राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा में एक चलती कार अचानक आग की लपटों में घिर गई। यह हादसा रविवार, 13 सितंबर 2026 को रावतसर फाटक के समीप हुआ। कार में आग लगते ही चालक ने अत्यंत सूझबूझ दिखाई और समय रहते बाहर छलांग लगा दी, जिससे उसकी जान बाल-बाल बच गई। देखते ही देखते पूरी गाड़ी आग का गोला बन गई और पूरी तरह जलकर खाक हो गई।
पीलीबंगा में हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पीलीबंगा के रहने वाले धनराज सुथार अपनी कार से जा रहे थे। जब उनकी कार रावतसर फाटक के पास पहुंची, तो उसमें से अचानक धुआं उठने लगा। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाते, लपटें तेज हो गईं। धनराज ने फुर्ती से दरवाजा खोला और चलती गाड़ी से बाहर कूद गए। इसके तुरंत बाद आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण हादसे के दौरान वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हालांकि, गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और समय रहते बड़ा हादसा टल गया।
राजस्थान में पहले भी हुए हैं ऐसे कार हादसे
राज्य में चलती गाड़ियों में आग लगने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले अप्रैल 2026 में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर अलवर के पास एक चलती कार में भीषण आग लग गई थी, जिसमें मध्य प्रदेश के एक ही परिवार के 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। वहीं नवंबर 2025 में भी एक अन्य हाईवे पर चलती कार के आग का गोला बनने से उसका चालक जिंदा जल गया था। ये हादसे वाहन सुरक्षा और नियमित रख-रखाव की आवश्यकता पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
सड़क दुर्घटनाओं और हंगामे का इतिहास
हनुमानगढ़ और आसपास के इलाकों में सड़क सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर पहले भी गंभीर स्थितियां बनी हैं। फरवरी 2026 में बारात से लौट रही एक SUV नहर में गिर गई थी, जिसमें 3 लोगों की जान चली गई थी। इस मुद्दे को राजस्थान विधानसभा में भी उठाया गया था। इसके अलावा, अप्रैल 2026 में झुंझुनूं में एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर हवा में कई बार उछली थी, जिससे तीन दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई थी। हनुमानगढ़ में ही दिसंबर 2025 में एक हिंसक बवाल के बाद इंटरनेट सेवाएं बंद करनी पड़ी थीं, जहां गाड़ियों में आग लगा दी गई थी और एक विधायक का सिर फोड़ दिया गया था।



















