नहीं कर पा रहे हैं। इस तकनीकी व्यवधान के कारण पूरे प्रदेश में पुलिसिया अनुसंधान और मामलों के पंजीकरण की गति रुक गई है, जिससे कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी व्यावहारिक मुश्किलें पेश आ रही हैं।
तकनीकी टीम सर्वर को दुरुस्त करने में जुटी
जैसे ही सर्वर फेल होने की सूचना मिली, राजस्थान पुलिस की विशेष तकनीकी टीम इसे दोबारा चालू करने और सिस्टम को पटरी पर लाने के लिए युद्धस्तर पर जुट गई। हालांकि अभी तक यह आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सर्वर में अचानक यह बड़ी तकनीकी खराबी किस वजह से आई थी और इसे पूरी तरह ठीक होने में कितना समय और लगेगा। अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और तकनीकी विशेषज्ञ सर्वर को बहाल करने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं। जब तक यह सिस्टम पूरी तरह से काम करना शुरू नहीं करता, तब तक एफआईआर दर्ज करने, ऑनलाइन प्रार्थना पत्र जारी करने और रोजनामचा अपडेट करने जैसे तमाम जरूरी काम सामान्य नहीं हो पाएंगे। फिलहाल बांदीकुई अस्पताल से लेकर तमाम थानों तक हर कोई इस तकनीकी बाधा के दूर होने और सर्वर के दोबारा चालू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।
















