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उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले मायावती की महिलाओं को चेतावनी, लुभावने वादों और मुफ्त की घोषणाओं से दूर रहने की सलाहउत्तर प्रदेश
31 अग॰ 2026, 3:10 pm (1 घंटे पहले)· 3

उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले मायावती की महिलाओं को चेतावनी, लुभावने वादों और मुफ्त की घोषणाओं से दूर रहने की सलाह

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर महिला मतदाताओं से अपील की है कि वे निजी लाभ के लुभावने वादों और चुनावी घोषणाओं के झांसे में न आएं। साथ ही, उन्होंने पार्टी संगठन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए नेपाल की बाढ़ और राज्य के हालातों पर भी चिंता जताई।

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच महिला मतदाताओं को लेकर एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने महिलाओं से स्पष्ट रूप से कहा है कि वे राजनीतिक दलों द्वारा चुनावी फायदे के लिए दिए जाने वाले लुभावने वादों और प्रलोभनों से पूरी तरह दूर रहें। उनके अनुसार, इस तरह के हथकंडों का इस्तेमाल चुनावों को अनुचित तरीके से प्रभावित करने के लिए किया जाता है। राजनीतिक गलियारों में इस चेतावनी को समाजवादी पार्टी द्वारा हाल ही में किए गए उस ऐलान से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें गरीब और वंचित परिवारों की महिलाओं के बैंक खातों में हर साल सीधे 40,000 रुपये भेजने के साथ-साथ मुफ्त लैपटॉप, साइकिल और मोबाइल फोन देने का वादा किया गया है।

उम्मीदवारों के चयन और सांगठनिक तैयारियों की समीक्षा

इस बीच, मायावती ने उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के जिलाध्यक्षों, मंडल प्रभारियों और पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी की ओर से उतारे जाने वाले उम्मीदवारों के चयन की प्रगति और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की बेहद बारीकी से समीक्षा की गई। बहुजन समाज पार्टी प्रमुख ने कार्यकर्ताओं को यह सख्त निर्देश दिए कि वे विरोधी राजनीतिक दलों के खुलेआम चल रहे छलावे और जनता के साथ किए जा रहे विश्वासघात के बारे में आम नागरिकों को जागरूक करें। उनका मानना है कि ऐसा करने से मतदाता किसी भी दबाव या प्रलोभन में आए बिना पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।

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जेन-जी और जेन-अल्फा युवाओं के संघर्ष का जिक्र

युवा पीढ़ी के मुद्दों पर बात करते हुए मायावती ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में चुनाव जीतने के बाद सरकारें लगातार अपने वादों से मुकर रही हैं और जनता के साथ विश्वासघात कर रही हैं। जनहित और जनकल्याण के प्रति इस प्रकार की गैर-जिम्मेदाराना रवैये के खिलाफ बहुजन समाज पार्टी लगातार संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में 'जेन-जी' और 'जेन-अल्फा' पीढ़ी के युवा भी इस तरह के जनविरोधी रवैये और सरकारी नीतियों के खिलाफ खुलकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। इसके परिणाम स्वरूप इन युवाओं को पुलिस मामलों और अन्य प्रकार के सरकारी दमन का सामना करना पड़ रहा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।

भारतीय जनता पार्टी सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार

सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश की आम जनता महंगाई, भयंकर गरीबी, बेरोजगारी और लगातार हो रहे पलायन की वजह से गहरे संकट में है और बुरी तरह परेशान है। सरकार की ओर से लाई जाने वाली योजनाएं और घोषणाएं जनता के लिए 'ऊंट के मुंह में जीरा' साबित हो रही हैं, जिससे आम आदमी को कोई खास राहत नहीं मिल पा रही है। इसके साथ ही, उन्होंने पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि बसपा संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर आगामी 09 अक्टूबर को लखनऊ स्थित 'मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल' पर आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम को पूरी निष्ठा, अनुशासन और भव्यता के साथ संपन्न कराया जाए।

नेपाल की बाढ़ और उत्तर प्रदेश के हालात पर चिंता

पड़ोसी देश नेपाल में आई भीषण बाढ़ के कारण हुए भारी जान-माल के नुकसान पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख ने गहरा दुख व्यक्त किया है। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार दोनों से यह पुरजोर अपील की है कि वे प्रभावित लोगों को तुरंत राहत पहुंचाई जाए और उनकी हरसंभव मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते पुख्ता कदम नहीं उठाए गए, तो पूर्वांचल के मेहनतकश लोगों का जीवन और अधिक संकटमय व कठिन हो जाएगा। इससे पहले मायावती ने यह भी घोषणा की थी कि बहुजन समाज पार्टी पंजाब विधानसभा चुनाव बिना किसी गठबंधन के अपने दम पर लड़ेगी।

सवाल-जवाब

मायावती ने महिला मतदाताओं से किस बात की अपील की है?
मायावती ने महिला मतदाताओं से निजी लाभ वाले लुभावने वादों और चुनावी घोषणाओं से दूर रहने की अपील की है।
मायावती का यह बयान किस पार्टी की घोषणा के संदर्भ में देखा जा रहा है?
यह बयान समाजवादी पार्टी द्वारा महिलाओं के खाते में हर साल 40,000 रुपये और मुफ्त सामान देने की घोषणा के संदर्भ में देखा जा रहा है।
बसपा प्रमुख ने हाल ही में किस बैठक की अध्यक्षता की?
उन्होंने उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के जिलाध्यक्षों और वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
मायावती ने किन युवा पीढ़ियों के संघर्ष का जिक्र किया है?
उन्होंने 'जेन-जी' और 'जेन-अल्फा' पीढ़ी के युवाओं के संघर्ष और उनके सामने आ रही प्रशासनिक कठिनाइयों का जिक्र किया है।
कांशीराम की पुण्यतिथि का मुख्य कार्यक्रम कहां आयोजित होगा?
यह कार्यक्रम 09 अक्टूबर को लखनऊ के 'मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल' में आयोजित किया जाएगा।
मायावती ने पंजाब चुनाव को लेकर पहले क्या घोषणा की थी?
उन्होंने ऐलान किया था कि बसपा पंजाब विधानसभा चुनाव बिना किसी गठबंधन के अपने दम पर लड़ेगी।
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·41 मिनट पहले

चुनावी वादों और मुफ्त की घोषणाओं पर मायावती की यह चेतावनी राज्य की राजनीति में मुफ्त की रेवड़ी संस्कृति पर चल रही बहस को और तेज करती है। राजनीतिक दलों द्वारा महिलाओं को सीधे आर्थिक लाभ देने की होड़ के बीच, बसपा प्रमुख का यह रुख मतदाताओं को लुभाने वाले हथकंडों के खिलाफ एक रणनीतिक दांव है। आगामी चुनावों में यह देखना अहम होगा कि क्या यह अपील पारंपरिक वोटबैंक को साधने में मददगार साबित होती है या पार्टियों के बड़े वादों के सामने कमजोर पड़ जाती है।

Rohan Verma@rohan-verma·41 मिनट पहले

यह स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश के चुनावी मैदान में सीधी नकद सहायता और मुफ्त उपहारों की राजनीति अब मुख्यधारा बन चुकी है। बसपा का यह संदेश न केवल महिलाओं को लुभाने वाले वादों पर सवाल खड़े करता है, बल्कि पार्टी के कैडर बेस को यह समझाने की कोशिश भी है कि कल्याणकारी दावों और ज़मीनी हकीकत में भारी अंतर है। हालांकि, महंगाई और बेरोजगारी के इस दौर में मुफ्त योजनाओं के आकर्षण से मतदाताओं को दूर रखना किसी भी विपक्षी दल के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होगा।

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