राजस्थान के डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा नगरपालिका क्षेत्र में निकाय चुनाव के दौरान एक मतदान केंद्र पर तकनीकी खराबी के चलते अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वार्ड नंबर 9 में स्थित इंदिरा कॉलोनी स्थित स्कूल नंबर 1 पोलिंग बूथ पर वोटिंग शुरू होने के थोड़ी देर बाद ही इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) अचानक ठप हो गई। एक-एक करके तीन बार मशीन में खराबी आई, जिससे मतदान केंद्र पर लंबी-लंबी कतारें लग गईं। लगातार रुकावट के कारण करीब एक घंटे तक वोट डालने की प्रक्रिया बाधित रही और इस अव्यवस्था से तंग आकर कई नागरिक बिना अपना वोट डाले ही पोलिंग बूथ से वापस लौटने को मजबूर हो गए।
सुबह 8:10 बजे 47 वोट दर्ज होने के बाद रुकी मशीन
प्राप्त विवरण के अनुसार, सुबह जब पोलिंग बूथ खुला तो शुरुआत में वोटिंग सामान्य गति से चल रही थी। सुबह करीब 8 बजकर 10 मिनट तक कुल 47 वोट दर्ज किए जा चुके थे। लेकिन ठीक इसी समय ईवीएम का डिस्प्ले अचानक बंद हो गया और मशीन ने काम करना बंद कर दिया। केंद्र पर तैनात पोलिंग अधिकारियों ने तुरंत मामले को संभालने का प्रयास किया और काफी मशक्कत के बाद मशीन को दोबारा रिस्टार्ट किया। मशीन चालू होते ही कतार में खड़े लोगों ने राहत की सांस ली और वोटिंग फिर शुरू हुई, लेकिन यह राहत बहुत कम समय के लिए ही साबित हुई।
तीन बार हुई तकनीकी खराबी, बढ़ता गया इंतजार
मशीन दोबारा चालू होने के बाद महज 10 से 15 वोट ही डाले गए थे कि ईवीएम में एक बार फिर वही तकनीकी समस्या आ गई और वह बंद हो गई। कर्मचारियों ने दोबारा इसे ठीक करने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही देर में तीसरी बार भी मशीन ठप पड़ गई। एक ही पोलिंग बूथ पर बार-बार आ रही इस खराबी ने वहां मौजूद मतदाताओं की परेशानी बढ़ा दी। कई नागरिक सुबह के समय अपने जरूरी घरेलू काम, दफ्तर या मजदूरी छोड़कर वोट डालने आए थे। लगातार तीन बार प्रक्रिया बाधित होने से लोगों का धैर्य जवाब देने लगा और बूथ परिसर में गुस्सा व असंतोष देखा गया।
निराश होकर बिना मतदान किए लौटे कई मतदाता
ईवीएम में बार-बार आ रही खराबी के चलते मतदान केंद्र के बाहर नागरिकों की कतारें लगातार लंबी होती गईं। तेज धूप और लंबे इंतजार के कारण कतार में खड़े बुजुर्गों, महिलाओं और कामकाजी लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ी। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो कई लोग हताश होकर अपने घर वापस चले गए। स्थानीय नागरिकों ने इस अव्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि प्रशासन को मतदान शुरू होने से पहले ही सभी उपकरणों की समुचित जांच कर लेनी चाहिए थी ताकि लोगों का कीमती समय बर्बाद न होता।
नई ईवीएम मशीन लगाने के बाद बहाल हुई प्रक्रिया
मतदान केंद्र पर जब तीसरी बार ईवीएम बंद हुई और समस्या सुलझती नहीं दिखी, तब वहां मौजूद चुनाव कर्मियों ने तुरंत इसकी सूचना उच्च अधिकारियों और निर्वाचन विभाग को भेजी। कंट्रोल रूम से निर्देश मिलने के बाद चुनाव टीम ने खराब ईवीएम को बदला और उसकी जगह रिजर्व में रखी नई ईवीएम मशीन मतदान केंद्र पर भिजवाई। नई मशीन को स्थापित करने, उसकी सीलिंग करने और परीक्षण करने की औपचारिक प्रक्रियाओं को पूरा करने में करीब एक घंटे का समय लग गया। इसके बाद अंततः मतदान प्रक्रिया दोबारा सुचारू रूप से शुरू हो सकी और लाइन में बचे हुए लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।



















