राजस्थान में होने वाले नगरपालिका और पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनावों के लिए मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाने के उद्देश्य से जयपुर में राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज है, लेकिन मतदान के समय उसके पास भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा जारी मूल मतदाता पहचान पत्र उपलब्ध नहीं है, तो भी उसे वोट देने के अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा। ऐसे सभी पात्र मतदाता निर्वाचन आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त 11 वैकल्पिक फोटो पहचान पत्रों में से किसी एक दस्तावेज को दिखाकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।
मान्यता प्राप्त 11 वैकल्पिक फोटो पहचान पत्र
राज्य निर्वाचन आयोग राजस्थान द्वारा जारी आधिकारिक दिशानिर्देशों के तहत मतदान केंद्र पर पहचान साबित करने के लिए निम्नलिखित 11 फोटोयुक्त दस्तावेजों को पूर्ण रूप से वैध स्वीकार किया जाएगा। यदि मूल वोटर आईडी अनुपलब्ध है, तो मतदाता इनमें से कोई एक पहचान पत्र पोलिंग बूथ पर प्रस्तुत कर सकते हैं
- मनरेगा कार्ड / VB-G RAM G: विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) या मनरेगा के तहत जारी आधिकारिक जॉब कार्ड।
- फोटोयुक्त पासबुक: किसी भी मान्यता प्राप्त बैंक अथवा डाकघर (पोस्ट ऑफिस) द्वारा जारी की गई फोटोयुक्त पासबुक।
- स्वास्थ्य बीमा कार्ड: श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड अथवा आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड।
- कर्मचारी पहचान पत्र: केंद्र सरकार, राज्य सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) या पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त पहचान पत्र।
- जनप्रतिनिधियों के आईडी कार्ड: सांसदों (MPs) तथा विधानसभा सदस्यों (MLAs) को जारी किए गए आधिकारिक सरकारी पहचान पत्र।
- यूडीआईडी कार्ड: दिव्यांगजनों के लिए जारी विशेष Unique Disability ID (UDID) कार्ड।
इसके अलावा, आयोग द्वारा स्वीकृत अन्य निर्धारित फोटोयुक्त पहचान पत्रों के माध्यम से भी मतदान केंद्र पर पहचान सत्यापित कराई जा सकेगी।
पहचान सत्यापन और नियमों की मुख्य शर्तें
वैकल्पिक पहचान पत्र के इस्तेमाल को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने कुछ अनिवार्य शर्तें भी तय की हैं, जिनका पालन पोलिंग बूथ पर करना आवश्यक होगा। आयोग के अनुसार, मतदान के लिए प्रस्तुत किया जाने वाला कोई भी वैकल्पिक दस्तावेज अपनी निर्धारित वैधता अवधि के भीतर होना चाहिए। यदि दस्तावेज की वैधता समाप्त हो चुकी है, तो उसे पहचान पत्र के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पारिवारिक पहचान के संबंध में आयोग ने एक विशेष राहत प्रदान की है। यदि परिवार के मुखिया के पास ऊपर उल्लेखित 11 वैध फोटो पहचान पत्रों में से कोई एक दस्तावेज मौजूद है, तो मुखिया द्वारा पहचान किए जाने की स्थिति में परिवार के अन्य सदस्यों को भी मतदान की अनुमति दी जाएगी।
फर्जी मतदान पर भारतीय न्याय संहिता के तहत सख्त कार्रवाई
चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने के लिए आयोग ने फर्जी मतदान की कोशिशों के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की है। यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य मतदाता के नाम पर वोट डालने का प्रयास करता है या अपनी झूठी पहचान बनाकर मतदान केंद्र पर पहुंचता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 172 के तहत तुरंत कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
राज्य निर्वाचन आयोग ने राजस्थान के सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे लोकतंत्र के इस पर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें और मतदान केंद्र पर जाते समय इन 11 मान्य फोटो पहचान पत्रों में से कम से कम एक दस्तावेज अनिवार्य रूप से अपने साथ लेकर आएं।



















