राजस्थान के कोटा शहर में रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जरूरतमंद और असहाय महिलाओं को संबल देने के लिए एक खास पहल देखने को मिली है। उद्योग नगर इलाके में कंसुआ चौराहा के पास स्थित चौहान भवन में श्री राजपूत सभा कोटा द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर समाज की तरफ से 51 जरूरतमंद, विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को आर्थिक मदद के तौर पर पेंशन की दसवीं किस्त सौंपी गई। त्योहार के इस खास मौके पर संस्था ने महिलाओं को राहत देते हुए इस महीने पेंशन की रकम में इजाफा किया था।
बढ़ाई गई पेंशन और सिलाई मशीनों का वितरण
इस आयोजन के दौरान कुल 51 जरूरतमंद महिलाओं के साथ एक बुजुर्ग दंपति को भी पेंशन की दसवीं किस्त दी गई। सामान्य तौर पर इस कल्याणकारी योजना के तहत चुनी गई महिलाओं को हर महीने 800 रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाती है। हालांकि, रक्षाबंधन का त्योहार होने की वजह से इस बार इसमें 200 रुपये की अतिरिक्त राशि जोड़कर कुल 1000 रुपये की पेंशन दी गई, जिसे पाकर महिलाओं के चेहरे पर खुशी साफ नजर आ रही थी।
समाज सारथी रवींद्र सिंह हाड़ा ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना की शुरुआत नवंबर 2025 में सिर्फ 15 जरूरतमंद महिलाओं के साथ की गई थी, जिसका दायरा धीरे-धीरे बढ़कर अब 51 महिलाओं तक पहुंच चुका है। संस्था का मकसद सिर्फ नकद पैसे देना ही नहीं, बल्कि महिलाओं को खुद के पैरों पर खड़ा करना भी है। इसी दिशा में काम करते हुए अक्टूबर 2025 से लेकर अब तक कुल 30 महिलाओं को सिलाई मशीनें बांटी जा चुकी हैं, ताकि वे सिलाई और कढ़ाई का काम सीखकर अपनी आजीविका का एक स्थायी जरिया तैयार कर सकें।
रक्षासूत्र बांधकर महिलाओं ने जताया आभार
कार्यक्रम के समापन पर लाभ पाने वाली महिलाओं ने इस नेक काम के लिए समाज सारथियों की कलाई पर रक्षासूत्र यानी राखी बांधकर अपनी कृतज्ञता और आभार प्रकट किया। इस पूरे आयोजन के दौरान लोकेंद्र सिंह राजावत समेत समाज के कई गणमान्य लोग और समाजसेवी मौजूद रहे। कोटा में किसी सामाजिक संस्था द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा मुहैया करा रहा है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर समाज के सामने एक सकारात्मक मिसाल भी पेश कर रहा है।



















